जिस देश में बचपन नदी हैंडपंप कुआं का पानी पीकर बीता हो, जिस देश में पानी को अमृत माना जाता हो,

जिस देश में बचपन नदी हैंडपंप कुआं का पानी पीकर बीता हो, जिस देश में पानी को अमृत माना जाता हो, उस देश में बड़ी-बड़ी मल्टी नेशनल कंपनी ने ऐसा नॉरेटिव सेट किया कि अगर हम हैंडपंप नल कुआं नदी का पानी पीते हैं तो उसमें कीटाणु रहते हैं हम बीमार हो जाएंगे हम मर जाएंगे धीरे-धीरे इस मल्टीनेशनल कंपनियों ने ऐसा मायाजाल बिछाया की अब गांव में भी पानी बिकता है बड़ी-बड़ी कंपनियों का पानी बिकता है अब लोग हैंड पंप में पानी पीना अपनी शान के खिलाफ समझते हैं उनके मन में डर बैठ गया है कि कुआं हैंडपंप नल का पानी पियेंगे तो बीमार हो जाएंगे ,
असल में विज्ञापन का इतना गहरा प्रभाव हमारे सबके मन में भर गया की पानी प्रदूषित हो गई विज्ञापन में इस तरीके से दिखाया जाता है कि पानी में बहुत सारे कीटाणु है जो आपको बीमार कर देंगे और हम अपनी संस्कृति से बहुत दूर होते चले गए अब कुवे भी सुख गए हैं और विलुप्त हो रहे हैं, गांव शहर में अब पानी देने वाले मिलते नहीं अब पानी खरीदना पड़ता है जिस देश की संस्कृति हुआ करती थी बिना मांगे पानी दिया जाता है वहां पानी खरीदना पड़ता है बहुत कुछ बदल गया मेरे देश में बहुत दूर चले गए हम, आधुनिक बन गए हम.
