पैर दबवाने वाली टीचर और स्कूल प्रिंसिपल को नोटिस

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राजधानी के गांधीनगर स्थित शासकीय महात्मा गांधी उच्चतर माध्यमिक स्कूल में एक महिला शिक्षक का छात्र से पैर दबवाने का वीडियो वायरल होने के बाद मामला तूल पकड़ लिया गया है। सोशल मीडिया पर रविवार को पूरे दिन चर्चा में रहे इस वीडियो पर सोमवार को जिला शिक्षा अधिकारी ने संज्ञान लेते हुए संबंधित टीचर और स्कूल प्रिंसिपल दोनों को नोटिस जारी कर दिया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है। जिसे तीन दिन में रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

कक्षा 4 में महिला टीचर बच्चे से पैर दबवाते नजर आईं यह वीडियो गांधीनगर स्थित शासकीय महात्मा गांधी उ.मा.वि. का है। लंच ब्रेक के बाद जब अधिकांश कक्षाओं में बच्चे शांत होकर पढ़ाई कर रहे थे, तभी कक्षा 4 से शोरगुल की आवाज आ रही थी। यह स्कूल की एकमात्र कक्षा है, जहां बच्चे जमीन पर बैठते हैं। यहां महिला शिक्षक अनीता श्रीवास्तव कुर्सी पर बैठी थीं, उनका एक पैर सामने रखी दूसरी कुर्सी पर था, जिसे उसी कक्षा का एक छात्र दबा रहा था। स्कूल के अन्य शिक्षकों के अनुसार, ऐसी घटना यहां पहले भी हो चुकी है, इसलिए उन्हें यह नया नहीं लगा।

वीडियो गांधीनगर स्थित शासकीय महात्मा गांधी उ.मा.वि. का है।
वीडियो गांधीनगर स्थित शासकीय महात्मा गांधी उ.मा.वि. का है।

सफाई देते ​​​​​हुए ​​टीचर बोलीं- गेट पर गड्ढे में पैर मुड़ गया था

महिला शिक्षक अनीता श्रीवास्तव ने सफाई देते हुए कहा था कि क्लास में प्रवेश करते समय गेट पर टूटी टाइल से बने गड्ढे में मेरा पैर मुड़ गया। बच्चों ने मुझे संभालकर कुर्सी पर बैठाया और एक बच्चा प्रेमभाव से पैर दबाने लगा ताकि दर्द कम हो सके।

प्रिंसिपल का जवाब स्कूल प्रिंसिपल ए.पी. सिंह ने कहा कि घटना के समय वे एक अन्य सरकारी कार्य की जांच में बाहर थे और इसके सबूत के तौर पर उन्होंने वीडियो व जीपीएस अटैच फोटो भी दिए हैं। उनकी अनुपस्थिति में चार्ज हेड मास्टर आर.के. खीर के पास था।

उन्होंने कहा, मुझे नहीं पता कि मेरे खिलाफ नोटिस क्यों जारी हुआ। जांच कमेटी गठित कर दी गई है और रिपोर्ट 3 दिन में जिला शिक्षा अधिकारी को सौंप दी जाएगी। संबंधित टीचर से भी जवाब मांगा गया है।

कार्रवाई होना तय जिला शिक्षा अधिकारी एनके अहिरवार ने स्पष्ट किया है कि तीन दिन में मिलने वाली रिपोर्ट के आधार पर दोषियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। मामला केवल अनुशासन का नहीं बल्कि शिक्षक-छात्र संबंध की गरिमा और सरकारी स्कूलों की छवि से भी जुड़ा है।

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