इंदौर संभाग में सूखे जैसी स्थिति, सबसे कम पानी गिरा

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मानसूनी सीजन को करीब ढाई महीना बीतने को है। मध्यप्रदेश में अब तक औसत 29.3 इंच बारिश हो चुकी है, जो कोटे की 79 प्रतिशत है। ग्वालियर समेत 10 जिलों में बारिश का कोटा पूरा हो चुका है, जबकि इंदौर संभाग के 8 में से 6 जिलों में सूखे जैसी स्थिति है। उज्जैन संभाग भी पिछड़ा है। दूसरी ओर, ग्वालियर, जबलपुर संभाग की तस्वीर सबसे बेहतर है। भोपाल में आधी से ज्यादा बारिश हो चुकी है।

मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के 10 जिले- ग्वालियर, राजगढ़, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मुरैना और श्योपुर में बारिश का कोटा पूरा हो गया है। इनमें से कुछ जिले ऐसे भी हैं, जहां आंकड़ा डेढ़ सौ प्रतिशत तक पहुंच गया है। हालांकि, अगस्त का पहला पखवाड़ा सूखा ही बीत रहा है। कुछ जिलों को छोड़ दें तो प्रदेश के बाकी हिस्से में तेज बारिश नहीं हुई है। दूसरे पखवाड़े में ही तेज बारिश होने के आसार है।

बता दें कि प्रदेश में 16 जून को मानसून ने आमद दी थी। तब से अब तक औसत 29.3 इंच बारिश हो चुकी है। अब तक 22.5 इंच पानी गिरना था। इस हिसाब से 6.8 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। मौसम विभाग ने अबकी बार सामान्य से अधिक बारिश होने का अनुमान जताया है। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37 इंच है।

ग्वालियर, चंबल-सागर सबसे बेहतर एमपी में जब से मानसून एंटर हुआ, तब से पूर्वी हिस्से यानी, जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में तेज बारिश हुई है। यहां बारिश के स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव रहे। छतरपुर, मंडला, टीकमगढ़, उमरिया समेत कई जिलों में बाढ़ आ गई। इसके अलावा ग्वालियर-चंबल में भी मानसून जमकर बरसा है। इस वजह से 10 जिलों में कोटे से ज्यादा पानी गिर गया। इनमें ग्वालियर-चंबल संभाग के 8 में से 6 जिलों में कोटा पूरा हो चुकी है। 4 जिले सागर और भोपाल संभाग के है।

दूसरी ओर, इंदौर और उज्जैन संभाग में सिस्टम की एक्टिविटी कम देखने को मिलीं। इस वजह से दोनों संभाग के 15 में से 9 जिलों में कोटे की आधी बारिश भी नहीं हुई है।

गुना में सबसे ज्यादा 46 इंच पानी गिरा इस बार सबसे ज्यादा पानी गुना में गिरा है। यहां करीब 46 इंच बारिश हो चुकी है। मंडला में 44.1 इंच, टीकमगढ़ में करीब 44.2 इंच, निवाड़ी में 45.2 इंच और अशोकनगर में 42.1 इंच बारिश हो चुकी है।

इन जिलों की अच्छी-बुरी स्थिति राजगढ़, रायसेन, विदिशा, जबलपुर, नरसिंहपुर, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, सागर, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, श्योपुर, रीवा, सिंगरौली, सीधी, नर्मदापुरम, उमरिया में 30 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है। इंदौर में सबसे कम 11 इंच, बुरहानपुर में 11.2 इंच, बड़वानी में 11.5 इंच, खरगोन में 11.9 इंच ओर खंडवा में 12.8 इंच पानी ही गिरा है।

डैम ओवरफ्लो हुए अब तक हुई बारिश की वजह से कई डैम ओवरफ्लो हो गए हैं। भोपाल के बड़ा तालाब, केरवा-कलियासोत डैम में भी पानी आया है। बड़ा तालाब सिर्फ ढाई फीट ही खाली है। हालांकि, पिछले साल जुलाई में ही कई डैमों के सभी गेट खुल गए थे। इस बार भी जौहिला, बरगी, इंदिरासागर, बारना, अटल सागर, सुजारा, सतपुड़ा, तवा समेत कई डैम के गेट खुल चुके हैं। कुल 54 बड़े डैमों में अच्छा पानी आ चुका है।

ऐसे समझें बारिश का गणित…

40 इंच से ज्यादा बारिश वाले जिले

  • गुना, रायसेन, मंडला, शिवपुरी, अशोकनगर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी और श्योपुर।

30 इंच से ज्यादा बारिश वाले जिले

  • नर्मदापुरम, सिंगरौली, सीधी, रीवा, पन्ना, सागर, ग्वालियर, डिंडौरी, बालाघाट, नरसिंहपुर, राजगढ़ और विदिशा।

20 से 30 इंच तक बारिश वाले जिले

  • भोपाल, सीहोर, अलीराजपुर, झाबुआ, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, दतिया, दमोह, रतलाम, नीमच, भिंड, मुरैना, हरदा, बैतूल, शहडोल और अनूपपुर।

10 से 19 इंच बारिश वाले जिले

  • इंदौर, धार, बड़वानी, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, देवास, शाजापुर, मंदसौर और आगर-मालवा।

मध्यप्रदेश में कैसा रहेगा यह सप्ताह सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार, 13 अगस्त से नया सिस्टम एक्टिव हो रहा है। जिसकी एक्टिविटी प्रदेश में भी देखने को मिलेगी। इससे एक बार फिर से प्रदेश में तेज बारिश का दौर शुरू हो सकता है।

5 बड़े शहरों में ऐसा रहेगा मौसम

  • भोपाल: अगस्त के दूसरे सप्ताह में भी तेज बारिश नहीं हुई। इस वजह से आंकड़ा 28 इंच पर ही थमा हुआ है। हालांकि, कोटे की 70 प्रतिशत बारिश हो चुकी है। इस सप्ताह तेज बारिश होने का अनुमान है। संभाग के रायसेन में सबसे ज्यादा 41 इंच बारिश हो चुकी है। इससे यहां की बारिश का कोटा भी पूरा हो गया है। सीहोर, राजगढ़, विदिशा में भी बारिश का आंकड़ा बढ़ गया है।
  • इंदौर: बारिश के मामले में इंदौर अभी पिछड़ा हुआ है। इंदौर में सबसे कम 11 इंच पानी ही गिरा है। संभाग के बड़वानी, बुरहानपुर और खरगोन में 12 इंच से कम बारिश हुई है। पूरे संभाग में ही तेज बारिश की दरकार है।
  • जबलपुर: एक सप्ताह से यहां भी तेज बारिश का दौर नहीं रहा। इस कारण आंकड़े में ज्यादा बढ़ोतरी नहीं हुई। जबलपुर में 30.8 इंच से ज्यादा पानी गिरा है। इस मानसून छिंदवाड़ा को छोड़ बाकी जिलों में ज्यादा पानी गिरा है। मंडला में 44.1 इंच बारिश हो चुकी है।
  • उज्जैन: इंदौर की तरफ ही उज्जैन संभाग में भी सूखे की स्थिति बन रही है। यहां मानसून की मेहरबानी कम देखने को मिल रही है। उज्जैन में 14 इंच पानी गिरा है। वहीं, शाजापुर में 14.4 इंच बारिश हुई है। आगर-मालवा में भी 19.9 इंच पानी गिरा है। रतलाम-नीमच में ही आंकड़ा 22 इंच से ज्यादा है।
  • ग्वालियर: ग्वालियर संभाग में अच्छी बारिश हुई है। संभाग के 5 में से 4 जिले- ग्वालियर, शिवपुरी, गुना और अशोकनगर में सीजन की बारिश का कोटा पूरा हो चुका है। शिवपुरी में 31 प्रतिशत पानी ज्यादा गिर चुका है, जबकि इंच के हिसाब से गुना में सबसे ज्यादा 45.9 इंच बारिश हो चुकी है।

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