MP में युवा अग्निवीर से नाराज; जानिए सरकारी योजनाओं का चुनाव पर कितना असर
राजगढ़ जिले के ब्यावरा से महज 5 किमी दूर गांव है खुरी टापरी। यहां 70 साल की भंवरी बाई अपने बेटे-बहू और पोते के साथ झोपड़ी में रहती हैं। धुएं के गुबार से घिरी बहू दुर्गा बाई चूल्हे पर खाना बना रही है। क्या उज्ज्वला योजना में सिलेंडर नहीं मिला? जवाब- सिलेंडर तो मिला, मगर भरवा नहीं पाए।
दुर्गा की सास भंवरी बाई झोपड़ी के पक्के मकान में तब्दील नहीं होने से नाराज हैं। राजगढ़ लोकसभा क्षेत्र के ही चाचौड़ा में रहने वाली सुशीला बाई सरकारी योजनाओं के बारे में पूछते ही अपनी कुटी (पीएम आवास योजना के तहत बना मकान) और सिलेंडर दिखाने लगती हैं। वे कहती हैं- लाड़ली बहना का पैसा मिलता है, उससे सिलेंडर भरवाती हूं।
राजगढ़ के साथ गुना, विदिशा, भोपाल, मुरैना, ग्वालियर, भिंड, सागर और बैतूल लोकसभा सीट पर तीसरे चरण में 7 मई को वोटिंग होगी। दैनिक भास्कर ने इन लोकसभा क्षेत्रों में पहुंचकर वोटर्स से बात की और समझा कि सरकारी योजनाओं का चुनाव में क्या असर है? वोटर इनकी कितनी चर्चा कर रहे हैं और योजनाओं के आधार पर वोट देंगे या नहीं?

वोटर्स से बातचीत में ये 4 बातें सामने आईं…
- लोगों को सरकारी योजनाओं के बारे में पता है। महिलाएं लाड़ली बहना, पीएम आवास योजना और उज्ज्वला के बारे में जानती हैं।
- जिन लोगों को योजनाओं का फायदा मिला है, वे मोदी सरकार की तारीफ करते नहीं थकते।
- जिन्हें योजनाओं का अधूरा फायदा मिला उन्हें भरोसा है कि भविष्य में फायदा इसी सरकार में मिलेगा।
- वो लोग बेहद नाराज हैं, जिन्हें योजनाओं का बिल्कुल भी फायदा नहीं मिला।

अब लोकसभा क्षेत्रवार बताते हैं कि कैसा है इन योजनाओं का असर
विदिशा में किसान परेशान, भोपाल में योजनाओं का मिला-जुला असर
विदिशा कृषि उपज मंडी में बीरमखेड़ी से फसल बेचने आए महबूब खान कहते हैं कि परिवार में सिर्फ लाड़ली बहना योजना का फायदा मिल रहा है। सियासी गांव से आए ओमप्रकार राठौर एमएसपी न बढ़ने से नाराज हैं।
वे कहते हैं- सरकार ने दावा किया था कि समर्थन मूल्य 2700 रुपए किया जाएगा। अब भी प्रति क्विंटल 2275 रुपए के हिसाब से ही गेहूं खरीदा जा रहा है। समर्थन मूल्य पर 125 रुपए का बोनस मिलेगा या नहीं, यह भी पता नहीं है।

बैरसिया के ग्राम लालूखेड़ी की नन्नी बाई के बैंक खाते में लाड़ली बहना योजना के 1250 रुपए हर महीने जमा हो रहे हैं। उसे उज्ज्वला गैस योजना का फायदा भी मिल रहा है, लेकिन पीएम आवास योजना का मकान नहीं मिला। मतदान को लेकर वह कहती है कि फिलहाल नहीं बता सकती कि किस मुद्दे पर वोट करूंगी।
इसी गांव के विनोद मीणा को प्रधानमंत्री आवास और उज्ज्वला गैस योजना का फायदा मिल रहा है। वे कहते हैं कि सरकार ने गरीबों को मकान देकर उनके सिर पर छत देने का काम किया है।

सागर में नल-जल योजना पूरी न होने से नाराजगी, बैतूल में लोग खुश
सागर के नरियावली विधानसभा क्षेत्र के सापट गांव के रूपेश पवार कहते हैं कि गांव में किसी भी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। यहां न तो प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिला और न ही शौचालय बना। वे कहते हैं कि पानी का संकट सबसे ज्यादा है। एक हैंडपंप करीब 1 हजार की आबादी का सहारा है।
सिरोंज के खेजरा मिश्र गांव के बुंदेर सिंह भी पानी के संकट को गंभीर समस्या मानते हैं। वे कहते हैं कि यहां नल-जल योजना को शुरू हुए 7 साल हो गए, लेकिन अभी तक पूरी नहीं हुई।

खुरई बस स्टैंड पर बांस की टोकरी बेचने वाली गीता बाई यादव कहती हैं कि उन्हें किसी योजना का फायदा नहीं मिल रहा है। पेंशन के 600 रुपए मिलते थे, लेकिन 6 महीने से यह भी बंद है। कोई हमें खाने के लिए दे या नहीं, लेकिन देश के प्रति फर्ज है तो वोट देंगे।
वहीं, बीना में सड़क किनारे फल का ठेला लगाने वाले शिवराम कुशवाहा सरकारी योजनाओं से संतुष्ट हैं। वे कहते हैं बेटी को छात्रवृत्ति मिल रही है। लाड़ली बहना योजना का लाभ भी मिल रहा है।
बैतूल लोकसभा सीट पर मोदी फैक्टर हावी है। यहां रहने वाली संतोषी बाई कहती हैं कि योजनाओं का फायदा मिल रहा है। वहीं, जितेंद्र पेशवानी कहते हैं कि पुरुषों को तो किसी योजना का लाभ नहीं है। कासम खान इस बात से नाराज हैं कि कुछ ही लोगों को योजनाओं का फायदा मिल रहा है।

भिंड-मुरैना में जिन्हें लाभ मिला वे खुश, ग्वालियर में अग्निवीर से नाराजगी
मुरैना लोकसभा में आने वाली सबलगढ़ विधानसभा में पूर्व पार्षद राममंद कुशवाहा कहते हैं कि भाजपा सरकार में लोगों को सभी योजनाओं का लाभ मिल रहा है। लोग प्रत्याशी को नहीं देख रहे हैं। उन्हीं के पास खड़े रवि कुमार गुस्से में कहते हैं- सरकार नौकरी दे नहीं पा रही है, तो योजनाओं का लाभ लेकर क्या करेंगे। वे कहते हैं कि बीएड कर चुका हूं और मजदूरी करता हूं।
जौरा के पवन सवाल करते हैं कि बीजेपी के अलावा कोई पार्टी है क्या? पवन की बात पर बेलदारी का काम करने वाले हरिओम शाह कहते हैं कि मुझे किसी योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। मुरैना से आगे नायकपुरा गांव से पहले एक खेत में काम करते हुए मिले राजवीर सिंह गुर्जर कहते हैं कि मोदी सरकार में किसानों के लिए सम्मान निधि से लेकर बहुत सी योजनाएं चल रही हैं और इसका फायदा मिल रहा है।

भिंड लोकसभा के डांग सरकार गांव में तीन कैटेगरी के लोग मिले। एक जिन्हें योजना का लाभ मिल रहा है, दूसरे वो जिन्हें किसी योजना का लाभ नहीं मिला। तीसरे वो जिन्हें अधूरा फायदा मिला, लेकिन वो मोदी के साथ है।
इसी गांव के सलीम खान दूसरी कैटेगरी में आते हैं। किसी योजना का फायदा नहीं मिला तो नाराज हैं। ऐसा ही कुछ कहना मनीष का भी है, जिसे लाड़ली बहना के अलावा कुछ नहीं मिल रहा है।
गांव में रहने वाली मीना पहली कैटेगरी में आती है। उन्हें लाड़ली बहना, आयुष्मान योजना और राशन मिल रहा है। वोट देने के सवाल पर कहती हैं कि सुविधा तो मिल रही है, लेकिन वोट देने के बारे में कुछ तय नहीं किया है।

इससे आगे आदिवासी टोला है। यहां आदिवासियों के लिए मकान बन रहे हैं। शौचालय भी बन रहे हैं। राशन मिलने के अलावा, सभी को लाड़ली बहना का पैसा मिल रहा है। आयुष्मान कार्ड भी बना है। पानी की टंकी से पानी की सप्लाई भी मिल रही है।
इसी टोले की रामकुमारी कहती हैं कि गिट्टी वाले खदान में जाती हूं, तो एक ट्राली भरने पर 500 रुपए मजदूरी मिलते हैं। एक दिन भिंड कलेक्टर आए और इसके बाद आवास बनने शुरू हो गए।

ग्वालियर के कैंसर पहाड़ी पर सुबह के वक्त युवाओं का हुजूम है। ये सभी पुलिस भर्ती की तैयारी में जुटे हैं। इनसे जब योजनाओं के बारे में पूछा तो पुलिस भर्ती की तैयारी कर रही नैंसी गुप्ता ने अग्निवीर योजना को लेकर नाराजगी जाहिर की। बोलीं- पहले सेना में भर्ती को लेकर भविष्य सुरक्षित होने की गारंटी थी, अब ये योजना ऐसी गारंटी नहीं देती।
कहती हैं- सात महीने से पुलिस भर्ती की तैयारी कर रही हूं। कोई नेता रोजगार की बात नहीं करता। नैंसी के साथ मौजूद दूसरे युवकों का भी ऐसा ही दर्द छलका। बोले कि 3 साल से एसआई की भर्ती नहीं हुई। सरकारों का चुनाव और रिजल्ट तो टाइम से आ जाता है। देश सिर्फ सुप्रीम कोर्ट के आदेश से चल रहा है। युवा इस सरकार में हताश हैं।

हालांकि, ग्वालियर पड़ाव की रहने वाली किरन बोहरा का तर्क जुदा है। कहती हैं कि प्राइवेट नौकरी कोई करना नहीं चाहता है। सब सरकारी नौकरी के पीछे पड़े हैं। सरकारी नौकरी हर किसी को तो नहीं मिल सकती। बीजेपी सरकार में विकास हो रहा है, तो इसका फायदा उसे मिलेगा। कांग्रेस के समय में ऐसी कोई योजनाएं ही नहीं थी।
ग्वालियर शहर के ही ओम प्रकाश शर्मा कहते हैं कि स्कीम्स तो सरकारें सत्ता पाने के लिए बनाती रहती हैं, पर ये चुनाव देश हित का है। देश सुरक्षित हाथों में है।

गुना : पीएम आवास, राशन और लाड़ली बहना का असर
गुना लोकसभा में पीएम आवास, राशन और लाड़ली बहना का असर साफ दिख रहा है। शिवपुरी शहर से पहले हाईवे किनारे खठमी गांव है। गांव के साहब सिंह कहते हैं कि हमारी बस्ती में लाड़ली बहना सहित शासन की सभी योजनाओं का लाभ मिल रहा है।
पास में बैठे अजब सिंह भी हां में हां मिलाते हैं। कहते हैं कि आवास, उज्ज्वला गैस, लाड़ली बहना के चलते अधिकतर लोग महाराज (भाजपा प्रत्याशी ज्योतिरादित्य सिंधिया) को वोट देंगे।

आगे बढ़ने पर शिवपुरी शहर में चौराहे पर मजदूरी के इंतजार में खड़े घनश्याम कहते हैं कि मोदी की वजह से हम गरीबों को सभी योजनाओं का लाभ मिल रहा है। इस वजह से वोट भी मोदी को देंगे। कांग्रेस को क्यों नहीं के सवाल का उत्तर पास में बैठे रघुवर दास देते हैं।
कहते हैं कि कांग्रेस वाले कहां से कुछ देंगे। कहां बैठे हैं, जो दे देंगे। महंगाई पर कहते हैं कि पहले 2 रुपए मजदूरी थी, अब 500 रुपए मिल रही है। फिर किस बात की महंगाई है।

गुना न्यू सिटी कॉलोनी निवासी उत्तम सिंह रघुवंशी भाजपा-कांग्रेस का अंतर और अधिक स्पष्ट करते हैं। कहते हैं कि इस सरकार की स्कीम का लाभ लोगों को मिल रहा है। इसी वजह से भाजपा को चुनाव में फायदा होगा। मध्यप्रदेश के पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने कहा था कि 2 लाख किसानों का कर्ज माफ करेंगे, नहीं किया। फिर कैसे कोई विश्वास करेगा।

