अमिताभ बच्चन को ठगने वाले जामताड़ा में BJP या JMM

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बात 2016 की है। अमिताभ बच्चन के पर्सनल फोन पर कॉल आया। कॉल रिसीव करने पर दूसरी तरफ से आवाज आई- नमस्ते सर, मैं आपके बैंक का मैनेजर बोल रहा हूं। आपके ATM की लिमिट एक्सपायर होने वाली है। हमें इसे अपडेट करना होगा, वरना कार्ड ब्लॉक हो जाएगा।

अमिताभ से बात करते हुए उस शख्स ने पहले उनकी ATM ID और फिर पिन नंबर रिकवर कर लिए। फोन कटने के कुछ ही देर बाद अमिताभ के बैंक अकाउंट से 5 लाख रुपए कट गए।

अमिताभ ने अपने साथ हुए साइबर फ्रॉड की शिकायत पुलिस से की। जांच हुई तो पता चला कि बिग-बी के साथ हुई ठगी के तार झारखंड के जामताड़ा से जुड़े हैं। उनके साथ वहां के सबसे बड़े साइबर ठग सीताराम मंडल और उसके दोस्त विकास मंडल ने फ्रॉड किया था। अमिताभ ने खुद इस घटना का जिक्र KBC शो के दौरान किया था।

सीताराम मंडल ने जामताड़ा में अपने घर से फेक कॉल के जरिए अभिनेता अमिताभ बच्चन से ठगी की थी। 17 जनवरी 2018 को पहली बार पुलिस ने सीताराम को अरेस्ट किया था।
सीताराम मंडल ने जामताड़ा में अपने घर से फेक कॉल के जरिए अभिनेता अमिताभ बच्चन से ठगी की थी। 17 जनवरी 2018 को पहली बार पुलिस ने सीताराम को अरेस्ट किया था।

साइबर क्राइम का गढ़ कहे जाने वाले जामताड़ा में 20 नवंबर को वोटिंग होनी है। BJP ने यहां शिबू सोरेन की बड़ी बहू सीता सोरेन को उतारा है। उनका मुकाबला कांग्रेस के मौजूदा MLA इरफान अंसारी से है। BJP यहां घुसपैठ का मुद्दा उठा रही है। लोगों की शिकायत है कि जिस साइबर फ्रॉड की वजह से जामताड़ा बदनाम है, वो मुद्दा क्यों नहीं है।

जामताड़ा को चुनाव आयोग भी हल्के में नहीं ले रहा। यहां वोटिंग से पहले हर संदिग्ध बैंक अकाउंट और बड़े लेनदेन पर नजर रखी जा रही है। गांवों में CRPF के जवान तैनात हैं और ड्रोन से निगरानी की जा रही है।

यहां लोगों में डिजिटल ठगी का इतना खौफ है कि होटल पहुंचते ही रिसेप्शन पर हमें आगाह किया गया। यहां न QR से पेमेंट कीजिएगा और न ही रिसीव कीजिएगा। अगर ऐसा किया तो आपका अकाउंट हमेशा के लिए ब्लॉक किया जा सकता है। ये बात बोलते हुए होटल मैनेजर मनोज मुस्कुराते हैं और हमसे कहते हैं…जामताड़ा में आपका स्वागत है।

शुरुआत जामताड़ा के सबसे बदनाम ‘करमाटांड़’ में चुनावी माहौल से जामताड़ा से 17 किलोमीटर दूर है करमाटांड़। ये झारखंड का बॉर्डर वाला इलाका है। इसकी सीमा पश्चिम बंगाल से सटी है। चुनाव को देखते हुए यहां बाहर से आने वाली हर गाड़ी की चेकिंग हो रही है। हर चौराहे पर CRPF कमांडो तैनात हैं। जामताड़ा के करमाटांड़ की दो पहचान है।

पहली: ये आदिवासी बाहुल्य और महान समाज सुधारक ईश्वर चंद्र विद्यासागर की कर्मभूमि है। उन्हीं की याद में करमाटांड़ स्टेशन का नाम विद्यासागर स्टेशन रखा गया है। दूसरी: करमाटांड़ झारखंड में साइबर फ्रॉड के लिए सबसे बदनाम इलाका है। ये इलाका जामताड़ा विधानसभा में आता है।

यहां का चुनावी हाल समझिए…

30% मुस्लिम वोटर्स के साथ कांग्रेस मजबूत, BJP में भितरघात का खतरा जामताड़ा में कांग्रेस मजबूत दिखती है। MLA इरफान अंसारी की सीट पर अच्छी पकड़ है। जामताड़ा में 30.10% मुस्लिम वोटर्स हैं, जिनका वोट कांग्रेस को मिलता आया है। मुस्लिम वोटर्स के बाद यहां 27.12% आदिवासी वोटर्स हैं। इन्हें अपनी तरफ लाने के लिए BJP ने सीता सोरेन को मैदान में उतारा है। जामताड़ा में सीता के लिए भितरघात भी एक चुनौती है।

BJP के बीरेंद्र मंडल लगातार यहां से चुनाव लड़ते आ रहे थे। इस बार पार्टी ने उनका टिकट काट दिया। इससे वे नाराज चल रहे हैं। ऐसे में बीरेंद्र, सीता सोरेन के खिलाफ भितरघात कर सकते हैं। CPI(M) यहां मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने की कोशिश कर रही है। चुनावी माहौल के साथ-साथ हम लोगों से यहां के साइबर ठगों की कहानियां भी सुनते चल रहे थे।

गांव के बच्चे कैसे ‘साइबर ठग’ बन गए, इसकी कहानी दिलचस्प है… जामताड़ा के सीनियर जर्नलिस्ट सिकेश कुमार मंडल बताते हैं, ‘करमाटांड़ साइबर फ्रॉड से पहले चेन और घड़ी स्नेचिंग के लिए बदनाम था। यहां चलती ट्रेन में बैठे लोगों के गले से चेन और कलाई से घड़ी छीन ली जाती थी। इसके बाद नशाखुरानी का धंधा होने लगा। अब ये क्राइम डिजिटल ठगी में बदल चुका है।‘

जामताड़ा पुलिस रिकॉर्ड्स के मुताबिक, यहां साइबर ठगी की शुरुआत 2011 में हुई। सिंदरजोरी गांव के सीताराम मंडल को साइबर फ्रॉड का पहला क्रिमिनल माना जाता है। उसने फर्जी कॉल से इस धंधे की शुरुआत की। वो बैंक मैनेजर बनकर लोगों को अकाउंट ब्लॉक होने का डर दिखाता था। इसके बाद खाते की डिटेल और CVV नंबर हासिल कर अकाउंट साफ कर देता था।

पुलिस के मुताबिक, इस धंधे में आने से पहले वो मुंबई में एक मोबाइल रिचार्ज की दुकान में काम करता था। वहीं से उसने फर्जी सिम के इस्तेमाल से ठगी करनी सीखी। 28 साल का सीताराम तब सुर्खियों में आया, जब उसका नाम अमिताभ बच्चन से ठगी के मामले में आया। 17 जनवरी 2018 को पहली बार पुलिस ने उसे अरेस्ट किया।

इसके बाद ये खुलासा हुआ कि सीताराम ने करमाटांड़ के आस-पास के गांवों में कई गैंग बना रखे हैं, जो यहीं से देशभर में ठगी का काम ऑपरेट करते हैं। 2019 में ये गैंग पंजाब के CM अमरिंदर सिंह की पत्नी प्रिनीत कौर से 23 लाख की ठगी कर चुके हैं। 10 साल के अंदर सीताराम और उसके गुर्गों पर झारखंड, हैदराबाद और मुंबई के अलग-अलग थानों में साइबर ठगी के केस दर्ज हो चुके थे।

करमाटांड़ में कभी झोपड़ियां थीं, आज आलीशान कोठियां हैं इलेक्शन कवरेज के दौरान हम सीताराम का घर ढूंढते हुए सिंदरजोरी पहुंचे। ये वही गांव था, जहां से बैठकर सीताराम ने देश भर में लोगों को चूना लगाया था। सिंदरजोरी पहुंचने पर नजारा बिल्कुल अलग दिखा।

ऊंची-ऊंची बिल्डिंग, घरों में लगे लोहे के गेट, दीवारों पर महंगे टाइल्स। ऐसा लग रहा था, मानो हम आदिवासी गांव में नहीं बल्कि मॉडर्न सिटी में आ गए हों। ये सभी घर साइबर ठगी से हासिल की गई ब्लैक मनी से खड़े किए गए हैं।

ये तस्वीर जामताड़ा के सिंदरजोरी गांव में बने साइबर ठग सीताराम मंडल के मकान की है।
ये तस्वीर जामताड़ा के सिंदरजोरी गांव में बने साइबर ठग सीताराम मंडल के मकान की है।

सीताराम मंडल के घर पर ताला लगा था। हमने बगल वाले मकान का दरवाजा खटखटाया, अंदर से वकील मंडल निकले। वकील सीताराम के रिश्तेदार हैं। उनसे हमने सीताराम के बारे में पूछा…

सवाल: सीताराम कहां हैं, घर बंद क्यों है? वकील: 6 महीने से सीताराम गांव नहीं आया। वो जेल से छूटकर गांव आया था, लेकिन कुछ दिन बाद दिल्ली चला गया। अब वहीं काम कर रहा है। जो पैसे मिलते हैं, उससे अपना केस लड़ रहा है।’

सवाल: सिंदरजोरी गांव इतना बदनाम क्यों है, क्या यहां के बच्चे अब भी साइबर ठगी करते हैं? वकील: केवल सिंदरजोरी में ही नहीं, जामताड़ा के हर इलाके में ये काम होता था। 2011-12 में ये चीजें सबसे ज्यादा होती थीं, लेकिन अब ये सब धीरे-धीरे खत्म हो रहा है।

लोग बोले- नेताओं की शह पर छूट जाते हैं साइबर क्रिमिनल जामताड़ा के करमाटांड़ ब्लॉक की आबादी 1.15 लाख है। लिटरेसी 58% है। यहां हिंदू वोटर्स 49% और मुस्लिम वोटर्स 43% हैं। हिंदुओं में सबसे ज्यादा मंडल समुदाय के वोटर्स हैं, जो BJP का साथ देते हैं।

करमाटांड़ बाजार में मिले मनोज कहते हैं, ‘साइबर क्राइम का बढ़ना प्रशासनिक लापरवाही है। साइबर फ्रॉड पर कोई भी नेता इसलिए बात नहीं करना चाहता, क्योंकि इन ठगों को छुड़ाने वाले भी वही होते हैं। नेताओं की शह पर ही ये सब हो रहा है।

अब बात नाला विधानसभा क्षेत्र की… यहां भी साइबर फ्रॉड का मुद्दा हावी, BJP घुसपैठ का मुद्दा उठा रही जामताड़ा के बाद साइबर फ्रॉड के लिए बदनाम ‘नाला’ विधानसभा में JMM और BJP के बीच कड़ा मुकाबला है। संथाल परगना में आने वाली नाला सीट पर 37.51% आदिवासी वोटर्स हैं। इनका बड़ा वोटर बेस JMM का साथ देता रहा है।

आदिवासी बाहुल्य सीट होने के कारण BJP यहां भी बांग्लादेशी घुसपैठ का मुद्दा उठा रही है। उत्तराखंड के CM पुष्कर सिंह धामी यहां आकर साइबर फ्रॉड में फंसे बच्चों को रोजगार दिलाने और घुसपैठ रोकने जैसे विषयों पर सभा कर चुके हैं।

इस सीट पर माधव चंद्र महतो के चुनाव लड़ने से BJP की दावेदारी मजबूत हुई है। इसका बड़ा कारण यहां का यादव वोट बैंक है। नाला में लगभग 60,000 यादव वोटर्स हैं, जो माधव चंद्र महतो को अपना नेता मानते हैं। लिहाजा, उन्हें नाला से लड़ाकर BJP ने बड़ा दांव खेला है।

यहां एक और दिलचस्प ट्रेंड BJP के पक्ष में है। झारखंड के इतिहास में अब तक किसी विधानसभा अध्यक्ष ने चुनाव नहीं जीता है। अगर ये ट्रेंड कायम रहा तो BJP मौजूदा JMM कैंडिडेट और विधानसभा अध्यक्ष रबींद्र नाथ महतो को हराकर नाला सीट अपने कब्जे में कर सकती है।

जामताड़ा की सोशल एक्टिविस्ट बबिता झा अब तक 50 से ज्यादा बच्चों को साइबर क्राइम के दलदल से बाहर निकाल चुकी हैं। बबिता नाराजगी जताते हुए कहती हैं कि जब जामताड़ा पूरे देश में साइबर ठगी के लिए बदनाम है, तो ये चुनावी मुद्दा क्यों नहीं बनता। इस क्राइम को बढ़ावा देने के पीछे वो राजनीतिक पार्टियों की अनदेखी और पुलिस की मिलीभगत को मानती हैं।

बबिता कहती हैं, ‘जामताड़ा की 18 पंचायतों में 100 से ज्यादा गांवों में साइबर ठगी के गिरोह अब भी एक्टिव हैं। साइबर ठग कहीं न कहीं पुलिस की मिलीभगत से भी हावी हुए हैं। साइबर क्राइम में पुलिस की कमजोर निगरानी भी इस अपराध को बढ़ावा देती है।‘

आखिर में बात सारठ विधानसभा सीट की… NETFLIX की वेबसीरीज ‘जामताड़ा’ के बाद हाईलाइट हुआ सारठ सारठ विधानसभा सीट की 7 पंचायतें जामताड़ा में आती हैं। इनमें ज्यादातर गांव साइबर ठगी वाले करमाटांड़ और नारायणपुर ब्लॉक से सटे हुए हैं। यहां 2020 से अब तक 40 बड़े साइबर गिरोह दबोचे जा चुके हैं।

नारायणपुर में जुलाई 2024 में साइबर ठग प्रदीप कुमार मंडल की गैंग के पिंटू, मुकेश, गणपति, प्रकाश और विशु मंडल को चार्जशीट पर सुनवाई के बाद जेल भेज दिया गया था। इस गैंग ने नकली बैंक मैनेजर बनकर लोगों से 65.99 लाख रुपए की ठगी की थी। इसी गैंग पर नेटफ्लिक्स ने ‘जामताड़ा’ वेबसीरीज बनाई थी।

सारठ विधानसभा सीट पर JMM और BJP के बीच टफ फाइट है। इस सीट का इतिहास रहा है कि यहां 1980 के बाद से किसी भी पार्टी का दबदबा नहीं रहा है। हर चुनाव में अलग-अलग पार्टियां जीतती आई हैं।

आदिवासी गांवों में JMM की मंइयां योजना, छात्रवृत्ति योजना, कर्ज माफी जैसी स्कीम्स से लोग खुश हैं। हालांकि, इस सीट पर हार-जीत तय करने वाले भूमिहार वोटरों के बीच रणधीर कुमार सिंह बडे़ नेता के तौर पर उभरे हैं, इसका फायदा NDA को मिल सकता है।

जर्नलिस्ट सिकेश कुमार कहते हैं, ‘गरीबी सबसे बड़ी चीज होती है, यहां के युवाओं को रोजगार मिलता तो इन्हें अपराध का रास्ता न चुनना पड़ता।‘

सिकेश कुमार कहते हैं ‘अभी पेट्रोल पंप का ऐप आया है। इसमें साइबर ठग एक बार में 10 से 15 लाख रुपए तक विड्रॉल करते हैं। साइबर गैंग में शामिल बच्चे क्रिप्टो के जरिए भी पैसों का लेन-देन करते हैं। ये टेक्नीक पुलिस भी नहीं पकड़ पाती।‘

एक्सपर्ट बोले- साइबर क्राइम को पर्सनल मुद्दा बनाकर छोड़ दिया जाता है जामताड़ा महिला संध्या महाविद्यालय के प्रिंसिपल डॉ. विमल किशोर सिंह कहते हैं, ‘जामताड़ा में कड़ा मुकाबला है। अभी ये कयास लगाना मुश्किल है कि चुनाव कौन जीतेगा। आदिवासी का वोट किधर जाता है, सब उसी पर डिपेंड करता है। जिस कैंडिडेट को आदिवासी का वोट ज्यादा मिलेगा, चुनाव उसी के पक्ष में जाएगा।‘

वे कहते हैं-

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BJP का इससे बेहतर कैंडिडेट जामताड़ा को नहीं मिल सकता । पहले भी यहां 2 बार BJP चुनाव जीत चुकी है। इस बार भी मजबूत दिख रही है।

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‘साइबर फ्रॉड का मुद्दा सिर्फ जामताड़ा में नहीं ये पूरे भारत में है। भले ही इसकी शुरुआत यहां से हुई हो, मगर अब तो ये पूरे देश में फैल चुका है। इसे रोकने के लिए कोई पहल नहीं करता है। लोग समझते हैं कि किसी और का पैसा गया, इसलिए वो इस पर ध्यान नहीं देते हैं।‘

पॉलिटिकल पार्टियां क्या कह रहीं… कांग्रेस: BJP साइबर फ्रॉड का फंड लेकर हाईटेक प्रचार कर रही जामताड़ा कांग्रेस के स्पोक्सपर्सन मो. इरशाद अंसारी कहते हैं, ‘जामताड़ा में साइबर क्राइम एक बड़ी चुनौती है। साइबर फ्रॉड में BJP के लोग शामिल हैं। ये इस क्राइम से आया फंड इस्तेमाल करते हैं और चुनाव में हाईटेक प्रचार कर रहे हैं।‘

‘यहां के MLA इरफान अंसारी ने युवाओं को साइबर फ्रॉड से बाहर निकालने की कोशिश की है। उनके कहने पर CM हेमंत सोरेन ने राज्यस्तरीय टीम बनाई। अगर आज जामताड़ा में साइबर क्राइम कंट्रोल हुआ है, तो इसमें इरफान अंसारी की बड़ी भूमिका है। वे हर मंच से इस मुद्दे को उठा रहे हैं।‘

‘जामताड़ा में इसे शांति और अशांति की लड़ाई बनाने की कोशिश की जा रही है। सीता सोरेन मुद्दा खोज रही हैं, लेकिन उन्हें कोई मुद्दा नहीं मिल रहा है।’

BJP: रोजगार मिलता तो 16-17 साल के बच्चे अपराधी न बनते जामताड़ा में BJP जिलाध्यक्ष सुमित शरण कहते हैं, ‘इस बार जामताड़ा में पड़ने वाली तीनों विधानसभा सीटें जामताड़ा, नाला और सारठ में BJP के पक्ष में माहौल है। जामताड़ा सीट हम लोग जीत रहे हैं। यहां कोई मास्टरमाइंड या बड़ा क्रिमिनल नहीं है। लोग एक-दूसरे को देखकर ही साइबर क्राइम में उतर रहे हैं। इसे खत्म करने के लिए यहां का मनोविज्ञान समझना होगा।‘

‘कांग्रेस के नेताओं के पास साइबर फ्रॉड का पैसा आता होगा। हमारी पार्टी का इससे कोई लेना-देना नहीं है। BJP के लिए ये एक सामाजिक मुद्दा है। इससे सामाजिक तरीके से डील करने की जरूरत है। 16-17 साल के लड़कों को अपराधी बनाने की जरूरत नहीं है।‘

CPI (M): साइबर फ्रॉड जामताड़ा के लिए कलंक CPI(M) नेता ब्रज गोपाल घोष कहते हैं, ‘ये सच है कि साइबर फ्रॉड के मुद्दे को जिस तरह से मुखर होकर जनप्रतिनिधियों को विधानसभा में उठाना चाहिए, उस तरह से वे नहीं उठाते हैं। प्रशासनिक तौर पर एक्शन लेने का जो दबाव होना चाहिए, वो नहीं है।”

CPI(M) इसे रोकने के लिए क्या कर रही है? ब्रज गोपाल कहते हैं, ‘हम साइबर क्राइम रोकने के लिए प्रशासन पर दबाव डालते हैं। जो भी क्राइम कर रहा है, उसे कड़ी से कड़ी सजा मिले। इसमें फंसे बच्चों को शिक्षा-रोजगार मिले, ताकि वह दोबारा क्राइम ना करें।‘

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