भोपाल में बनेगी मॉडल सड़क, जिसका मटेरियल रियूज करेंगे

0
Spread the love

भोपाल की 11 मील से बंगरसिया तक 6KM सड़क प्रदेश में मॉडल बनेगी। इस सड़क में एफडीआर (फुल डेप्थ रिक्लेमेशन) टेक्नोलॉजी का उपयोग होगा। यानी, मौजूदा सड़क के मटेरियल को रियूज किया जाएगा। पीडब्ल्यूडी जल्द सड़क बनाना शुरू करेगा।

11 मील से बंगरसिया तक की सड़क की हालत खराब है। चूंकि, यह सड़क धार्मिंक नगरी भोजपुर को जोड़ती है। इसलिए हर रोज हजारों लोग परेशान होते हैं। भोजपुर में दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग है। यहां हर साल भोजपुर महोत्सव भी मनाया जाता है। जिसमें देश-विदेश के कवि, साहित्यकार और टीवी-फिल्म कलाकार भी शामिल होते हैं, लेकिन 6 किमी लंबी सड़क के गड्‌ढे उन्हें परेशान कर देते हैं। ऐसा ही श्रद्धालुओं के साथ भी होता है, लेकिन आने वाले कुछ महीनों बाद सड़क की तस्वीर ही बदल जाएगी।

कई जिलों का रास्ता भी 11 मील से बंगरसिया तक सड़क बनने से रायसेन, विदिशा, बैतूल समेत कई जिलों के लोगों को भी बड़ी राहत मिलेगी।

टू लेन सड़क फोरलेन होगी पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर संजय मस्के ने बताया, भोपाल के 11 मील से बंगरसिया तक फोरलेन बना रहे हैं। इसमें नई एफडीआर तकनीक का उपयोग करेंगे। सड़क को तोड़ने में जो भी मटेरियल निकलेगा, उसे रियूज करेंगे। यह प्रदेश में मॉडल रोड बनेगी। जल्द ही काम की शुरुआत कर देंगे।

पेड़ के बदले 80 लाख रुपए दिए 6 किलोमीटर में करीब 200 पेड़ भी कटेंगे। ज्यादातर पेड़ यूकेलिप्टस के है। इसके लिए पीडब्ल्यूडी ने वन विभाग को 80 लाख रुपए भी जमा किए हैं। अनुमति नहीं मिलने की वजह से पेड़ नहीं काटे जा सके थे।

यह है एफडीआर टेक्नोलॉजी फुल डेप्थ रिक्लेमेशन (एफडीआर) एक रिसाइकिलिंग पद्धति है। इसमें बहुत ही कम संसाधनों में टिकाऊ सड़कें बनाई जा सकती हैं। खराब हो चुकी पक्की सड़क को उखाड़कर उससे निकलने वाले मटेरियल में केमिकल मिलाकर नया मटेरियल तैयार किया जाता है और फिर उसे सड़क पर डाला जाता है। इससे की लागत कम आती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *


Notice: ob_end_flush(): failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home2/lokvarta/public_html/wp-includes/functions.php on line 5481