हरियाली अमावस्या 4 को, चार योगों का शुभ संयोग

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श्रावण मास की अमावस्या 4अगस्त को विशेष योगों में मनाई जाएगी। इस दिन श्रीवत्स योग, रवि पुष्य योग, सर्वार्थ सिद्धि योग, सिद्धि योग और पुष्प नक्षत्र का शुभ संयोग बन रहा है। इसलिए यह विशेष फलदायी रहेगी। बड़वाले महादेव मंदिर सोमवारा और छोला विश्रामघाट स्थित मुक्तेश्वर महादेव मंदिर में शिव राजा के रूप में विराजेंगे। ईश्वर नगर स्थित चौबदारपुरा स्थित बांके बिहारी मार्कण्डेय मंदिर में भी बेल पत्र, धतूरा और हरी पत्तियों से उनका हरित श्रृंगार किया जाएगा। धार्मिक और सामाजिक संस्थाएं पौधे लगाएंगी।

योग कब से कब तक

पंडित विष्णु राजोरिया ने बताया कि हरियाली अमावस्या पर श्रीवत्स योग सुबह 5: 56 बजे से दोपहर 1: 25 बजे तक रहेगा। रवि पुष्य योग शनिवार को 11:59 बजे से शुरू होकर रविवार को दोपहर 1:25 बजे तक है। सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 5:56 बजे से दोपहर 1: 25 बजे तक है। सिद्धि योग शनिवार को 11 बजे सुबह से रविवार को सुबह 11:41 बजे तक रहेगा। पुष्य नक्षत्र तड़के 5:56 बजे से दोपहर 1: 26 बजे तक है।

प्राण वायु देते हैं पेड़-पौधे, इसलिए उनका आदर

वैज्ञानिक महत्व

पेड़ हमारे जीवन का आधार है। वे हमें प्राण शक्ति ऑक्सीजन देते हैं। इसलिए पेड़-पौधों को संरक्षित करने, आदर देने और धरती मां के आंगन में हरियाली बिखेरने के उद्देष्य से प्रति वर्ष हरियाली अमावस्या मनाई जाती है।

धार्मिक महत्व

पौराणिक कथाओं के अनुसार, पीपल के पेड़ पर तीन देवताओं का वास माना जाता है- ब्रह्मा, विष्णु और महेश। पौधा लगाते हैं तो आपकी सभी मनोकामनाएं पूरी होंगी और आपकी सभी समस्याएं दूर हो जाएंगी। इस दिन पितरों को तर्पण और पिंडदान करना शुभ माना जाता है। वे खुश होकर आशीर्वाद देते हैं।

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