बंगाल में जहां दोबारा चुनाव, वहां TMC कैंडिडेट पीछे हटा
पश्चिम बंगाल की फालता विधानसभा सीट पर वोटिंग से दो दिन पहले तृणमूल कांग्रेस (TMC) उम्मीदवार जहांगीर खान ने चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान किया है। जहांगीर ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी घोषणा की।
फालता में गुरुवार को दोबारा वोटिंग होनी है। बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे फेज यानी 29 अप्रैल को फालता में वोटिंग हुई थी। इस दौरान एक बूथ पर EVM में भाजपा के सिंबल पर टेप चिपका मिला। कई अन्य बूथों पर EVM में गड़बड़ी की खबरें आईं। इसके बाद चुनाव आयोग ने 21 मई को दोबारा वोटिंग के आदेश दिए। रिजल्ट 24 मई को आएगा।

चुनाव से हटने का ऐलान करते हुए TMC नेता जहांगीर ने कहा-
मैं फालता का बेटा हूं और चाहता हूं कि यहां शांति बनी रहे और यह तरक्की करे। CM शुभेंदु यहां के लिए स्पेशल पैकेज दे रहे हैं, इसीलिए मैं चुनाव से खुद को अलग कर रहा हूं।

पश्चिम बंगाल के CM शुभेंदु अधिकारी ने जहांगीर के फैसले पर कहा-
उनके पास कोई दूसरा ऑप्शन नहीं था, क्योंकि उन्हें कोई पोलिंग एजेंट तक नहीं मिलेगा। इसलिए उन्होंने चुनाव से भागने का फैसला किया।

जहांगीर खान फालता में एक प्रभावशाली और बाहुबली नेता के तौर पर जाने जाते हैं। उन्हें ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक का करीबी माना जाता है। फालटा विधानसभा सीट अभिषेक के संसदीय क्षेत्र डायमंड हार्बर में है।
अभिषेक ने इस सीट पर भाजपा को हराने का चैलेंज दिया था। उन्होंने चुनावी रैली के दौरान कहा था- अगर भाजपा दिल्ली से अपने सबसे मजबूत उम्मीदवार भी उतार ले, तो भी वे दस जन्मों में फालता सीट नहीं जीत पाएंगे।
TMC बोली- जहांगीर का नाम वापस लेना उनका निजी फैसला
TMC ने पूरे मामले पर कहा है कि जहांगीर खान का चुनाव से हटने का फैसला उनका निजी है, यह पार्टी का फैसला नहीं है।
पार्टी ने X पर बयान जारी कर लिखा- 4 मई को चुनाव नतीजे आने के बाद फालता सीट पर हमारे 100 से ज्यादा कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया। भारी दबाव के बावजूद हमारे कार्यकर्ता भाजपा की डराने की राजनीति का मुकाबला कर रहे हैं। हालांकि कुछ लोग दबाव में आकर मैदान छोड़ गए। हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं।

EVM पर जहांगीर का नाम और सिंबल रहेगा 21 मई को वोटिंग वाले दिन EVM पर जहांगीर का नाम और TMC का सिंबल रहेगा। लोकप्रतिनिधित्व एक्ट 1951 की धारा 37 के अनुसार नाम वापसी के तय समय के बाद कैंडिडेट लिस्ट फाइनल हो जाती है। उन्हीं के नाम EVM में आते हैं। इसके बाद कोई कैंडिडेट अगर चुनाव से हटता है तो उसका नाम EVM से हटाया नहीं जाता। बंगाल की फालता सीट पर नाम वापसी की आखिरी तारीख 13 अप्रैल थी।
BJP को प्रचंड बहुमत, फालता सीट पर प्रचार से TMC की दूरी
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे 4 मई को आए थे। भाजपा ने ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए 293 सीटों में 207 सीटों पर कब्जा किया और पहली बार राज्य में सरकार बनाई। पार्टी ने शुभेंदु अधिकारी को मुख्यमंत्री बनाया है।
फालता में 4 मई से चुनाव प्रचार शुरू हुए। हालांकि, इस दौरान TMC उम्मीदवार जहांगीर खान या पार्टी के बड़े नेताओं ने कोई रैली या सार्वजनिक सभा नहीं की। ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी भी चुनाव प्रचार के लिए नहीं पहुंचे।

