स्वास्थ्य राज्यमंत्री ने की राहुल गांधी पर टिप्पणी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की देशवासियों से पेट्रोल-डीजल का संयमित उपयोग करने और एक साल तक सोने की खरीद से बचने की अपील पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी की आलोचना का भाजपा ने तीखा जवाब दिया है।
मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल ने फेसबुक पोस्ट में नेता प्रतिपक्ष को “मूर्ख” करार देते हुए कहा कि उन्हें अपने पूर्वजों का भी ज्ञान नहीं है।
मंत्री पटेल ने बिना राहुल गांधी का नाम लिए (नेता प्रतिपक्ष के संदर्भ में) लिखा:
“ऐसा मूर्ख नेता प्रतिपक्ष अभी तक नहीं हुआ है, जिसको अपने पूर्वजों का भी ज्ञान नहीं है, जिसको अपनी पार्टी की सरकारों के द्वारा की गई अपीलों का ज्ञान नहीं है।”


कांग्रेस सरकारों के दिए उदाहरण
नरेन्द्र शिवाजी पटेल ने कांग्रेस शासनकाल की पुरानी अपीलों का हवाला देते हुए कहा- “एक समय का खाना छोड़ दो”, “अपना सोना और धन सरकारी खजाने में दान करें”, “बचत करो और अतिरिक्त टैक्स दो”, “पैसे पेड़ पर नहीं लगते” जैसी अपीलें कांग्रेस सरकारों ने ही की थीं।
अनुभवहीन लोग सोने की चम्मच लिए पैदा हुए
मंत्री पटेल ने आगे लिखा कि वे उन पुरानी अपीलों की तत्कालीन परिस्थितियों को समझते हुए उनकी आलोचना नहीं कर रहे, लेकिन “अनुभवहीन, सोने की चम्मच लिए पैदा हुए और पारिवारिक कब्जे के कारण पद पर विराजमान” नेता प्रतिपक्ष की टिप्पणी उनके ही पूर्वजों का अपमान है।

पीएम मोदी की अपील क्या थी?
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बीते 10 मई को हैदराबाद में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में नागरिकों से आर्थिक संयम और सादगी की अपील की। पीएम ने पब्लिक से अपील करते हुए कहा था कि कम से कम एक साल तक अनावश्यक या डिस्क्रिशनरी सोने की खरीदारी टालें। गैर-जरूरी विदेश यात्राएं, वेकेशन या डेस्टिनेशन वेडिंग एक साल के लिए स्थगित करें। देश में ही पर्यटन और शादियां करें। वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा दें, ऑनलाइन मीटिंग्स करें, मेट्रो, पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करें, कारपूलिंग करें, इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर बढ़ें।
राहुल ने क्या लिखा था?

प्रधानमंत्री के बयान पर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कर लिखा- मोदी जी ने कल जनता से त्याग मांगे – सोना मत खरीदो, विदेश मत जाओ, पेट्रोल कम जलाओ, खाद और खाने का तेल कम करो, मेट्रो में चलो, घर से काम करो। ये उपदेश नहीं – ये नाकामी के सबूत हैं।
12 साल में देश को इस मुकाम पर ला दिया है कि जनता को बताना पड़ रहा है – क्या ख़रीदे, क्या न खरीदें, कहां जाए, कहां न जाए। हर बार ज़िम्मेदारी जनता पर डाल देते हैं ताकि खुद जवाबदेही से बच निकलें। देश चलाना अब कम्प्रोमाइज्ड PM के बस की बात नहीं।
