101 पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों को मिले रुस्तमजी अवार्ड

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भोपाल के रविंद्र भवन में सोमवार को आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने केएफ रूस्तमजी पुरस्कार से पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को अलंकृत किया गया। यह सम्मान साल 2019-20 और 2021-22 की अवधि में उत्कृष्ट सेवाओं के लिए प्रदान किया गया है।

पुलिस के 101 अधिकारियों और कर्मचारियों को CM डॉ मोहन यादव ने डीजीपी कैलाश मकवाना के साथ सम्मानित किया। इस दौरान मंच पर एडीजी चंचल शेखर, आदर्श कटियार मौजूद थे।

इस दौरान सीएम ने कहा- पुलिस के जवानों को जिले के अंदर जहां उनकी पात्रता है, अगर वो आवास लेना चाहे तो वहां हाउसिंग बोर्ड, प्राधिकरण से मैं बात करने वाला हूं कि हमारे जवानों को भी आवास दीजिए। उनकी चिंता करना हमारी सरकार की आवश्यकता है।

2013 से शुरू हुआ रुस्तमजी पुलिस अवार्ड

समारोह को संबोधित करते हुए डीजीपी कैलाश मकवाना ने कहा-2013 से स्थापित रुस्तम जी पुरुस्कार जो हमारे 101 पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों को दिया जाएगा। यह पुरुस्कार 2019-20 और 2021-22 के दिए जा रहे हैं।

शासन की स्वीकृतियों के बाद बजट और लायसेंस बनाने की प्रक्रिया भी पालन कराई गई। जब से यह पुरुस्कार शुरू हुआ है। उसके बाद 418 पुलिस अधिकारियों को आज तक पुरुस्कृत किया जा चुका है।

इनमें दस्यु उन्मूलन, नक्सल विरोधी अभियान, दंगे या तनाव रोकने, कानून व्यवस्था की गंभीर परिस्थितियों को नियंत्रण करने में वीरता के प्रदर्शन और व्यवसायिक दक्षता के प्रदर्शन में यह पुरुस्कार दिए जाते हैं।

तीन श्रेणियों में यह पुरुस्कार दिए गए

  • परम विशिष्ट श्रेणी में पांच लाख रुपए या हथियार दिया जाएगा। इस श्रेणी में 7 अधिकारी सम्मानित किए जा रहे हैं।
  • अति विशिष्ट जिसमें दो लाख रुपए या हथियार दिया जाएगा। इसमें आठ पुरुस्कार दिए जा रहे हैं।
  • विशिष्ट श्रेणी में 50 हजार रुपए अधिकारी को बतौर सम्मान दिए गए। इस श्रेणी के 86 अधिकारी सम्मानित किए जा रहे हैं।

सीएम बोले- सम्मान कर गर्व महसूस हो रहा

समारोह में मौजूद पुलिस के अधिकारियों और कर्मचारियों को संबोधित करते हुए सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि चूंकि गृह विभाग उनके पास है, इसलिए उनका मन भी ऊंचाइयों तक पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि सभी ने जो साहस दिखाया है और जिस दिन उन्होंने पुलिस में भर्ती होकर मेहनत की थी, उसका आज सम्मान करते हुए गर्व महसूस हो रहा है।

उन्होंने कहा कि पहले दो साल के पुरस्कार दिए जाते थे, अब कोशिश की जाएगी कि हर साल पुरस्कार दिए जाएं ताकि पेंडिंग न रहें। क्योंकि कुछ लोगों को रिटायरमेंट के बाद पुरस्कार मिला है, जिससे उनके मन में यह कसक रह सकती है कि यह सम्मान सेवा के दौरान मिलना चाहिए था।

‘हमारी पुलिस हर चुनौती से निपटने का सक्षम’

सीएम ने कहा कि रुस्तमजी अद्भुत व्यक्तित्व के धनी रहे हैं। उस दौर में जब मध्यप्रदेश कई राज्यों में बंटा हुआ था, तब हर जिले में पुलिस लाइन सहित तमाम व्यवस्थाओं को मजबूत करने में उनका योगदान रहा।

उन्होंने कहा कि पुलिस ने डकैतों को समाप्त कर देश को संदेश दिया है कि हमारी पुलिस हर चुनौती से निपटने में सक्षम है, जैसे इस साल नक्सलवाद से निपटकर गौरव की अनुभूति हुई है।

सीएम ने कहा कि इतने बड़े भौगोलिक क्षेत्र और चुनौतियों के बावजूद कानून व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस की बड़ी भूमिका है। उन्होंने बताया कि अब डीजी से नीचे तक के अधिकारियों को पुरस्कार देने की सीमा बढ़ा दी गई है, जिससे डीजी अब 25 हजार की जगह 50 हजार तक का पुरस्कार दे सकेंगे।

उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग में नवाचार और परंपरा में बदलाव के लिए सरकार पूरी तरह सहयोग के लिए तैयार है।

‘पहले पुलिस को था ज्यादा खतरा’

सीएम ने 1992 का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय पुलिस पर खतरा अधिक था, लेकिन अब परिस्थितियां बदल चुकी हैं। उन्होंने कहा कि हथियार और आतंक से संविधान और कानून को डराना संभव नहीं है।

उन्होंने बताया कि 2026 में पुलिस में 10 हजार भर्ती की जाएगी, जिसमें सब इंस्पेक्टर से लेकर अन्य पद शामिल होंगे। इसके बाद करीब 5-6 हजार पद ही शेष रहेंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि जिला पुलिस बल में पुलिस बैंड की भर्ती निकाली गई है और जवानों के आवास की व्यवस्था के लिए हाउसिंग बोर्ड और प्राधिकरण से बातचीत कर उन्हें आवास उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।

पिता के डीएसपी बनने और नौकरी छोड़ने का किस्सा सुनाया

डीजीपी कैलाश मकवाना ने कहा बचपन ने मैंने सुना है, खुसरो फरामोज रुस्तमजी जिन्हें केएफ रुस्तमजी के नाम से जाना जाता है। डीजीपी ने एक वाकिया सुनाया और कहा 1968 बैच में मेरे पिता डीएसपी में चयनित हुए थे। उसके 7 साल पहले रुस्तम जी 1958 से 1965 तक प्रदेश के दूसरे पुलिस मुखिया रहे हैं। उन्होंने मप्र पुलिस में कई परंपराएं स्थापित करने में योगदान दिया।

मेरे पिता के बैचमेट रघुवंशी, आरके त्रिपाठी जो एडीजी से रिटायर हुए। चार डीएसपी चयनित हुए थे और ट्रेनिंग के दौरान पिताजी जब रतलाम से आ रहे थे तो बाजना की घाटी में बस ड्राइवर ने शराब के नशे में था उसने एक्सीडेंट कर दिया।

उस घटना में कुछ लोगों की मृत्यु भी हुई कुछ घायल हुए उनमें मेरे पिता भी थे। बस का शीशा तोड़कर बाहर निकले फिर रतलाम के सरकारी अस्पताल में कुछ दिन भर्ती रहे। रीढ़ की हड्‌डी में चोट के बावजूद उन्होंने फिर से ट्रेनिंग जॉइन की।

डीजीपी मकवाना ने कहा- आप सब जानते हैं कि पुलिस ट्रेनिंग में पीटी, परेड, रस्सा, बैक रोल, फ्रंट रोल ये सब होता है इसमें उन्हें दर्द रहने लगा। डॉक्टरों ने उन्हें सलाह दी कि आप पुलिस की नौकरी आगे कंटीन्यू मत करिए। वरना आगे आपको पैरालिसिस हो सकता है।

इन परिस्थितियों में उन्हें डीएसपी की नौकरी छोड़नी पड़ी। सौभाग्य से वे पहले नायब तहसीलदार पद पर थे। वो नौकरी उन्होंने वापस जॉइन की और वे डिप्टी कलेक्टर पद से रिटायर हुए।

‘मैं पुलिस में सिलेक्ट हुआ तो पिता बोले- बेटा खाकी की सेवा करेगा’

डीजीपी ने कहा- जब 1988 में मेरा पुलिस में चयन हुआ तो उन्हें इस बात पर बहुत गर्व हुआ कि जिस खाकी की सेवा वो नहीं कर पाए वो खाकी में सेवा का काम उनका पुत्र करेगा। 1958 से 1965 तक रुस्तमजी प्रदेश के पुलिस मुखिया रहे। दस्यु उन्मूलन में उन दिनों उत्कृष्ट काम हुआ।

1965 में जब वे प्रदेश से गए तो इंडो पाक वॉर के परिप्रेक्ष्य में बीएसएफ का गठन हुआ और वे बीएसएफ के फाउंडर डीजी रहे। एलीट फोर्स जो लगातार इंटरनल सिक्योरिटी फोर्स में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहा है। उसमें उनका बड़ा रोल है।

सीएम यादव के नेतृत्व में प्रदेश को कई उपलब्धियां हासिल हुईं

डीजीपी ने कहा- हमारे मुख्यमंत्री जो प्रदेश के गृह मंत्री भी हैं उनके नेतृत्व में प्रदेश ने कई अभूतपूर्व सफलताएं अर्जित कीं। 11 दिसंबर 2025 को प्रदेश को नक्सल मुक्त कराया। डायल 112 सेवा की शुरुआत की। पुलिस बल की कमी को दूर करने पिछले साल 7500 कॉन्स्टेबल को मिलाकर 8500 पदों पर भर्ती को मंजूरी दी। इस महीने तक सभी पदों पर जॉइनिंग हो जाएगी।

10 हजार से ज्यादा पदों पर भर्ती की मंजूरी हमें जल्दी मिलने की संभावना है क्योंकि सिंहस्थ 2028 एक बहुत बड़ी चुनौती है। हमें फोर्स को भर्ती करके ट्रेंनिंग देकर ग्राउंड पर पहुंचाना बहुत जरुरी है। सिंहस्थ की तैयारियां जारी हैं।

प्रदेश को नारकोटिक्स ड्रग्स मुक्त कराना हमारा टारगेट

डीजीपी ने कहा- कम्युनिटी पुलिसिंग में पिछले साल नशे से दूरी है जरूरी में लाखों स्टूडेंट्स ने हिस्सा लिया। अगले तीन सालों में प्रदेश को नारकोटिक्स ड्रग्स से मुक्त कराना एक टारगेट है। उसमें सुनियोजित ढंग से आगे बढ़ने की आवश्यकता है। साइबर क्राइम बड़ा चैलेंज है। एक लाख से ज्यादा के साइबर फ्रॉड की घटना होती तो शिकायत में ईजीरो एफआईआर दिसंबर 2025 से एक प्रक्रिया शुरु की है।

थाना स्टाफ को स्ट्रेस मैनेजमेंट के लिए हार्टफुलनेस इंस्टीट्यूट से एमओयू किया है।डीजीपी ने कहा कुछ प्रस्ताव शासन स्तर पर सहमति के लिए लंबित हैं। मुख्यमंत्री जी सैद्धांतिक रूप से उसमें सहमत भी हैं। जैसे पुलिस भर्ती बोर्ड, इन्वेस्टिगेटिंग ऑफिसर्स के लिए इन्वेस्टिगेशन अलाउंस की भविष्य में स्वीकृतियां मिलने की संभावना है।

इन्हें सीएम और डीजीपी ने किया सम्मानित

के.एफ. रूस्तमजी पुरस्कार (साल 2019-20)

  • ​राजेश सहाय, तत्कालीन जोनल पुलिस अधीक्षक, विशेष शाखा, जिला इन्दौर (हाल पुलिस अधीक्षक, लोकायुक्त इन्दौर) – रिवाल्वर
  • ​राजेश तिवारी, तत्कालीन अति. पुलिस अधीक्षक, जिला नरसिंहपुर (हाल सेवानिवृत्त) – रिवाल्वर
  • ​ओम प्रकाश चौंगडे, तत्कालीन उप निरीक्षक, थाना मझगवां, जिला सतना – रिवाल्वर
  • ​मनोज शर्मा, निरीक्षक, अनुभाग 3, विशेष शाखा, मुख्यालय, भोपाल – बार बोर गन
  • ​ज्योति तिवारी, तत्कालीन महिला आरक्षक, जिला सागर – बार बोर गन
  • ​शालिनी दीक्षित, तत्कालीन सहायक पुलिस महानिरीक्षक, महिला अपराध शाखा, पु.मु. भोपाल – नकद राशि/प्रशस्ति पत्र (पद अनुसार)
  • ​संदेश कुमार जैन, तत्कालीन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, सायबर क्राईम, भोपाल – नकद राशि/प्रशस्ति पत्र (पद अनुसार)
  • ​विनय प्रकाश पॉल, सहायक पुलिस महानिरीक्षक, विशेष शाखा पु.मु. भोपाल – नकद राशि/प्रशस्ति पत्र (पद अनुसार)
  • ​विक्रम सिंह, तत्कालीन अति. पुलिस अधीक्षक, बीना, जिला सागर – नकद राशि/प्रशस्ति पत्र (पद अनुसार)
  • ​ममतेश कुमार माली, तत्कालीन उप पुलिस अधीक्षक, एटीएस मुख्यालय, भोपाल – नकद राशि/प्रशस्ति पत्र (पद अनुसार)
  • ​निशा रेड्डी, तत्कालीन एस.डी.ओ.पी. खिलचीपुर, जिला राजगढ़ – नकद राशि/प्रशस्ति पत्र (पद अनुसार)
  • ​अभयराम चौधरी, तत्कालीन उप पुलिस अधीक्षक, जिला बैतूल – नकद राशि/प्रशस्ति पत्र (पद अनुसार)
  • ​अवनीत शर्मा, तत्कालीन निरीक्षक, थाना प्रभारी, कोतवाली, जिला गुना – नकद राशि/प्रशस्ति पत्र (पद अनुसार)
  • ​प्रभात शुक्ला, तत्कालीन निरीक्षक, जिला पुलिस बल, जिला जबलपुर – नकद राशि/प्रशस्ति पत्र (पद अनुसार)
  • ​रविन्द्र कुमार गौतम, तत्कालीन निरीक्षक, थाना गोहलपुर, जिला जबलपुर – नकद राशि/प्रशस्ति पत्र (पद अनुसार)
  • ​सुनील यादव, तत्कालीन निरीक्षक, थाना प्रभारी, थाना टोंकखुर्द – नकद राशि/प्रशस्ति पत्र (पद अनुसार)
  • ​राशिद अहमद, निरीक्षक, राज्य सायबर सेल जोन, इन्दौर – नकद राशि/प्रशस्ति पत्र (पद अनुसार)
  • ​नरेन्द्र कुमार मिश्रा, तत्कालीन निरीक्षक, विशेष शाखा, दमोह – नकद राशि/प्रशस्ति पत्र (पद अनुसार)
  • ​कौशलेन्द्र कुमार, तत्कालीन निरीक्षक, थाना प्रभारी, भौंरासा, जिला देवास – नकद राशि/प्रशस्ति पत्र (पद अनुसार)
  • ​वीरेन्द्र सिंह धाकड़, तत्कालीन उप निरीक्षक, थाना प्रभारी, थाना भोजपुर, जिला राजगढ़ – नकद राशि/प्रशस्ति पत्र (पद अनुसार)
  • ​सौरभ पाण्डेय, तत्कालीन उप निरीक्षक, सायबर क्राईम, जिला भोपाल – नकद राशि/प्रशस्ति पत्र (पद अनुसार)
  • ​राजन अहिरवार, तत्कालीन उप निरीक्षक, एटीएस मुख्यालय, भोपाल – नकद राशि/प्रशस्ति पत्र (पद अनुसार)
  • ​संतोष सिंह ठाकुर, तत्कालीन उप निरीक्षक, एटीएस मुख्यालय, भोपाल – नकद राशि/प्रशस्ति पत्र (पद अनुसार)
  • ​रवि ठाकुर, तत्कालीन उप निरीक्षक, एटीएस इकाई, इन्दौर – नकद राशि/प्रशस्ति पत्र (पद अनुसार)
  • ​अखिलेश वर्मा, तत्कालीन उप निरीक्षक, थाना भौंरासा, जिला देवास – नकद राशि/प्रशस्ति पत्र (पद अनुसार)
  • ​विश्वनाथ शुक्ला, तत्कालीन उप निरीक्षक, एटीएस फील्ड इकाई, भोपाल – नकद राशि/प्रशस्ति पत्र (पद अनुसार)
  • ​राजेन्द्र बागरी, तत्कालीन उप निरीक्षक, जिला पुलिस बल, जिला जबलपुर – नकद राशि/प्रशस्ति पत्र (पद अनुसार)
  • ​प्रीति पाटिल, तत्कालीन उप निरीक्षक, थाना चिचोली, जिला बैतूल – नकद राशि/प्रशस्ति पत्र (पद अनुसार)
  • ​संतोष रघुवंशी, तत्कालीन उप निरीक्षक, क्राईम ब्राँच, भोपाल – नकद राशि/प्रशस्ति पत्र (पद अनुसार)
  • ​संजय सूर्यवंशी, तत्कालीन स.उ.नि., रक्षित केन्द्र, जिला नरसिंहपुर – नकद राशि/प्रशस्ति पत्र (पद अनुसार)
  • ​महेन्द्र सिंह राजपूत, सउनि (रेडियो) राज्य सायबर पुलिस मुख्यालय, भोपाल – नकद राशि/प्रशस्ति पत्र (पद अनुसार)
  • ​पी. चिन्ना राव, तत्कालीन प्र.आर. 39, क्राईम ब्राँच, भोपाल – नकद राशि/प्रशस्ति पत्र (पद अनुसार)
  • ​दीपेश कुमार पटेल, तत्कालीन प्र.आर. 553, सायबर सेल, सतना – नकद राशि/प्रशस्ति पत्र (पद अनुसार)
  • ​ऋषिकेश राय, तत्कालीन आरक्षक 3031, तकनीकी शाखा, भोपाल – नकद राशि/प्रशस्ति पत्र (पद अनुसार)
  • ​राजेश कुमार सेन, तत्कालीन आरक्षक 2428, थाना चूनाभट्टी, भोपाल – नकद राशि/प्रशस्ति पत्र (पद अनुसार)
  • ​अनुराग कौरव, तत्कालीन आरक्षक 62, रक्षित केन्द्र, जिला नरसिंहपुर – नकद राशि/प्रशस्ति पत्र (पद अनुसार)
  • ​राजेन्द्र पटेल, तत्कालीन आरक्षक 483, रक्षित केन्द्र, जिला नरसिंहपुर – नकद राशि/प्रशस्ति पत्र (पद अनुसार)
  • ​नीरज रैकवार, तत्कालीन आरक्षक 569, सायबर सेल, जिला पन्ना – नकद राशि/प्रशस्ति पत्र (पद अनुसार)
  • ​विजय शुक्ला, तत्कालीन आरक्षक 83, सायबर सेल, सागर – नकद राशि/प्रशस्ति पत्र (पद अनुसार)
  • ​अमर तिवारी, तत्कालीन आ 406, सायबर सेल, सागर – नकद राशि/प्रशस्ति पत्र (पद अनुसार)
  • ​संदीप मीणा, तत्कालीन आरक्षक 590, थाना जीआरपी, जिला खण्डवा – नकद राशि/प्रशस्ति पत्र (पद अनुसार)
  • ​पुष्पेन्द्र सिंह धाकड़, तत्कालीन आरक्षक 239, थाना जीआरपी, जिला खण्डवा – नकद राशि/प्रशस्ति पत्र (पद अनुसार)
  • ​लक्ष्मी नगपुरे, तत्कालीन आरक्षक 522, रक्षित केन्द्र, जिला नरसिंहपुर – नकद राशि/प्रशस्ति पत्र (पद अनुसार)
  • ​पुष्पेन्द्र सिंह भदौरिया, तत्कालीन आरक्षक 3352, तकनीकी शाखा, भोपाल – नकद राशि/प्रशस्ति पत्र (पद अनुसार)
  • ​गजेन्द्र सिंह राठौर, आरक्षक 29, राज्य सायबर सेल जोन, इन्दौर – नकद राशि/प्रशस्ति पत्र (पद अनुसार)
  • ​अतुल श्रीवास्तव, आरक्षक 18, राज्य सायबर पुलिस मुख्यालय, भोपाल – नकद राशि/प्रशस्ति पत्र (पद अनुसार)
  • ​पुरूषोत्तम राय, तत्कालीन स.उ.नि. (अ) शासकीय रेल – नकद राशि/प्रशस्ति पत्र (पद अनुसार)
  • ​संकेत शर्मा, सउनि (अ) प्रशासन शाखा, पुलिस मुख्यालय, भोपाल – नकद राशि/प्रशस्ति पत्र (पद अनुसार)

के.एफ. रूस्तमजी पुरस्कार साल 2021-22

  • ​अपूर्व भलावी, तत्कालीन अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस), परसवाड़ा – रिवाल्वर
  • ​पंकज कर्मा, तत्कालीन निरीक्षक, एटीएस इकाई, उज्जैन – रिवाल्वर
  • ​मनीष जारवाल, निरीक्षक, एटीएस इकाई, उज्जैन – रिवाल्वर
  • ​विजय वास्कले, तत्कालीन उप निरीक्षक, थाना प्रभारी, टाण्डा, जिला धार – रिवाल्वर
  • ​गोपाल प्रसाद खाण्डेल, तत्कालीन अति. पु.अ.शहर, जिला जबलपुर – बार बोर गन
  • ​वैभव श्रीवास्तव, तत्कालीन अति.पु.अ., राज्य सायबर, पु.मु., भोपाल – बार बोर गन
  • ​भावना मरावी, तत्कालीन अनु. अधिकारी (पुलिस), सीहोरा, जिला जबलपुर – बार बोर गन
  • ​अवधेश सिंह भदौरिया, तत्कालीन उप निरीक्षक, थाना बिरसा, जिला बालाघाट – बार बोर गन
  • ​सुनील मिश्रा, तत्कालीन आरक्षक, एटीएस मुख्यालय, भोपाल – बार बोर गन
  • ​अनिल रावत, आरक्षक, एटीएस मुख्यालय, भोपाल – बार बोर गन
  • ​गीता चौहान, तत्कालीन उपुअ पीटीसी, इन्दौर – नकद राशि/प्रशस्ति पत्र (पद अनुसार)
  • ​दुर्गेश आर्मी, तत्कालीन उ.पु.अ. लांजी, जिला बालाघाट – नकद राशि/प्रशस्ति पत्र (पद अनुसार)
  • ​रामशंकर सिलावट, उप पुलिस अधीक्षक, एटीएस इकाई, इन्दौर – नकद राशि/प्रशस्ति पत्र (पद अनुसार)
  • ​अभिनव कुमार बारंगे, तत्कालीन अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) भितरवार – नकद राशि/प्रशस्ति पत्र (पद अनुसार)
  • ​महेन्द्र सिंह परमार, तत्कालीन निरीक्षक थाना प्रभारी, थाना खातेगांव – नकद राशि/प्रशस्ति पत्र (पद अनुसार)
  • ​अनीता सिवड़े, तत्कालीन रक्षित निरीक्षक पुलिस प्रशिक्षण, पचमढ़ी – नकद राशि/प्रशस्ति पत्र (पद अनुसार)
  • ​जयप्रकाश आर्य, तत्कालीन रक्षित निरीक्षक पुलिस लाईन, उज्जैन – नकद राशि/प्रशस्ति पत्र (पद अनुसार)
  • ​नीलिमा सराफ, निरीक्षक (विसवल) 23वीं वाहिनी, विसबल, भोपाल – नकद राशि/प्रशस्ति पत्र (पद अनुसार)
  • ​अभिषेक सोनेकर, निरीक्षक, केन्द्रीय जांच ब्यूरो, भोपाल – नकद राशि/प्रशस्ति पत्र (पद अनुसार)
  • ​राशिद अहमद, निरीक्षक, राज्य सायबर सेल जोन, इन्दौर – नकद राशि/प्रशस्ति पत्र (पद अनुसार)
  • ​भारत सिंह गुर्जर, तत्कालीन उप निरीक्षक थाना प्रभारी, थाना देहात, श्योपुर – नकद राशि/प्रशस्ति पत्र (पद अनुसार)
  • ​संतोष सिंह ठाकुर, तत्कालीन उ. नि. एटीएस मुख्यालय, भोपाल – नकद राशि/प्रशस्ति पत्र (पद अनुसार)
  • ​श्रृंगेश राजपूत, तत्कालीन उप निरीक्षक थाना प्रभारी, तेन्दूखेड़ा – नकद राशि/प्रशस्ति पत्र (पद अनुसार)
  • ​संदीप शर्मा, तत्कालीन उप निरीक्षक (विसवल) एटीएस इकाई, खण्डवा – नकद राशि/प्रशस्ति पत्र (पद अनुसार)
  • ​नीरज बिरथरे, तत्कालीन उप निरीक्षक थाना प्रभारी, गंधवानी – नकद राशि/प्रशस्ति पत्र (पद अनुसार)
  • ​सुशील अहिरवार, तत्कालीन उप निरीक्षक थाना प्रभारी, सिमरिया, पन्ना – नकद राशि/प्रशस्ति पत्र (पद अनुसार)
  • ​राहुल कामलिया, उप निरीक्षक (अंगुल चिन्ह) रा.अ.अ. ब्यूरो, पु.मु., भोपाल – नकद राशि/प्रशस्ति पत्र (पद अनुसार)
  • ​अब्दुल वाजिद, उप निरीक्षक (विसवल) 7वीं वाहिनी, विसबल, भोपाल – नकद राशि/प्रशस्ति पत्र (पद अनुसार)
  • ​गोपाल चौबे, तत्कालीन उप निरीक्षक थाना प्रभारी, फतेहगढ़, जिला गुना – नकद राशि/प्रशस्ति पत्र (पद अनुसार)
  • ​अनुराग यादव, तत्कालीन उप निरीक्षक थाना दीनदयाल नगर, जिला रतलाम – नकद राशि/प्रशस्ति पत्र (पद अनुसार)
  • ​संजय चौधरी, उप निरीक्षक राज्य सायबर सेल जोन, इन्दौर – नकद राशि/प्रशस्ति पत्र (पद अनुसार)
  • ​मित्रपाल यादव, उप निरीक्षक (विसवल) 34वीं वाहिनी, वि.स.बल, धार – नकद राशि/प्रशस्ति पत्र (पद अनुसार)
  • ​राजोल सिंह राजपूत, उप निरीक्षक (विसवल) 36वीं वाहिनी, वि.स.बल, बालाघाट – नकद राशि/प्रशस्ति पत्र (पद अनुसार)
  • ​राजे सिंह नेगी, तत्कालीन उप निरीक्षक (विसवल) 24वीं वाहिनी, वि.स.बल – नकद राशि/प्रशस्ति पत्र (पद अनुसार)
  • ​आकाश कुमार शुक्ला, तत्कालीन सउनि एटीएस इकाई, भोपाल – नकद राशि/प्रशस्ति पत्र (पद अनुसार)
  • ​विजय सिंह चौहान, स.उ.नि. अपराध शाखा, इन्दौर – नकद राशि/प्रशस्ति पत्र (पद अनुसार)
  • ​रामशंकर इवने, प्र.आर. 410 एटीएस इकाई, खण्डवा – नकद राशि/प्रशस्ति पत्र (पद अनुसार)
  • ​शिव प्रताप सिंह भदौरिया, तत्कालीन आरक्षक एटीएस मुख्यालय, भोपाल – नकद राशि/प्रशस्ति पत्र (पद अनुसार)
  • ​गजेन्द्र सिंह राठौर, आरक्षक 29 राज्य सायबर सेल जोन, इन्दौर – नकद राशि/प्रशस्ति पत्र (पद अनुसार)
  • ​जय कुमार चौधरी, आरक्षक 2028, कार्यालय नगर पुलिस अधीक्षक, बरगी – नकद राशि/प्रशस्ति पत्र (पद अनुसार)
  • ​देवराज सिंह बघेल, आरक्षक 3776 अपराध शाखा, इन्दौर – नकद राशि/प्रशस्ति पत्र (पद अनुसार)
  • ​कमलेश सिंह, तत्कालीन आरक्षक (आर्म्स) एटीएस मुख्यालय, भोपाल – नकद राशि/प्रशस्ति पत्र (पद अनुसार)
  • ​बंटी खान, आरक्षक 590 एटीएस इकाई, खण्डवा – नकद राशि/प्रशस्ति पत्र (पद अनुसार)
  • ​नरेन्द्र दोहरे, आरक्षक 432 एटीएस इकाई, खण्डवा – नकद राशि/प्रशस्ति पत्र (पद अनुसार)
  • ​गजेन्द्र सिकरवार, आरक्षक 60 एटीएस इकाई, खण्डवा – नकद राशि/प्रशस्ति पत्र (पद अनुसार)
  • ​वसीम खान, आरक्षक एटीएस इकाई, भोपाल – नकद राशि/प्रशस्ति पत्र (पद अनुसार)
  • ​राम मेहर यादव, आरक्षक (चालक) एटीएस मुख्यालय, भोपाल – नकद राशि/प्रशस्ति पत्र (पद अनुसार)
  • ​महेश कुमार राठी, आरक्षक (आर्म्स) एटीएस इकाई, भोपाल – नकद राशि/प्रशस्ति पत्र (पद अनुसार)
  • ​विकास चौधरी, आरक्षक (चालक) एटीएस मुख्यालय, भोपाल – नकद राशि/प्रशस्ति पत्र (पद अनुसार)

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