पूर्व मंत्री मीना सिंह बोली-कांग्रेस के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाएंगे
मध्य प्रदेश विधानसभा का विशेष सत्र सोमवार को बुलाया गया है। यह सत्र मुख्य रूप से ‘नारी शक्ति वंदन’ विषय पर केंद्रित रहेगा। इसमें महिलाओं के विकास और उनके सशक्तिकरण को लेकर विशेष चर्चा की जाएगी। आज के विशेष सत्र में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण देने का संकल्प पारित हो सकता है।
कांग्रेस की मांग है कि केंद्र सरकार इसे लोकसभा की मौजूदा 543 सीटों में 33 फीसदी महिलाओं को आरक्षित करे। इधर, पूर्व मंत्री मीना सिंह बोली कांग्रेस के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाएंगे। वहीं, कांग्रेस विधायक ने पूछा उमा, वसुंधरा, कुसुम महदेले के साथ बीजेपी ने क्या किया, जवाब मांगेंगे।
दिवंगत गायिका आशा भोंसले को दी श्रध्दांजली
विशेष सत्र के दौरान दिवंगत गायिका आशा भोंसले, भूतपूर्व विधानसभा सदस्य यादवेन्द्र सिंह, भूतपूर्व विधानसभा सदस्य के. पी. उन्नीकृष्णन, भूतपूर्व केंद्रीय मंत्री मोहसिना किदवई, समेत कुछ प्रमुख नेताओं को श्रद्धांजलि भी दी गई।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव नारी शक्ति वंदन अधिनियम के अनुसार देश की संसद और सभी राज्यों की विधानसभाओं में परिसीमन के आधार पर महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का संकल्प पेश करेंगे।
सीएम ने कहा- कांग्रेस ने महिलाओं के साथ अन्याय किया
सीएम ने कहा कि नारी सशक्तिकरण अधिनियम के खिलाफ कांग्रेस ने आजादी के बाद से आज तक जो नकारात्मक रवैया अपनाया है। इंदिरा गांधी से लेकर राजीव जी, सोनिया जी, राहुल जी और उनकी बहन प्रियंका गांधी पांच पीढ़ी में कांग्रेस ने लगातार बहनों के साथ जो अन्याय किया है वो देश कभी नहीं भूलेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बहनों को 33% आरक्षण देकर देश की आधी आबादी को अधिकार दिलाने का निर्णय किया। कांग्रेस और उनके तथाकथित सहयोगियों सपा, टीएमसी, डीएमके ऐसे तमाम विरोधी गठबंधन ने इस अधिनियम को धराशायी करने में जो भूमिका अदा की है। मैं उसकी कठोर शब्दों में निंदा करता हूं।
हम सदन में फिर इस बात के लिए संकल्प पारित करेंगे कि 33 प्रतिशत आरक्षण के लिए हमारी सरकार समर्थन देती है। मोदी जी का बहुत अच्छा निर्णय था। कांग्रेस और उनके लोगों ने जो हालत की है।

जीतू पटवारी बोले- सदन में महिला आरक्षण की मांग करेंगे
दूसरी ओर कांग्रेस ने विधानसभा के विशेष सत्र के एक दिन पहले रविवार को भोपाल में पैदल मार्च निकाला। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए हैं। पटवारी ने कहा कि कांग्रेस विशेष सत्र में महिला आरक्षण आज की स्थिति में लागू करने की मांग रखेगी।
मध्यप्रदेश की विधानसभा की सीटों की स्थिति में सरकार आरक्षण लागू करे कांग्रेस इसका समर्थन करेगी। पटवारी ने कहा है कि हम परिसीमन के साथ इस आरक्षण के खिलाफ हैं। वर्तमान में जितनी सीटें हैं उन पर आरक्षण लागू होना चाहिए।
महिला आरक्षण पर यह है पूरा विवाद
- नारी शक्ति वंदन अधिनियम पहले संसद में पारित हो चुका था, लेकिन 17 अप्रैल को लोकसभा में संविधान संशोधन विधेयक गिर गया।
- इसी हार के बाद से भाजपा अब कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन को ‘महिला विरोधी’ करार दे रही है।
- भाजपा का दावा है कि विपक्ष ने जानबूझकर इस महत्वपूर्ण कानून की राह में रोड़े अटकाए हैं।

