कल 30 दिसंबर 2025 को दुष्यन्त कुमार स्मारक पांडुलिपि संग्रहालय के राज सदन में दुष्यन्त कुमार की 50 वीं पुण्यतिथि और संग्रहालय के 28 में स्थापना दिवस के अवसर पर भव्य कार्यक्रम आयोजित हुआ


कल 30 दिसंबर 2025 को दुष्यन्त कुमार स्मारक पांडुलिपि संग्रहालय के राज सदन में दुष्यन्त कुमार की 50 वीं पुण्यतिथि और संग्रहालय के 28 में स्थापना दिवस के अवसर पर भव्य कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे माननीय राज्यपाल लोक भवन श्री मंगु भाई पटेल, कार्यक्रम के अध्यक्ष थे विश्व रंग के निदेशक श्री संतोष चौबे और विशिष्ट अतिथि थे दुष्यंत कुमार के पुत्र और उनके उत्तराधिकारी श्री आलोक त्यागी । इस अवसर पर माननीय राज्यपाल ने दुष्यन्त शोध केंद्र का उद्घाटन किया और श्री उदय प्रकाश को राष्ट्रीय दुष्यंत अलंकरण ,कांति शुक्ला को सुदीर्घ साहित्य साधना सम्मान और डॉक्टर बहादुर सिंह परमार को बुंदेली के लिए आंचलिक भाषा सम्मान प्रदान किया। इस अवसर पर माननीय राज्यपाल ने श्री जवाहर कर्नावट , श्री अरुण तिवारी और श्री विजय वाजपेई को भी उनके विशिष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया। इस अवसर पर अपने उद्बोधन में माननीय राज्यपाल ने कहा कि वैसे तो कई आयोजनों में मेरा जाना होता है पर इस तरह के साहित्यिक आयोजन में आना मुझे अच्छा लगता है और ऐसे लोगों से जो साहित्य के माध्यम से देश की सेवा कर रहे हैं बार-बार मिलना अच्छा लगता है। इस अवसर पर संग्रहालय के संस्थापक राजुरकर राज को याद करते हुए उन्होंने संग्रहालय के विकास और विस्तार के लिए शुभकामनाएं प्रदान की। कार्यक्रम का संचालन विशाखा राजुरकर ने किया । इस अवसर पर प्रशस्ति वाचन श्री अरविन्द सोनी ने किया। स्वागत उद्बोधन संग्रहालय की निदेशक करुणा राजुरकर ने दिया एवं आभार संग्रहालय के अध्यक्ष रामराव वामनकर जी ने व्यक्त किया। इस अवसर पर माधवराव सप्रे संग्रहालय के संस्थापक पद्मश्री श्री विजय दत्त श्रीधर, श्री अशोक निर्मल,सुश्री शिल्पी दिवाकर ,श्री मनोज मीक,बिहारी लाल सोनी अनुज, वी के श्रीवास्तव ,सुरेश पटवा,घनश्याम मैथिली अमृत , सेवानिवृत जज श्री देवेंद्र जैन, लेखिका संघ की अध्यक्ष श्रीमती साधना गंगराड़े, कुमकुम गुप्ता ,जया आर्य ,मृदुल त्यागी शहर के अनेक गण मान्य नागरिक और साहित्यकार उपस्थित थे ।
