12वीं की छात्रा के घर में घुसा टीचर, छेड़छाड़ की

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रतलाम के रावटी में 24 घंटे के भीतर टीचर्स के छात्राओं से छेड़छाड़ करने की दो अलग-अलग घटनाएं सामने आई हैं। पहली घटना बाजना विकासखंड के मोवड़ीपाड़ा के सरकारी स्कूल से जुड़ी है। दूसरा मामला नरसिंह नाका के शासकीय हाई स्कूल का है।

मोवड़ीपाड़ा के सरकारी स्कूल में कक्षा 12वीं की स्टूडेंट ने टीचर और उसके बेटे पर घर में घुसकर छेड़खानी करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।

12वीं क्लास में पढ़ने वाली पीड़िता ने कहा- 15 नवंबर की शाम 5.45 बजे मैं अपने घर में थी। तभी टीचर रमेश लबाना (45) और उनका बेटा संदीप (21) मेरे घर आए। बुरी नीयत से मेरा हाथ पकड़ लिया। छेड़छाड़ करने लगे। मैंने विरोध किया तो मारपीट की। झूमाझटकी में मेरे कपड़े भी फट गए।

चिल्लाने की आवाज सुनकर मेरा भाई और दादा आ गए। संदीप और रमेश ने उनके साथ भी मारपीट की। जाते-जाते धमकी दी कि आज तो तुम बच गए हो फिर कभी मौका मिलेगा तो तुम सभी को जान से खत्म कर देंगे।

आरोपी रमेश लबाना टीचर है।
आरोपी रमेश लबाना टीचर है।

केस दर्ज, जांच के बाद आगे की कार्रवाई पीड़िता की शिकायत पर रावटी थाना पुलिस ने रविवार रात रमेश लबाना और उसके बेटे संदीप के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

टीचर छात्रा से बोला- तेरा फोन नंबर दे दूसरा मामला नरसिंह नाका का है। आरोप 50 वर्षीय सरकारी प्राथमिक स्कूल के शिक्षक गोविंद कसावत (50) पर लगा है। पीड़िता ने पुलिस को बताया- शनिवार को स्कूल की छुट्‌टी थी। घर में माता-पिता और भाभी काम से रतलाम गए थे। भैया दुकान पर थे। दोपहर 3.30 बजे करीब मैं खेत पर चने देखने गई थी। खेत से लौटते समय मोहल्ले में रहने वाले गोविंद कसावत सर पीछा करते हुए घर आ गए। कहा- तू बहुत अच्छी लग रही है। तेरा नंबर दे।

मैंने नंबर देने से मना कर दिया। घर का ताला खोलकर अंदर आई, तो सर पीछे-पीछे आ गए। कहने लगे- तुझे पैसे दूंगा। घर के अंदर आने दे। फिर वे जबरदस्ती घर में घुस आए। मेरा हाथ पकड़ लिया। मैं चिल्लाई तो वे डरकर भाग निकले।

गोविंद कसावत ने छेड़छाड़ के बाद छात्रा को जान से मारने की धमकी भी दी।
गोविंद कसावत ने छेड़छाड़ के बाद छात्रा को जान से मारने की धमकी भी दी।

जान से मारने की धमकी दी छात्रा ने बताया- बाद में मैंने गोविंद सर के घर जाकर पूछा कि उन्हें नंबर क्यों चाहिए, तो वे कहने लगे- मेरे घर के अंदर आ तो समझाता हूं। मैंने घर के अंदर जाने से मना कर दिया। इस पर उन्होंने कहा- किसी को बताना मत, नहीं तो जान से मार दूंगा।

मैं डरकर वापस अपने घर आ गई। शाम को जब मम्मी-पापा और भाई-भाभी घर आए, तो उन्हें पूरी घटना बताई। इसके बाद रावटी थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।

मामला संज्ञान में आने के बाद जनजातीय कार्य विभाग की सहायक आयुक्त रंजना सिंह ने गोविंद कसावत को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

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