उत्तराखंड के यशस्वी मुख्यमंत्री आदरणीय पुष्कर सिंह धामी जी के स्नेहिल आमंत्रण पर श्रीमत्परमहंस परिव्राजकाचार्य श्रोत्रिय ब्रह्मनिष्ठ अनन्तश्रीविभूषित जूनापीठाधीश्वर आचार्यमहामण्डलेश्वर पूज्यपाद श्री स्वामी अवधेशानन्द गिरि जी महाराज उनके आवास पर पधारे।

कल कार्तिक पूर्णिमा की पुण्य अपराह्न बेला में देवभूमि उत्तराखंड के “राज्य स्थापना दिवस” के पावन अवसर पर, राज्य की “रजत जयंती वर्ष” के उपलक्ष्य में, उत्तराखंड के यशस्वी मुख्यमंत्री आदरणीय पुष्कर सिंह धामी जी के स्नेहिल आमंत्रण पर श्रीमत्परमहंस परिव्राजकाचार्य श्रोत्रिय ब्रह्मनिष्ठ अनन्तश्रीविभूषित जूनापीठाधीश्वर आचार्यमहामण्डलेश्वर पूज्यपाद श्री स्वामी अवधेशानन्द गिरि जी महाराज उनके आवास पर पधारे।
आदरणीय मुख्यमंत्री जी ने पूज्य संत-महापुरुषों का हार्दिक सत्कार-सम्मान कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
संक्षिप्त संगोष्ठी में उपस्थित संतों ने उत्तराखंड के सर्वांगीण विकास के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए राज्य की संस्कृति, अध्यात्म और लोकसंस्कृति के संरक्षण-संवर्धन तथा आगामी कुम्भ महापर्व के आयोजन के विषय में सारगर्भित विचार-विमर्श किया।
इस अवसर पर निरंजनी पीठाधीश्वर आचार्यमहामण्डलेश्वर पूज्य श्री स्वामी कैलाशानन्द गिरि जी महाराज, अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष पूज्य महंत श्री रवींद्रपुरी जी महाराज, परमार्थ निकेतन के प्रमुख पूज्य श्री स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज, परम पूज्य श्री राजराजेश्वरानन्द जी महाराज, विख्यात कवि डॉ. कुमार विश्वास जी, आदरणीया जया किशोरी जी तथा पूज्य श्री धीरेंद्र शास्त्री जी बागेश्वर धाम सरकार सहित अनेक सन्त-महात्मा एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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