अक्षय बम पर 17 साल पुराने केस में 3 दिन पहले जुड़ी थी धारा 307

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इंदौर लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी अक्षय कांति बम ने सोमवार को नामांकन वापस ले लिया। अक्षय मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और भाजपा विधायक रमेश मेंदोला के साथ फॉर्म वापस लेने कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। नामांकन वापस लेने के बाद भाजपा भी जॉइन कर ली।

मंत्री विजयवर्गीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, ‘इंदौर से कांग्रेस के लोकसभा प्रत्याशी अक्षय कांति बम का भाजपा में स्वागत है।’

सूत्रों के अनुसार, मंत्री विजयवर्गीय ने हाईकमान को भरोसे में लेकर एक होटल में इसकी प्लानिंग की। अक्षय ने नाम वापसी पर अनहोनी की आशंका जताई। कहा- कांग्रेसी बवाल कर देंगे। इसके बाद प्लान में भाजपा विधायक रमेश मेंदोला की भी एंट्री कराई गई। अक्षय को फॉर्म वापस लेने भी मेंदोला के साथ भेजा, विजयवर्गीय खुद बाहर डटे रहे। फिलहाल, अक्षय कांति बम के घर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, ‘कांग्रेस नेताओं का विश्वास मोदी जी और बीजेपी पर है। कांग्रेस उम्मीदवार का भरोसा अब उनकी पार्टी में नहीं है। कांग्रेस के उम्मीदवार अब पार्टी में नहीं रहना चाहते हैं। कांग्रेस देश को विनाश की तरफ ले जा रही है।’

इस घटनाक्रम की वजह से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कार्यक्रम में भी बदलाव हुआ है। झारखंड में चुनाव प्रचार के बाद मुख्यमंत्री भोपाल आने वाले थे। अब वे सीधे इंदौर पहुंचेंगे। वहां से भोपाल आएंगे।

पटवारी बोले- अक्षय को डराया-धमकाया गया

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा, ‘अक्षय कांति बम पर तीन दिन पहले एक पुराने मामले में 307 की धारा बढ़वाई गई। डराया गया। धमकाया गया। रातभर यातना दी गई। अलग-अलग प्रकार की। आज उसको साथ ले जाकर फॉर्म वापिस निकलवा लिया गया।’

ग्वालियर में रविवार को पटवारी ने कहा, ‘इंदौरवासियों, ये मैसेज है कि आपको वोट के अधिकार का इस्तेमाल नहीं करना है। मैं प्रार्थना करता हूं कि आपको अगर लोकतंत्र में विश्वास है तो इस तानाशाही के खिलाफ खड़ा होना पड़ेगा।’ पीसीसी चीफ ने ये बात ग्वालियर लोकसभा क्षेत्र में आने वाले करैरा कस्बे में कांग्रेस प्रत्याशी प्रवीण पाठक के समर्थन में ली जनसभा में कही।

प्रियंका गांधी के साथ अक्षय कांति बम। उन्होंने विधानसभा चुनाव 2023 में इंदौर-4 सीट से टिकट मांगा था, तब हाईकमान ने इंतजार करने के लिए कहा था।
प्रियंका गांधी के साथ अक्षय कांति बम। उन्होंने विधानसभा चुनाव 2023 में इंदौर-4 सीट से टिकट मांगा था, तब हाईकमान ने इंतजार करने के लिए कहा था।

आगे क्या…

भाजपा : सूरत की तरह पूरा मैदान कर सकती है खाली
भाजपा इंदौर में सूरत की तरह क्लीन स्वीप के प्लान पर काम कर रही है। कांग्रेस के बाद बचे हुए सभी अन्य उम्मीदवारों की भी नाम वापसी हो सकती है। यदि ऐसा हुआ तो सूरत के बाद इंदौर दूसरी ऐसी सीट होगी, जहां भाजपा निर्विरोध जीत सकती है। बता दें कि यहां दोपहर 3 बजे तक नामांकन वापिस लिए जा सकते हैं।

कांग्रेस : खजुराहो की तरह समर्थन देने का ऑप्शन
कांग्रेस खजुराहो सीट की तरह किसी निर्दलीय या छोटे दल के प्रत्याशी का समर्थन कर सकती है। इसके लिए प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी सक्रिय हो गए हैं। बता दें कि खजुराहो लोकसभा सीट पर I.N.D.I. गठबंधन के उम्मीदवार का नामांकन रिजेक्ट हो गया था। अब यहां कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक के उम्मीदवार आरबी प्रजापति को समर्थन दे दिया है। अब वे ही भाजपा प्रत्याशी VD शर्मा के सामने I.N.D.I. गठबंधन का चेहरा हैं।

अक्षय कांति बम के भाजपा जॉइन करने के बाद पार्टी कार्यालय में मंत्री विजयवर्गीय के साथ उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, विधायक रमेश मेंदोला, भाजपा शहर अध्यक्ष गौरव रणदिवे, महापौर पुष्यमित्र भार्गव और हाल ही में कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए पूर्व विधायक संजय शुक्ला।
अक्षय कांति बम के भाजपा जॉइन करने के बाद पार्टी कार्यालय में मंत्री विजयवर्गीय के साथ उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, विधायक रमेश मेंदोला, भाजपा शहर अध्यक्ष गौरव रणदिवे, महापौर पुष्यमित्र भार्गव और हाल ही में कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए पूर्व विधायक संजय शुक्ला।

अब तक तीन उम्मीदवारों ने नाम वापस लिए, 20 मैदान में डटे

इंदौर में कुल 23 उम्मीदवार मैदान में थे। सोमवार दोपहर एक बजे तक अक्षय कांति बम समेत तीन प्रत्याशियों ने नाम वापस ले लिए हैं। अब यहां भाजपा प्रत्याशी शंकर लालवानी के अलावा 19 प्रत्याशी मैदान में बचे हैं।

विधानसभा चुनाव के बाद 5 बड़े नेताओं ने भाजपा जॉइन की

विधानसभा चुनाव के बाद प्रदेश में कांग्रेस से जुड़े 5 नेताओं ने भाजपा जॉइन कर ली है। हाल ही में इंदौर-1 सीट से पूर्व विधायक संजय शुक्ला और विशाल पटेल भाजपा में आए हैं। शुक्ला को मंत्री विजयवर्गीय विधानसभा चुनाव में हरा चुके हैं। वहीं, विशाल पटेल कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी से नाराज बताए जा रहे थे।

इससे पहले महू से कांग्रेस के प्रत्याशी रहे रामकिशोर शुक्ला, अंतर सिंह दरबार भी भाजपा में आ चुके हैं। शुक्ला पहले भाजपा में थे, वे महू से टिकट मांग रहे थे। नहीं मिला तो कांग्रेस में चले गए थे। अंतर सिंह दरबार कांग्रेस से टिकट चाह रहे थे, उन्हें पार्टी ने टिकट नहीं दिया तो निर्दलीय उतरे थे।

शिक्षा जगत से जुड़े स्वप्निल कोठारी इंदौर-5 सीट से टिकट मांग रहे थे, लेकिन उन्हें प्रियंका गांधी से नजदीकी के बावजूद टिकट नहीं मिल सका था।

अक्षय कांति बम के साथ इंदौर 3 विधानसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़े राजा मंधवानी (कमल की माला पहने हुए) ने भी सोमवार को भाजपा जॉइन कर ली। महापौर पुष्यमित्र भार्गव और पूर्व सांसद कृष्णमुरारी मोघे इस मौके पर मौजूद रहे।
अक्षय कांति बम के साथ इंदौर 3 विधानसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़े राजा मंधवानी (कमल की माला पहने हुए) ने भी सोमवार को भाजपा जॉइन कर ली। महापौर पुष्यमित्र भार्गव और पूर्व सांसद कृष्णमुरारी मोघे इस मौके पर मौजूद रहे।

3 दिन पहले हत्या के प्रयास की धारा बढ़ाई गई थी

अक्षय कांति बम पर 3 अलग-अलग केस चल रहे हैं। उनके खिलाफ 17 साल पुराना एक मामला फिर चर्चा में आया है, जिसमें उनके खिलाफ धारा 307 (हत्या का प्रयास) बढ़ा दी गई थी।

परिवार की संपत्ति कुल मिलाकर 78 करोड़ के करीब

अक्षय की व्यक्तिगत चल संपत्ति साढ़े 8 करोड़ रुपए की है। इनमें शेयर आदि भी शामिल हैं। अचल संपत्ति में जमीनें हैं, जिनकी बाजार कीमत 47 करोड़ रुपए है। साढ़े 6 करोड़ रुपए की विरासत भी है। अक्षय के नाम पर 56 करोड़ रुपए जबकि पत्नी और बच्चों के नाम पर लगभग 22 करोड़ रुपए की संपत्ति है। कुल संपत्ति 78 करोड़ रुपए के आसपास है।

अक्षय कांति बम निर्वाचन कार्यालय में नाम वापसी के दौरान विधायक रमेश मेंदोला के साथ पहुंचे थे।
अक्षय कांति बम निर्वाचन कार्यालय में नाम वापसी के दौरान विधायक रमेश मेंदोला के साथ पहुंचे थे।

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भाजपा ने बिना वोटिंग सूरत लोकसभा सीट जीती: मुकेश दलाल निर्विरोध जीते

लोकसभा चुनाव में भाजपा का खाता खुल गया है। गुजरात की सूरत लोकसभा सीट से सोमवार को BJP कैंडिडेट मुकेश दलाल निर्विरोध चुने गए। दरअसल, यहां से कांग्रेस कैंडिडेट नीलेश कुंभाणी का पर्चा रद्द हो गया था। उनके पर्चे में गवाहों के नाम और हस्ताक्षर में गड़बड़ी थी।

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