राजधानी की फिज़ाओं में इन दिनों पुलिस तबादलों की तेज़ गूंज है।
*भोपाल*। राजधानी की फिज़ाओं में इन दिनों पुलिस तबादलों की तेज़ गूंज है। एक ही रात में 699 पुलिसकर्मियों की नई तैनाती ने थानों की सूरत और सीरत दोनों बदल दी है। बैरागढ़, जो अब तक अपने पुराने स्टाफ के चलते जानी जाती थी, अब बिल्कुल नए लुक में सामने आएगा। उधर खजूरी से लेकर कोहेफिज़ा तक, और गांधीनगर से रातीबड़ तक – हर थाने में नए चेहरे, नई सोच और नई जिम्मेदारियां दी गई हैं।
इस ‘ऑपरेशन रीलाइन’ की कमान संभाली (*DCP HQ*) *श्रद्धा तिवारी* ने, जिनके हस्ताक्षर के साथ जारी आदेश ने राजधानी के पुलिस महकमे में हलचल मचा दी है। जिन अफसरों को सालों से एक ही कुर्सी से प्यार था, उन्हें अब अपनी फाइलें समेटनी पड़ी हैं।
सूत्रों का कहना है कि ये तबादले सिर्फ प्रशासनिक औपचारिकता नहीं, बल्कि “परफॉर्म या ट्रांसफर” की नई कार्यशैली की शुरुआत हैं। आने वाले वक्त में थानों की पहचान अफसरों से नहीं, उनके काम से होगी।
