भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व खजुराहो सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा की बाइट के मुख्यच बिंदु
*भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व खजुराहो सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा की बाइट के मुख्यच बिंदु :-*
* इतिहास साक्षी है कि कांग्रेस और नेहरू परिवार सदैव भारत रत्नब डॉ भीमराव अंबेडकर के विरोधी रहे हैं।
* यह वहीं परिवारवादी दल है जिन्होंदने जीते जी तो बाबा साहब का अपमान किया ही, मरणोपरांत भी उनके विचारों के साथ अन्यााय किया।
* आज मध्याप्रदेश में पुन: वर्ग संघर्ष बढाने के लिए यही अंबेडकर और संविधान विरोधी कांग्रेस अपनी रानजीतिक रोटियां सेंकने के लिए नोटंकी कर रही है।
* सुना है कांग्रेस 23 जून से बाबा साहब को लेकर तीन दिवसीय जनजागरण अभियान चलाने जा रही है, नेहरू-गांधी परिवार व कांग्रेस द्वारा बाबा साहब के विरोध में किए गए कार्यों के लिए दिग्विजय सिंह, प्रदेश के कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, उमंग सिंघार और फूल सिंह बरैया सहित अन्य नेताओं को माफी अभियान चलाकर उपवास रखना चाहिए और पूरे देश से बिना शर्त माफी मांगना चाहिए।
* जिस कांग्रेस ने बाबा साहब अंबेडकर को 1952 के लोकसभा चुनाव और 1954 के उपचुनाव में हरवाया, जिस कांग्रेस ने बाबा साहब को देश के कानून मंत्री के पद से इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया, जिस महान सपूत को कांग्रेस पार्टी ने भारत रत्न तक नहीं दिया, जिस कांग्रेस पार्टी ने बाबा साहब का एक भी स्मारक नहीं बनने दिया, वो कांग्रेस पार्टी आज बाबा साहब अंबेडकर के नाम पर मध्याप्रदेश में प्रेस वार्ता कर रही है। कांग्रेस को इस पाखंड को बंद कर देना चाहिए।
* कांग्रेस पार्टी ने बाबा साहब की एक भी स्मृति बनाने की अनुमति नहीं दी।
* बाबा साहब के जन्मस्थान मध्यप्रदेश में उनकी एक स्मृति निर्माण का काम भाजपा के मुख्यमंत्री श्री सुंदरलाल पटवा के कार्यकाल दौरान हुआ था, और स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी ने उसका उद्घाटन किया था। पूर्व प्रधानमंत्री श्री चंद्रशेखर ने दिल्ली स्थित अंबेडकर सेंटर के लिए स्थान की स्वीकृति दी थी, लेकिन कांग्रेस पार्टी ने उसे बनने नहीं दिया। जब केंद्र में आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेद्र मोदी जी की सरकार आई, तो अंबेडकर सेंटर बनकर तैयार हुआ।
* माननीय मोदी जी की सरकार ने लंदन में जहां बाबा साहब रहे थे, वहां उनकी एक स्मृति बनाई, दिल्ली में उनके निवास स्थान पर स्मृति स्थापित की, नागपुर की दीक्षा भूमि और मुंबई की चैत्य भूमि में भी स्मृतियाँ बनाई।
* कांग्रेस पार्टी ने बाबा साहब को तो भारत रत्न, पद्म भूषण या पद्मश्री नहीं दिया, लेकिन बाबा साहब अंबेडकर को चुनाव में हराने वाले नारायण सदोबा काजरोलकर को 1970 में पद्म भूषण देकर सम्मानित किया। काजरोलकर के पक्ष में पंडित नेहरू ने भी प्रचार किया था। ये है कांग्रेस की असली हकीकत।
* कांग्रेस पार्टी ने बाबा साहब की स्मृतियाँ बनाने के लिए कोई कदम नहीं उठाए, केवल अड़चनें डालीं जबकि देशभर में नेहरू, इंदिरा गांधी, संजय गांधी और राजीव गांधी के नाम पर सैकड़ों स्मारक, अस्पताल और सड़कों के नाम रख दिए गए।
* पंडित जवाहरलाल नेहरू ने एडविना माउंटबेटन को पत्र लिखकर बाबा साहब अंबेडकर के कैबिनेट में न रहने की खुशी जाहिर की थी। ऐसी सोच और चरित्र वाली कांग्रेस पार्टी आज बाबा साहब के सम्मान की बात कर रही है, जो एक बहुत ही शर्मनाक स्थिति है। कांग्रेस पार्टी को अपना यह ढोंग बंद करना चाहिए।
* जिस तरह से पंडित नेहरू और कांग्रेस के नेताओं ने बाबा साहब अंबेडकर के साथ बदसलूकी की और उनका अपमान किया, जिसके साक्ष्य भी मौजूद हैं, उसके लिए कांग्रेस को बिना शर्त माफी मांगी मांगनी चाहिए।
* कुछ दिनों पहले राहुल गांधी ने भी बाबा साहब की जन्मास्थमली महू पहुंचकर संविधान के नाम पर हासिये पर खडी कांग्रेस को खडा करने के लिए बाबा साहब के नाम का उपयोग किया, लेकिन जनता समझदार है, सब जानती है कि बाबा साहब को सम्माकन और उनके पंच तीर्थों का विकास करने का काम भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने किया है।
* कांग्रेस की सोच हमेशा अंबेडकर विरोधी रही है। आज भी कांग्रेस पार्टी व राहुल गांधी डॉ. अंबेडकर विरोधी विचारधारा पर कार्य कर रहे हैं।
