आर्थिक सहायता प्राप्ति में विलम्ब ना हो – कलेक्टर

आर्थिक सहायता प्राप्ति में विलम्ब ना हो – कलेक्टर
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जिला स्तरीय सतर्कता एवं माॅनिटरिंग समिति की बैठक सम्पन्न
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अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत गठित जिला स्तरीय सतर्कता एवं मानिटरिंग समिति की बैठक शनिवार को कलेक्टर श्री Anshul Gupta की अध्यक्षता में आयोजित की गई थी।
कलेक्टर श्री गुप्ता चैम्बर में हुई इस बैठक में उन्होंने विभागो के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि आर्थिक सहायता के प्रकरणो में विलम्बता ना हो ऐसे प्रकरणो के लिए बजट की प्रबंध सुनिश्चित कराए जाने हेतु विभाग प्रमुख से सतत पत्राचार कर अवगत कराना सुनिश्चित करेंगे।
कलेक्टर श्री गुप्ता ने कहा कि कोई भी आर्थिक सहायता का प्रकरण जाति प्रमाण पत्र या आधार कार्ड के अभाव में लंबित ना रहें यदि किसी हितग्राही को स्वंय का जाति प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, समग्र आईडी यदि बनी ना हो तो आदिम जाति कल्याण विभाग के छात्रावास अधीक्षको के माध्यम से उक्त कार्य सम्पन्न कराया जाए ताकि आवेदक को भटकाव से बचाया जा सकें। उन्होंने कहा कि दस्तावेंजो की कमी के कारण जिन प्रकरणो मेें विलम्बता हो रही है उन प्रकरणो को सर्वोच्च प्राथमिकता से शीघ्रतिशीघ्र हल कराने की प्रक्रिया उप संचालक जिला अभियोजक अधिकारी श्री जगपाल सिंह तोमर के माध्यम से न्यायालयीन कार्यो का संपादन शीघ्रता से हो।
कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता ने समिति बैठक के सदस्यो की नियुक्ति व समिति गठन की प्रक्रिया की जानकारियां प्राप्त की और उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षो से गठित इस समिति में उन विभागो के अधिकारियों को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए जिनके माध्यम से आकस्मिकता योजना के माध्यम से राहत राशि स्वीकृति के लिए विशेष टीप मांगी जाती है। उन्होंने पूर्व गठित समिति में से खनिज अधिकारी को पृथक कर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, लीड़ बैंक आफीसर और सीईओ जिला पंचायत एवं जिला कोषालय अधिकारी को सम्मिलित करने के निर्देश समिति के सदस्य, सचिव, जिला संयोजक को दिए है।
जिला स्तरीय सतर्कता एवं मानिटरिंग समिति की प्रथम त्रैमासिक बैठक में जिन एजेण्डा बिन्दुओं पर चर्चा कर निर्णय लिए गए है उनमंे अनुसूचित जाति, जनजाति (अधिनियम अत्याचार निवारण) योजना के अंतर्गत एक अप्रैल 2024 से 6 जून 2025 तक स्वीकृत राहत राशि एवं वितरण की समीक्षा, आकस्मिकता योजना के तहत भेजे जाने वाले प्रतिवेदनो की समीक्षा, आकस्मिकता योजना नियमो के अंतर्गत पीड़ित व्यक्तियों एवं साक्षियो को दिए जाने वाले यात्रा भत्ता व्यय, भरण पोषण व्यय, आहार व्यय एवं मजदूरी की समीक्षा, पुलिस विवेचना मंे लंबित प्रकरणो पर समीक्षा, विशेष न्यायालय विदिशा मेें निराकृत एवं लंबित एवं निराकृत प्रकरणो की समीक्षा की गई है।
कलेक्टर श्री गुप्ता ने पुलिस विवेचना में लंबित 91 प्रकरणो की पृथक-पृथक समीक्षा की। उन्होंने नौ माह से अधिक तीन लंबित प्रकरणो के कारणो का निदान करने के निर्देश बैठक में मौजूद सीएसपी श्री अतुल सिंह को दिए है इसी प्रकार छह माह के छह, तीन माह के नौ, दो माह के 19, एक माह के 13 तथा तीस दिवस से कम अवधि के 41 प्रकरण विभिन्न कारणो से लंबित है। इन प्रकरणो के कारणो का निदान करते हुए विवेचना कर शीघ्रतिशीघ्र समाधान कराने हेतु डीपीओ से समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए है।
कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता ने जिला लोक अभियोजन कार्यालय में दर्ज प्रकरणो की भी समीक्षा कर अद्यतन स्थिति का जायजा लिया है। उक्त बैठक में समिति के सदस्यगणो के अलावा जिला पंचायत सीईओ श्री ओपी सनोडिया, समिति के सदस्य सचिव व प्रभारी जिला संयोजक श्री अनिकेत पटेल मौजूद थे।
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