सिंहस्थ महाकुंभ-2028 की तैयारी तेज़, डीजीपी ने की वृहद समीक्षा बैठक*


*पुलिस मुख्यालय, मध्यप्रदेश*
*जनसंपर्क कक्ष*
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*सिंहस्थ महाकुंभ-2028 की तैयारी तेज़, डीजीपी ने की वृहद समीक्षा बैठक*
*अत्याधुनिक तकनीकों के साथ होगा सिंहस्थ का संचालन, प्रयागराज कुंभ-2025 के अनुभवों से ली जा रही प्रेरणा*
भोपाल, 12 जून 2025/ उज्जैन में वर्ष 2028 में आयोजित होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ के शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सुव्यवस्थित संचालन के लिए मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। इसी क्रम में दिनांक 12 जून 2025 को पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा की अध्यक्षता में पुलिस मुख्यालय, भोपाल के कांफ्रेंस हॉल में वृहद समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को लेकर आयोजित इस वृहद बैठक में पुलिस मुख्यालय, भोपाल के वरिष्ठ अधिकारीगण जैसे अतिरिक्त महानिदेशक गुप्तवार्ता/सायबर, दूरसंचार, रेल, प्रशिक्षण, योजना/प्रबंध, PTRI तथा विसबल, IG भोपाल ग्रामीण, IG का.व्य. एवं सुरक्षा, DIG SDRF, DIG एएनओ/नोडल अधिकारी सिंहस्थ, पुलिस आयुक्त भोपाल, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त भोपाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे। साथ ही, वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से ADG उज्जैन जोन, पुलिस आयुक्त इंदौर, IG व DIG इंदौर ग्रामीण, DIG उज्जैन रेंज तथा उज्जैन, खण्डवा, खरगौन, देवास, शाजापुर, धार, रतलाम, सीहोर एवं आगर-मालवा के पुलिस अधीक्षक बैठक से वर्चुअल रूप से जुड़े।
बैठक का एक प्रमुख आकर्षण रहे उत्तर प्रदेश पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी श्री प्रेम कुमार गौतम, भा.पु.से., वर्तमान में पुलिस महानिरीक्षक, एटीएस, उत्तर प्रदेश, द्वारा वर्ष 2025 में आयोजित प्रयागराज कुंभ मेले के दौरान अपनाए गए उत्कृष्ट प्रबंधन उपायों का प्रेजेंटेशन के माध्यम से विस्तारपूर्वक साझा किया गया, जो आगामी सिंहस्थ महाकुंभ-2028 के आयोजन के लिए अत्यंत प्रेरणादायी एवं मार्गदर्शक सिद्ध होगा। प्रस्तुत प्रजेंटेशन में इन प्रमुख बिंदुओं पर प्रकाश डाला गया:
*1. स्मार्ट ट्रैफिक प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण:*
• AI-Enabled ट्रैफिक कंट्रोल सेंटर की स्थापना से Intelligent Traffic System (ITS) द्वारा रीयल-टाइम ट्रैफिक मॉनिटरिंग सुनिश्चित की गई।
• प्रयागराज नगर को जोनल ट्रैफिक डिवीजन में विभाजित कर यातायात का सुगठित प्रबंधन किया गया।
• ड्रोन आधारित निगरानी के माध्यम से प्रमुख मार्गों और भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में सटीक पर्यवेक्षण किया गया।
• श्रद्धालुओं की सहायता हेतु रूट डायवर्जन मोबाइल ऐप विकसित कर लाइव ट्रैफिक अपडेट उपलब्ध कराए गए।
• पैदल यात्रियों के लिए अस्थायी फ्लाईओवर एवं वॉकवे गलियारे बनाए गए जिससे सुरक्षित व निर्बाध आवागमन संभव हुआ।
*2. आतंकवाद-रोधी उपाय और समन्वित सुरक्षा:*
• NIA, IB, और ATS जैसी राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों की संयुक्त कोऑर्डिनेशन यूनिट गठित कर सूचनाओं का समन्वय किया गया।
• डॉग स्क्वाड, बम डिस्पोजल यूनिट और एंटी-स्नाइपर टीमों की पूर्व नियोजित तैनाती से सुरक्षा चाक-चौबंद रखी गई।
• डार्क वेब मॉनिटरिंग द्वारा संभावित साइबर खतरों का पूर्वानुमान लगाकर कार्रवाई की गई।
• फेशियल रिकग्निशन ट्रैकिंग सिस्टम से संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों पर सतत निगरानी रखी गई।
*3. मास सर्विलांस और रियल-टाइम मॉनिटरिंग:*
• मेले के क्षेत्र में स AI-आधारित CCTV कैमरों की स्थापना की गई, जिनमें फाइट डिटेक्शन, फॉल डिटेक्शन जैसी आधुनिक क्षमताएं थीं।
• ड्रोन फीड को मुख्य कंट्रोल रूम में लाइव मॉनिटर किया गया।
• Face Recognition & Behavior Analytics तकनीक के माध्यम से भीड़ में संदिग्ध चेहरों और गतिविधियों की पहचान संभव हुई।
• प्रत्येक क्षेत्र में पुलिस की QRT (Quick Response Teams) तैनात की गईं, जिससे त्वरित प्रतिक्रिया दी जा सकी।
*4. वीआईपी मूवमेंट और विशेष प्रबंधन:*
• वीआईपी आगंतुकों के लिए अलग ट्रैफिक रूट, जियो-फेंसिंग, स्कैनिंग ज़ोन और ब्लू-ग्रीन लेन के प्रोटोकॉल अपनाए गए।
• फेस रिकग्निशन एवं बायोमेट्रिक एंट्री सिस्टम से विशिष्ट व्यक्तियों की पहचान सुनिश्चित की गई।
• हेलीकॉप्टर लैंडिंग ज़ोन और वॉचटावर जैसी व्यवस्थाएं बनाई गईं, जिससे उच्चस्तरीय पर्यवेक्षण संभव हुआ।
*5. श्रद्धालु सुविधा और सार्वजनिक परिवहन समाधान:*
• GPS ट्रैकिंग युक्त शटल बस सेवा, ई-रिक्शा और मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट हब (रेल+बस+ई-मोबिलिटी) का संचालन किया गया।
• श्रद्धालुओं की सहायता हेतु Seva Kendras, Lost & Found Booths और Digital Maps की व्यवस्था की गई।
• ऑनलाइन रूट प्लानर ऐप और QR कोड आधारित पंजीकरण प्रणाली विकसित की गई।
• Face Recognition Surveillance System (FRSS) के माध्यम से लाखों चेहरों की पहचान, Missing Person Identification System और VIP चेहरों की प्री-लोडेड सूची के माध्यम से निगरानी सुनिश्चित की गई।
एडीजी गुप्तवर्ता श्री साईं मनोहर ने IG श्री गौतम का जीवन परिचय दिया। डीजीपी श्री मकवाणा ने बैठक के अंत में कहा कि उनके अनुभवों का हमें लाभ मिलेगा तथा सिंहस्थ महाकुंभ-2028 मध्यप्रदेश की गरिमा और प्रशासनिक क्षमता का परिचायक होगा, जिसमें मध्यप्रदेश पुलिस अपनी दक्षता और प्रौद्योगिकीय नवाचार से एक मिसाल कायम करेगी।
*क्रमांक-76/2025 धीरज/आशीष शर्मा *
