MP में कोरोना से तीसरी मौत
मध्यप्रदेश में कोरोना से इस साल तीसरी मौत हो गई है। इसकी पुष्टि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के कोविड-19 डैशबोर्ड पर की गई है, जिसमें बताया गया कि प्रदेश में कोरोना से एक और महिला की जान गई है। मृतक 52 वर्षीय महिला थीं, जिन्हें ब्रोंकियल अस्थमा था। उन्हें 25 साल पहले टीबी हो चुकी थी और वे मधुमेह (HbA1C 7.4%) से भी पीड़ित थीं।
इन जटिल स्वास्थ्य समस्याओं के कारण उनकी स्थिति गंभीर हो गई थी। जानकारी के मुताबिक, महिला रतलाम की रहने वाली थीं और इंदौर के एक निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। उन्हें 8 जून को सांस लेने में तकलीफ होने पर भर्ती किया गया था। 10 जून को कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई और इसके बाद उन्हें एमआरटीबी अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में रेफर किया गया, जहां 11 जून को उनकी मौत हो गई।
स्वास्थ्य विभाग ने नहीं जारी किए जिलेवार आंकड़े
प्रदेश में कोरोना की स्थिति को लेकर इंटिग्रेटेड डिजीज सर्विलेंस प्रोग्राम (IDSP) द्वारा अब जिलेवार आंकड़े जारी नहीं किए जा रहे हैं, जबकि अन्य राज्य अभी भी रोजाना हेल्थ बुलेटिन जारी कर रहे हैं।
IDSP के प्रभारी डॉ. अश्विनी भागवत से संपर्क करने की कई कोशिशें की गईं, लेकिन न तो फोन का जवाब मिला और न ही मैसेज का। साल 2020 में महामारी शुरू होने के बाद यह पहली बार है जब अधिकारी कोरोना से जुड़ी जानकारी साझा करने से बच रहे हैं।
एक दिन में 21 नए केस, अब तक 123 संक्रमित
प्रदेश में बुधवार, 11 जून को कोरोना के 21 नए केस दर्ज किए गए। यह इस साल एक दिन में दर्ज सबसे ज्यादा मामले हैं। इसके साथ ही 2025 में कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या 123 हो गई है। इनमें से 86 एक्टिव केस हैं और 34 मरीज रिकवर हो चुके हैं। अब तक 3 मौतें हुई हैं।
इन 3 जिलों की महिलाओं की हुई मौत
- रतलाम: 52 वर्षीय महिला, जिन्हें टीबी, ब्रोंकाइटिस और हाई ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियां थीं। मौत 11 जून को इंदौर में इलाज के दौरान हुई।
- खरगोन: 44 वर्षीय महिला, जिन्होंने हाल ही में एमटीएच अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया था। 6 जून को एमआरटीबी अस्पताल में मृत्यु हुई।
- इंदौर: 74 वर्षीय महिला, जिन्हें किडनी की बीमारी थी। 27 अप्रैल को अरबिंदो अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हुई थी।

कमजोर इम्यूनिटी वाले, गर्भवती महिलाएं रहें अलर्ट
भारत में फिलहाल कोरोना का JN.1 वैरिएंट सबसे अधिक देखा जा रहा है। जांच में आधे से ज्यादा सैंपल में यही वैरिएंट पाया गया है। इसके बाद BA.2 (26%) और ओमिक्रॉन सबलाइनज (20%) के मामले मिल रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने JN.1 को ‘वैरिएंट ऑफ कंसर्न’ माना है, यानी इस पर निगरानी बनाए रखने की जरूरत है।
भोपाल के सिविल सर्जन डॉ. राकेश श्रीवास्तव के अनुसार, जिनकी इम्यूनिटी कमजोर है, उन्हें सतर्क रहना चाहिए। इसके अलावा, पुराने रोगियों और गर्भवती महिलाओं को भी कोरोना से संबंधित सभी सावधानियां बरतनी चाहिए।

भोपाल और इंदौर में नए केस
- भोपाल: अब तक कुल 13 केस सामने आए हैं, जिनमें से 2 नए केस बुधवार को मिले।
- इंदौर: अब तक कुल 81 केस दर्ज किए गए हैं, जिनमें से 12 नए मामले बुधवार को सामने आए।

