लोकसभ चुनाव:राजगढ़ बीजेपी की सरगर्मियों से कांग्रेस हलकान ( श्याम चौरसिया)

मौसम के वसन्ती होते ही मप्र की सबसे हॉट लोकसभा सीटो में से एक राजगढ़ में चुनावी किलेबंदी में बीजेपी ने कांग्रेस पर काफी बढ़त बना ली है।विधानसभा चुनाव सम्पन्न होते ही बीजेपी मन्त्री नारायण सिंह पंवार, गौतम टेटवाल, मौजूदा सांसद रोडमल नागर के नेतृत्व में गांव गांव दस्तक दे रही है।प्रेरक दीवार लेखन,नारों,ग्रामीण सम्मेलनों, के बूते सरकार की विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं के प्रताप से सामाजिक,आर्थिक, कृषि, शेक्षणिक जीवन मे आए बदलाव का अहसास करवाया।प्रधानमंत्री किसान योजना,pm आवास, ग्रामीण नलजल योजना, स्व सहायता समूह, ग्रामीण सड़के, शिक्षा,स्वास्थ के लाभार्थियों,लाडली बहनो से संवाद किए। इनमें आधी से ज्यादा महिलाएं है।
विधानसभा चुनावों में बुरी तरह चित्त कांग्रेस लोक सभा चुनावों की तैयारियों की बजाय अभी राहुल की भारत जोड़ो न्याय यात्रा को सफलता से सम्पन्न कराने में व्यस्त है। राजा दिग्गविजय सिंह, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, पूर्व विधायक बापू सिह तंवर,रामचन्द्र दांगी, प्रियवर्त सिह,पुरुषोत्तम दांगी,गिरीश भंडारी, सहित अन्य प्रभावी नेता अपने स्तर पर तैयारियों में लगे है।
लेकिन तैयारिया शहरी क्षेत्र की सीमा से बाहर अभी निकल ग्रामीण अंचल में पहुचना बाकी है।
बीजेपी ने कांग्रेस पर बढ़त बनाते हुए उपमुख्य मन्त्री राजेन्द्र शुक्ल की सदारत में इतिहासिक,धार्मिक नगरी नरसिंहगढ में प्रभावी टोली सम्मेलन का आगाज करके जंग का श्रीगणेश कर दिया है। सम्मेलन में उप मुख्य मंत्री शुक्ल सहित मन्त्री नारायण सिंह पंवार, गौतम टेटवाल,विधायक मोहन शर्मा,अमरसिंह यादव,मास्टर हजारीलाल दांगी, पूर्व विधायक राजवर्धन सिह, रघुनंदन शर्मा, बद्रीलाल यादव सहित अन्य नेताओं ने pm मोदी के क्रांतिकारी नेतृत्व में समर्थ, सक्षम,स्वाभिमानी,स्वालंम्भी भारत के निर्माण की मिसालें पेश करके कांग्रेस की नाकामियो, दिशाहीनता,गुटबाजी, तुष्टिकरण पर जबरजस्त हमला बोला। महाराष्ट्र,मप्र में कांग्रेस से नाता तोड़ बीजेपी का परचम थामने वाले नेताओं के लगे ताते से उनकी हताशा, मनोदशा का विस्तार से उल्लेख किया।
संदेश ये भी दिया। चेहरा कोई भी हो। लक्ष्य केवल बीजेपी को 370 पार लगाने का है।मप्र में इस बार 28 नही बल्कि 29 सीट ही फतह करनी है।
राजगढ़ की 08 में 06 विधानसभा सीटों पर बीजेपी और राघोगढ़,सुसनेर में कांग्रेस काबिज है। राघोगढ़ से राजा दिग्गविजय सिह के चिरंजीव पूर्व काबीना मन्त्री जयवर्धन सिह विधायक है। कभी 55 हजार से फतह पाने वाले सिह बीजेपी के हरेंद्र सिह बंटी बना से मात्र 04 हजार 05 सो वोटों से जीत सके।
मौजूदा 23 सांसदों में से 10 बदले जाने वाले सांसदो में मौजूदा सांसद रोडमल नागर को बदले जाने की सरगर्मियों ने संभावित दावेदारों की कतार लगा दी। सबसे प्रबल दावेदारों में पूर्व मंत्री महाराज राजवर्धन सिंह,पूर्व विधायक प.हरिचरण तिवारी,रघुनंदन शर्मा,बद्रीलाल यादव, जिला अध्यक्ष ज्ञानसिंह गुर्जर, सीनियर नेता अमित शर्मा, पूर्व आईएएस राधेश्याम जुलानिया आदि है।
कांग्रेस शायद एक बार फिर पूर्व सांसद नारायण सिंह आमलाबे पर दांव लगा पूर्ति कर सकती है। श्री रामनाम की चलती सुनामी को भाप चुके पूर्व सांसद लक्ष्मण सिंह जंग से किनारा कर सकते है। मौसम का एक तरफा मिजाज पूर्व मंत्री राजा प्रियव्रत सिह, पूर्व विधायक रामचन्द्र दांगी पर दांव लगवा सकता है।
बीजेपी के असीरगढ़ को 1984 में राजा दिग्गविजय सिह ने तोड़ बीजेपी के मुगालते दूर किए थे।पर 2019 में भोपाल में 03.60 लाख वोटों से चित्त राजा दिग्गविजय सिंह राजगढ़ के मोहनपुरा,कुण्डलिया जलाशयों पर खड़ा होने का साहस शायद ही जुटा पाए।
2019 में रोडमल नागर ने कांग्रेस की मोना सुस्तानी को 03.25 लाख से अधिक वोटों से हराया था।अब श्रीमती सुस्तानी कांग्रेस से पाला बदल बीजेपी में काफी सक्रिय हो सम्मान पा रही है।
बीजेपी पूर्व cm शिवराज सिंह चौहान को भी उतार अनेक जातीय समीकरण साध सकती है।
फिलहाल कांग्रेस समय के भंवर में फसी है। गिरता मनोबल, हाथ से जाते अवसर, आशंकाए, व्याप्त गुटबाजी जमीनी जमावट में बड़ी रुकावट लगती है।
