हुसैन टेकरी से बेशकीमती हीरा और स्टार चोरी की कहानी

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रतलाम के जावरा स्थित हुसैन टेकरी के छोटे रोजे से बेशकीमती हीरा चोरी होने का रहस्य अब तक अनसुलझा है। बताया जाता है कि करीब 100 साल पहले मुंबई के बड़े डायमंड कारोबारी उस्मान जौहरी ने दो हीरे दान किए थे। उन्हीं दोनों में बड़े रोजे की जरी में लगा हीरा आज भी लगा है, लेकिन छोटे रोजे की जरी में लगा दूसरा हीरा पूरा स्टार (ढांचा) समेत गायब हो चुका है।

इस चोरी का खुलासा तब हुआ जब हुसैन टेकरी कमेटी से जुड़े कुछ पूर्व पदाधिकारी और कर्मचारियों ने मामले को लेकर आवाज उठाई। शुरुआत में जब उन्होंने चोरी की आशंका जताई, तो न तो प्रबंधन ने इसे स्वीकारा और न ही स्थानीय स्तर पर इसे गंभीरता से लिया गया। जिम्मेदार प्रबंधन कमेटी के सदस्यों ने सीधे इनकार कर दिया कि छोटे रोजे में कोई हीरा था।

लेकिन बाद में शिकायतें बढ़ने पर पुलिस ने जांच शुरू की, जिसमें करीब 8 महीने लग गए। आखिरकार पुलिस ने पुष्टि कर दी कि हीरा वाकई वहां मौजूद था, जो चोरी हो गया है। इसके बाद 10 अप्रैल 2025 को जावरा औद्योगिक थाना पुलिस ने केस दर्ज कर लिया। सामने आया कि हीरे की कीमत और कैरेट का कोई रिकॉर्ड नहीं है। इधर, श्रद्धालु और स्थानीय लोग अब इस मामले में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं।

आखिर हीरा कैसे चोरी हुआ? टेकरी प्रबंधन ने हीरे की मौजूदगी से इनकार क्यों किया? पुलिस को जांच पूरी करने में 8 महीने क्यों लगे? चोरी के पीछे किसका हाथ हो सकता है? इस तरह के सवालों का जवाब जानने दैनिक भास्कर टीम टेकरी पहुंची और मामले में छिपे पहलुओं को समझने की कोशिश की। पढ़िए ग्राउंड रिपोर्ट…

गुबंद के बीच जो काला स्थान दिख रहा वह स्टार है और उसी के बीच हीरा लगा था। दूसरे फोटो में स्टार समेत हीरा गायब।
गुबंद के बीच जो काला स्थान दिख रहा वह स्टार है और उसी के बीच हीरा लगा था। दूसरे फोटो में स्टार समेत हीरा गायब।

सबसे पहले जानिए- किस समय गायब हुआ हीरा विश्व प्रसिद्ध हुसैन टेकरी लगभग 300 बीघा क्षेत्र में फैली हुई है। इस परिसर में तीन प्रमुख रोजे (धार्मिक स्थल) बने हुए हैं-

पहला: मेहंदी कुई रोजा दूसरा: बड़ा रोजा तीसरा: छोटा रोजा, जो “अब्बास अलमदार (छोटे रोजे शरीफ)” के नाम से जाना जाता है।

छोटे रोजे की नई इमारत का निर्माण कार्य हाल ही में शुरू किया गया था। निर्माण के दौरान, 6 मार्च 2024 को, प्रबंध कमेटी के कुछ सदस्यों ने छोटे रोजे की जरी मुबारक को उसके मूल स्थान से हटाकर बरामदे में एक अस्थायी पतरे के शेड के नीचे सुरक्षित रखा।

इसी दौरान, जरी मुबारक में गुंबद के स्टार (सितारे) में जड़ा कीमती हीरा रहस्यमय तरीके से गायब हो गया। हीरे के गायब होने की खबर कुछ महीनों तक दबाए रखी गई। लेकिन 7 अगस्त 2024 को इस चोरी की की बात लीक हो गई।

पूर्व में छोटे रोजे शरीफ का स्थान कुछ इस तरह का था।
पूर्व में छोटे रोजे शरीफ का स्थान कुछ इस तरह का था।

18 अगस्त 2024 को पुलिस से शिकायत 18 अगस्त 2024 को हुसैन टेकरी शरीफ के पूर्व कर्मचारी इम्तियाज खान ने तत्कालीन एसपी राहुल कुमार लोढ़ा को सोशल मीडिया के जरिए हीरा चोरी की जानकारी दी। शिकायत के बाद, हुसैन टेकरी के पूर्व सीईओ वसी जमा बेग और पूर्व कमेटी सदस्यों ने भी छोटे रोजे की जरी मुबारक के गुंबद के स्टार से हीरा गायब होने की पुष्टि करते हुए अलग-अलग स्तर पर शिकायतें कीं।

इसके बाद, हुसैन टेकरी की पूर्व और वर्तमान प्रबंधन कमेटियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्कालीन एसपी ने जांच के आदेश दिए। हालांकि, स्थानीय जावरा थाना पुलिस से जांच न कराते हुए, उन्होंने कालूखेड़ा थाने के टीआई को जांच की जिम्मेदारी सौंपी।

आशंका है कि इस छोटे रोजे की इमारत के निर्माण के दौरान जरी का स्थान बदलते समय हीरा गायब हुआ है।
आशंका है कि इस छोटे रोजे की इमारत के निर्माण के दौरान जरी का स्थान बदलते समय हीरा गायब हुआ है।

बिना कमेटी को बताए छोटे रोजे की शिफ्टिंग हुई शिकायतकर्ता वसी मिर्जा के अनुसार, हुसैन टेकरी वक्फ की व्यवस्था के तहत, कोई भी काम तत्कालीन प्रबंध कमेटी अध्यक्ष मो. रऊफ कुरैशी और उमुरे मजबी सिप्तेन सिद्दीकी की मौजूदगी के बिना नहीं किया जा सकता था। यह वक्फ का नियम था।

इसके बावजूद, प्रबंध कमेटी के कोषाध्यक्ष रफीक शाह ने 6 अगस्त 2024 की शाम करीब 4:30 बजे, बिना पूरी कमेटी को जानकारी दिए छोटे रोजे शरीफ की जरी मुबारक को अस्थायी कमरे से बाहर निकलवाया। इस काम के लिए रफीक शाह ने दो बाहरी व्यक्तियों की मदद ली, जो वक्फ की परंपराओं के खिलाफ था।

हालांकि, छोटे रोजे शरीफ की शिफ्टिंग के दौरान हुसैन टेकरी वक्फ के वसीम अली बुखारी (स्टोर इंचार्ज), शेर अली (पुत्तन) (लाइनमैन), मुकीम खान (रोजा अटेंडेंट-मुजाविर), नौशाद (चौकीदार) और रफीक (वेल्डर) मौजूद थे। वसी मिर्जा ने कहा कि रफीक शाह ने पहले ही उस बरामदे में शटर लगवा दिया था जहां जरी मुबारक को रखा जाना था। जरी को बाहर निकालने से पहले, रफीक शाह ने वक्फ के निग्गू लाइनमैन से जरी मुबारक के आसपास निगरानी रखने वाले सीसीटीवी कैमरे भी हटवा दिए।

इस वजह से जरी हटाने और उसे अस्थायी स्थान पर स्थापित करने की प्रक्रिया कैमरे में रिकॉर्ड नहीं हो पाई। जरी को बाहर रखने के बाद, रफीक शाह ने बरामदे के शटर भी बंद करवा दिए। शाम करीब 6 बजे के बाद वसीम अली बुखारी और शेर अली (पुत्तन) चले गए। इसके बाद जरी के पास रफीक शाह, उसके साथ लाए गए दो बाहरी व्यक्ति, मुकीम खान (मुजाविर) और नौशाद (चौकीदार) ही शाम लगभग 7:30 बजे तक मौजूद रहे।

अगले दिन, 7 अगस्त 2024 की सुबह जब रोजा अटेंडेंट मुकीम खान रोजे पर पहुंचे और जरी मुबारक के सामने लोबान देने लगे, तो उनकी नजर जरी के गुंबद पर पड़ी। उन्हें गुंबद में कोई कमी दिखाई दी। उन्होंने ध्यान से देखा, तो पता चला कि जरी मुबारक के गुंबद से स्टार और उसमें जड़ा हुआ बेशकीमती हीरा दोनों गायब हो चुके हैं।

हुसैन टेकरी पर देशभर के श्रद्धालु आते हैं और लोगों की गहरी आस्था इस स्थान से जुड़ी है।
हुसैन टेकरी पर देशभर के श्रद्धालु आते हैं और लोगों की गहरी आस्था इस स्थान से जुड़ी है।

रफीक शाह और बाहरी व्यक्तियों पर शक पुलिस से की गई शिकायत के अनुसार, जरी मुबारक को बाहर निकालने के दौरान तत्कालीन कोषाध्यक्ष रफीक शाह द्वारा किए गए सभी कार्य संदेह के घेरे में हैं।

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि जरी मुबारक को बाहर निकालते समय जो भी लोग रफीक शाह के साथ मौजूद थे, उनकी गहन पुलिस पूछताछ की जानी चाहिए। यदि सभी संदिग्धों से सख्ती से पूछताछ हो तो हीरा चोरी की सच्चाई सामने आ सकती है।

तीनों तरफ दीवार से घिरी जरी मुबारक हजरत अब्बास अलमदार (छोटे रोजे शरीफ) के निर्माण कार्य के चलते, वर्तमान में जरी मुबारक को एक छोटे से अस्थायी स्थान पर रखा गया है। यह स्थान तीनों तरफ से दीवारों से घिरा हुआ है, जबकि सामने की ओर एक शटर लगाया गया है। शटर के सामने एक खुली जगह छोड़ी गई है, जहां से श्रद्धालु वर्तमान में जरी मुबारक के दर्शन कर रहे हैं।

आखिरी बार सोशल मीडिया पर अपलोड वीडियो में दिखा हीरा शुरुआत में, शिकायत के बाद पुलिस भी इस संभावना को लेकर जांच कर रही थी कि जरी मुबारक के गुंबद में हीरा मौजूद नहीं था। लेकिन जब शिकायतों की संख्या ज्यादा हुई तो पुलिस को यह भी आशंका हुई कि घटना में कमेटी के ही अंदर के लोगों की भूमिका हो सकती है।

इधर, सबूतों के साथ शिकायत करने वाले वसी जमा बेग अपनी शिकायत पर अडिग रहे। उन्होंने पुलिस को जानकारी दी कि 6 मार्च 2024 को हुसैन टेकरी से जुड़े यूट्यूब चैनल पर अपलोड किए गए एक वीडियो में, जरी मुबारक के गुंबद पर स्टार के अंदर हीरा स्पष्ट रूप से लगा हुआ दिखाई दे रहा है।

वसी जमा बेग ने यह वीडियो पुलिस को बतौर सबूत उपलब्ध कराया। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि 7 अगस्त 2024 के बाद जरी मुबारक के गुंबद पर स्टार और हीरा दोनों दिखाई नहीं दिए।

छोटे रोजे की जरी मुबारक को मूल स्थान से बरामदे में एक अस्थायी पतरे के शेड के नीचे शिफ्ट किया गया है।
छोटे रोजे की जरी मुबारक को मूल स्थान से बरामदे में एक अस्थायी पतरे के शेड के नीचे शिफ्ट किया गया है।

सबसे पहले इम्तियाज खान ने की शिकायत हुसैन टेकरी शरीफ के सहायक काउंटर इंचार्ज इम्तियाज खान कई वर्षों से सेवक के रूप में काम रहे हैं और छोटे रोजे शरीफ पर भी कई बार मुजाविर (सेवक) की भूमिका निभा चुके हैं, सबसे पहले उन्होंने ही गुंबद पर से हीरा गायब होने की बात कही थी।

जब इम्तियाज खान को जरी मुबारक के गुंबद से हीरा गायब नजर आया, तो उन्होंने तत्काल प्रबंध कमेटी के सदस्यों को इसकी सूचना दी। हालांकि, उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया गया।

इसके बाद इम्तियाज खान ने स्थानीय पुलिस को भी इस संबंध में आवेदन दिया, लेकिन वहां भी उनकी शिकायत पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। निराश होकर, इम्तियाज ने सोशल मीडिया के जरिए तत्कालीन एसपी राहुल कुमार लोढ़ा को सीधे शिकायत भेजी। उन्होंने हुसैन टेकरी शरीफ स्थित पुलिस चौकी में भी लिखित आवेदन देकर हीरा चोरी की सूचना दी।

इन लोगों ने भी की शिकायत इम्तियाज खान की शिकायत के बाद हुसैन टेकरी के पूर्व कार्यपालन अधिकारी वसी जमा बेग ने भी हीरा चोरी को लेकर आठ बिंदुओं में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने दस्तावेजी और प्रमाण भी पुलिस को उपलब्ध कराए।

इसके अलावा, छह अन्य लोगों ने भी हीरा चोरी की अलग-अलग शिकायतें कीं। शिकायतकर्ताओं में इम्तियाज खान (पूर्व कर्मचारी), वसी जमा बेग (पूर्व कार्यपालन अधिकारी), मूबीनउद्दीन तेमूरी (नायब मुतवल्ली), परवेज अख्तर (अक्लूमिया) (वरिष्ठ प्रबंधक), मो. रफीक (प्रबंधक प्रशासन), शेख मकसूद अहमद (उच्च श्रेणी लिपिक), फजलेहक खान (मुन्ना खां) (विद्युत लाइनमैन) शामिल हैं। पुलिस ने वसी जमा बेग के दस्तावेजों व प्रमाणों के आधार पर जो एफआईआर दर्ज की है।

टेकरी कमेटी का मामला कोर्ट में विचाराधीन हुसैन टेकरी शरीफ जावरा के मुतवल्ली सरवर अली खान का 10 नवंबर 2021 को निधन हो गया था। इसके बाद, मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड, भोपाल ने 8 दिसंबर 2021 को एक नई कमेटी का गठन किया। नई कमेटी में रऊफ मोहम्मद कुरेशी को अध्यक्ष, बाले खान को सचिव, मो. रफीक शाह को कोषाध्यक्ष, नासिर अली, शाहनवाज खान, और इकबाल खान को सदस्य बनाया।

इस कमेटी को लेकर हुसैन टेकरी के पूर्व सीईओ वसी जमा बेग कोर्ट चले गए। मामला अब भी कोर्ट में विचाराधीन है। वर्तमान में, हुसैन टेकरी की कमेटी भंग हो चुकी है। फिलहाल, सीईओ वक्फ बोर्ड भोपाल, जुल्लू रहमान, हुसैन टेकरी के कामों की निगरानी करते हैं और सप्ताह में यहां आते हैं।

भोपाल तक पहुंचा था मामला हुसैन टेकरी से हीरा गायब होने का मामला मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड के चेयरमैन तक भी पहुंचा था। हुसैन टेकरी वक्फ के पूर्व पदाधिकारियों ने बोर्ड के चेयरमैन को एक ज्ञापन सौंपते हुए, हीरा चोरी के संबंध में अपनी शिकायतें और कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज सौंपे। इन दस्तावेजों के आधार पर, उन्होंने मामले में एफआईआर दर्ज करवाने की मांग की थी। इसके बाद ही पुलिस ने 10 पेज की एफआईआर दर्ज की थी।

सेवादार बोले- मुझे नहीं पता, हीरा था या नहीं वसी रजा बेग (शिकायतकर्ता) का कहना है कि हुसैन टेकरी पर देशभर के श्रद्धालु आते हैं और लोगों की गहरी आस्था इस स्थान से जुड़ी है। मुंबई के श्रद्धालु उस्मान जौहरी ने यहां दर्शन के दौरान दो हीरे दान किए थे। इनमें से एक हीरा आज भी बड़े रोजे पर लगा हुआ है, लेकिन छोटे रोजे से स्टार समेत हीरा चोरी हो गया है।

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