महाभारत के ‘कृष्ण’ बोले- IAS पत्नी से बेटियों को खतरा:स्मिता पुलिस कमिश्नर की भी नहीं सुन रहीं; सीएम ने कहा- मैं खुद बात करूंगा

महाभारत सीरियल में कृष्ण का किरदार निभाने वाले नीतीश भारद्वाज ने अपनी आईएएस पत्नी स्मिता घाटे भारद्वाज के साथ रिश्तों पर कई खुलासे किए हैं। भारद्वाज का कहना है कि स्मिता अहंकारी प्रवृत्ति की हैं और मनमानी करती हैं। दोनों जुड़वां बेटियों के मन में वह उनके खिलाफ जहर भर रही हैं।
दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने ये भी कहा कि पिछले दिनों जिस तरह से एक कंपनी की सीईओ ने 4 साल के बेटे की गला घोंटकर हत्या कर दी थी, मुझे मेरी पत्नी का बर्ताव देखकर बच्चों की जान का डर लगा रहता है। कोर्ट के आदेश के बाद भी वह मुझे बेटियों से मिलने से रोक रही है।
नीतीश भारद्वाज ने 14 फरवरी को भोपाल पुलिस कमिश्नर को एक आवेदन देकर बेटियों से मिलाने और आईएएस स्मिता के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज करने की मांग की है। वे बेटियों से मिलने के लिए इस समय भोपाल में ही हैं। इसी दौरान दौरान भास्कर ने उनसे बात की। 1992 बैच की आईएएस अधिकारी स्मिता खेल एवं युवा कल्याण विभाग में अपर मुख्य सचिव के पद पर पदस्थ हैं। भास्कर ने उनसे भी बात करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने इन आरोपों का कोई जवाब नहीं दिया। पढ़िए रिपोर्ट…

भारद्वाज बोले- 14 फरवरी को कमिश्नर ने बुलाया तो स्मिता ने कहा बंगले पर भेज दो
14 फरवरी को जब भोपाल के पुलिस कमिश्नर ने उन्हें फोन करके बच्चों के साथ अपने दफ्तर बुलाया तो जवाब मिला कि जिसे मिलना है, उसे मेरे बंगले भेज दो। दैनिक भास्कर ने सवाल किया कि वे बंगले पर क्यों नहीं गए? भारद्वाज ने कहा- मुझे इस बात की आशंका है कि बंगले पर बुलाकर मेरे खिलाफ आईएएस पत्नी कोई आपराधिक साजिश करेगी।
भारद्वाज ने कहा कि मैंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मिलकर उन्हें भी बता दिया है कि आईएएस पत्नी अपने पद का दुरुपयोग कर रही है। बेटियों का अपहरण कर लिया है। मुझे ये तक नहीं बता रही है कि बच्चे कहां और किस हाल में हैं? मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भरोसा दिलाया है कि वे खुद उनकी पत्नी से बात करेंगे।

2012 में ई-मेल किया कि अब हमें तलाक ले लेना चाहिए
भारद्वाज ने बताया कि 2009 में उन्होंने स्मिता से विवाह किया था। 1 मई 2012 तक वह उनके साथ रहे। इसकी भी वजह ये थी कि तब उन्हें मेरी जरूरत थी। उन्हें दो साल से सैलरी नहीं मिली थी तो मैं उनका साथ दे रहा था। जब उन्हें नई पोस्टिंग मिली तो उनका बर्ताव बदलने लगा। फिर वे जहां रहती, मैं खुद उनके साथ जाता था।
15 अक्टूबर 2017 को मैंने स्मिता को ई-मेल किया। इसमें लिखा कि अब हमें तलाक ले लेना चाहिए। तब हमारे बच्चे 5 साल के थे। मैंने उस ई-मेल में इस बात का भी उल्लेख किया कि हमारे रिश्तों का बच्चों की जिंदगी पर कोई असर नहीं होना चाहिए, लेकिन उनका कोई जवाब नहीं आया।
उन्होंने मेरे नंबर ब्लॉक कर दिए। भारद्वाज ने कहा कि स्मिता के साथ मेरा दूसरा विवाह था, लेकिन ये भी टूटने की कगार पर है। ये सिर्फ उनकी मनमानी और अहंकारी प्रवृत्ति की वजह से है। मुझे बेटियों के भविष्य की चिंता है। पत्नी ने कभी मेरी बेटियों को महाभारत में मेरे कृष्ण के किरदार को देखने नहीं दिया। ये वो खुद बेहतर जानती होंगी कि उन्होंने ऐसा क्यों किया?

पहला स्कूल 6 महीने में बदला, फिर 4 महीने में ऊटी के स्कूल से भी नाम हटाया
इंदौर से ट्रांसफर होकर जब 2022 में स्मिता भोपाल पहुंची तो यहां उन्होंने जिस स्कूल में बेटियों को दाखिला कराया, उसकी मुझे जानकारी ही नहीं दी। यहां बच्चे 6 महीने ही पढ़े। इसके बाद उन्होंने दक्षिण में ऊटी के बोर्डिंग स्कूल में बेटियों का एडमिशन करा दिया।
एडमिशन के वक्त अपने मैरिटल स्टेटस की जानकारी नहीं दी। कहा कि बच्चों की कस्टडी कोर्ट ने उन्हें दी है। जबकि यह सरासर झूठ था। कोर्ट में कस्टडी पर अभी फैसला नहीं हुआ है। सिर्फ एक मां होने के नाते बच्चे उनके पास हैं। कस्टडी की अर्जी पर अभी फैसला आना बाकी है।
पत्नी का मानसिक संतुलन ठीक नहीं
भारद्वाज ने ये भी आरोप लगाया कि उनकी पत्नी स्मिता का मानसिक संतुलन ठीक नहीं है। उनकी मानसिक स्थिति की जांच होनी चाहिए। ऐसी मानसिक स्थिति में बेटियों का उनके पास रहना उनकी जान के लिए सुरक्षित नहीं है।
भारद्वाज ने कहा कि पिछले दिनों एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी की सीईओ सूचना सेठ ने भी अपने बच्चे को इसलिए मार दिया था क्योंकि वह अपने पति से बेटे को मिलने नहीं देना चाहती थीं। ऐसी स्थिति में बच्चों की जान को खतरा होने की आशंका है।

बेटी ने रोते हुए मुझसे पूछा, पापा आप दोनों बहनों को अलग क्यों करवा रहे
नीतीश ने आरोप लगाया कि आईएएस पत्नी मेरी दोनों बेटियों को मेरे खिलाफ भड़का रही है। दिसंबर 2023 में कोर्ट ने फैसला दिया कि आप 2, 3 और 4 जनवरी 2024 को बेटियों से कुटुम्ब न्यायालय में मिल सकते हैं। पहले दिन 2 जनवरी को स्मिता दोनों बेटियों को लेकर वहां आई।
मेरी बेटी ने मुझसे पूछा कि पापा- आप हम दोनों बहनों को अलग क्यों करना चाहते हैं? मम्मा ने बताया है कि आपने ने एक बच्चे की कस्टडी मांगी है? इतना कहते ही बेटी रोने लगी। मैंने कहा कि बेटा मैंने दोनों बच्चों की कस्टडी मांगी है। इसका मतलब कि बच्ची की मां ने कोर्ट की प्रोसिडिंग बेटियों से शेयर की है, जो की नहीं करनी चाहिए थी।
भारद्वाज ने कहा कि मैंने केवल एक बेटी की कस्टडी नहीं मांगी है, दोनों बेटियों की मांगी है। मैंने बेटियों से कहा कि बेटा आप ऐसा करो मम्मा से मेरी अर्जी की कॉपी लेकर पढ़ो, लेकिन इसके अगले दिन से फिर पत्नी बेटियों को मिलाने नहीं लाई।
कोर्ट के काउंसलर ने भी उन्हें काफी समझाने की कोशिश की कि ये कोर्ट की अवमानना होगी। उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी कोई परवाह नहीं है। भारद्वाज ने कहा कि मैं नहीं चाहता कि बेटियों पर मां के अहंकारी व्यक्तित्व का असर हो। उसका जैसा बर्ताव मैंने देखा है, उससे मुझे डर है कि मेरी बेटियां के मन में पुरुषों के प्रति गलत धारणा पैदा न हो जाए।

आईएएस पत्नी ने आरोपों पर चुप्पी साधी, कोई जवाब नहीं दिया
दैनिक भास्कर ने भारद्वाज के आरोपों पर उनकी पत्नी आईएएस स्मिता भारद्वाज से संपर्क करने की कोशिश की। उन्हें फोन किए। वॉट्सएप पर मैसेज भेजे। उन्हें उनके पति के आरोपों की जानकारी देकर उनका पक्ष जानना चाहा, लेकिन उन्होंने कोई रिप्लाई नहीं किया। भास्कर संवाददाता ने मंत्रालय में उनके कक्ष में भी उनका पक्ष जानने के लिए संपर्क किया, लेकिन वहां भी वह नहीं मिलीं। उन्होंने खुद पर लगे आरोपों पर कोई जवाब नहीं दिया।

