भोपाल जेल के अधीक्षक के खिलाफ विभागीय जांच शुरू:ढाई महीने पहले प्रहरी ने EOW में शिकायत कर लगाए थे गंभीर आरोप

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भोपाल सेंट्रल जेल के अधीक्षक राकेश भांगरे के खिलाफ EOW (आर्थिक अपराध शाखा) में शिकायत की गई शिकायत के बाद विभागीय जांच शुरू हो गई। यह शिकायत उनके ही प्रहरी दीपेश इंगले ने 23 दिसंबर 2023 को की थी। जिसमें उन्होंने जेल के गौशाला के दूध, चारे में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। साथ ही कहा था कि जेल के कारखाने और मालखाने से कई सामान अवैध रूप से बाहर भेजे जा रहे हैं। इसके लिए जेल में लगे CCTV फुटेज में भी गड़बड़ी की जाती है। मामले की जेल डीआईजी संजय पांडे जांच कर रहे हैं।

पहले जानिए प्रहरी ने क्या आरोप लगाए थे

  • गौ-शाला से दूध और चारे में भ्रष्टाचार किया जा रहा है।
  • जेल की कई सामग्री अवैध ढंग से बाहर भेजी जाती हैं।
  • गलत काम करते समय CCTV से छेड़छाड़ होती है।
  • कैदी जेल से चाबी चोरी कर लेता है। लेकिन, जेल प्रशासन को चाबी चोरी करने की बात कैदी की गिरफ्तारी के बाद ही पता लग सकी थी।
  • जेल स्टाफ को CCTV कैमरों की मदद से प्रताड़ित किया जाता है। स्टाफ के बिना टोपी फोटो निकालकर उन्हें दंडित किया जाता है।
  • प्रत्येक माह ड्यूटी परिवर्तन करने के नियम के बावजूद प्रहरी ईश्वर राय, अनिल सिंह की ड्यूटी नहीं बदली गई। ये जेल गेट पर तलाशी लेते हैं।
  • प्रहरी राम मनोहर भारद्वाज साथी प्रहरियों को फोटो खींचते हैं। जिससे प्रहरियों पर दबाव बनाया जाता है।
EOW में की इस शिकायत के बाद शुरू हुई है, जेल अधीक्षक की जांच।
EOW में की इस शिकायत के बाद शुरू हुई है, जेल अधीक्षक की जांच।

तीन जेल बंदी हो चुके हैं फरार

  1. हमीदिया अस्पताल से 14 अक्टूबर की सुबह हथकड़ी खोलकर कैदी रजत सैनी फरार हो गया था। उसने खजूरी इलाके में अपने दोस्त की हत्या कर लाश को जला दिया था। फरार हुए बंदी रजत सैनी को पुलिस ने बुधनी के जंगलों से गिरफ्तार कर किया था। उसने फरार होने के बाद वर्ष 2022 में खजूरी सड़क थाना इलाके में युवक अमन दांगी की हत्या कर दी थी। उसी मामले में रजत को फांसी हुई है।
  2. भोपाल सेंट्रल जेल का कैदी नदीम खान उर्फ फायर ब्रिगेड 29 दिसंबर 2023 को हमीदिया हॉस्पिटल से फरार हो गया था। वह हत्या के प्रयास के मामले में 7 साल की सजा काट रहा था।उसके खिलाफ 16 केस दर्ज हैं। इलाज के लिए उसे हमीदिया लाया गया था। जहां से वह भाग निकला।
  3. 27 फरवरी को भोपाल के हमीदिया अस्पताल से सिलवानी निवासी घनश्याम अजय पिता कन्हैया लाल गौर फरार हो गया। वह हत्या के प्रयास के मामले में जेल में बंद था। हर्निया के इलाज के लिए पिछले दिनों उसे भोपाल जेल में ट्रांसफर किया गया था।

जेल अधीक्षक बोले- शिकायतों का आदी है प्रहरी

भोपाल सेंट्रल जेल के अधीक्षक राकेश भांगरे ने बताया कि प्रहरी दीपेश इंगले शिकायतों का आदी है। एक बार उसने एक जेल अधिकारी की कार में तोड़फोड़ की थी। जिसकी मैंने जांच की, और दंडित किया था। इसके बाद कैदी नदीम खान फरार हो गया था। वह इसी की कस्टडी में था। लेकिन, वह भोपाल सेंट्रल जेल में अटैचमेंट पर था। उसकी मूल पदस्थापना बरेली जेल में थी। ऐसे में मैने होशंगाबाद जेल अधीक्षक को उस पर कार्यवाही के लिए पत्र लिखा था। इन्हीं तमाम कारणों से उसने मेरे खिलाफ शिकायत की है। मुझ पर लगे भ्रष्टाचार के तमाम आरोप निराधार हैं। हकीकत तो यह है कि पहले जेल में गौ शाला के लिए चारा 7 रुपए प्रति किलो के रेट में खरीदा जाता था। अब इसी चारे को 5.85 रुपए प्रति किलो की दर से खरीदा जाता है।

इधर, जेल से छूटे कैदी ने भी खोले कई राज

हत्या के मामले में सजा काटकर रिहा हुए मंडीदीप निवासी गुलाब सिंह चौहान ने भी कई खुलासे किए हैं। दैनिक भास्कर से बात करते हुए बताया कि मैं साल 2020 से 26 जनवरी 2024 तक भोपाल सेंट्रल जेल में बंद रहा। वहां चरस, गांजा और जर्दा बेचा जाता है। जिस कैदी के पास नशीले पदार्थ पकड़े जाते हैं। उनसे रुपयों वसूली की है। जेल में होने वाली अवैध मादक पदार्थों की बिक्री की शिकायत मैने पूर्व में जेल अधीक्षक राकेश भांगरे से की थी।

इसके बाद सजा के तौर पर मुझे ब खंड से अ खंड में ट्रांसफर कर दिया गया। यही नहीं, जेल के चौके में काम करने वाले कैदियों को वहां से निकलने के लिए मोटी रकम चुकानी होती है। झाड़ू लगाने वाले कैदियों को वहां से निकलने और ड्यूटी चेंज कराने के लिए 15-20 हजार रुपए तक की रिश्वत देनी होती है। जेल सभा में अगर कोई बंदी काम करना चाहता है तो उन्हें भी पैसा देना होता है।

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