भोपाल में 3700 एकड़ में बनेगी नॉलेज एंड AI सिटी
भोपाल के एयरपोर्ट और भौंरी के पास करीब 3700 एकड़ क्षेत्र में नॉलेज एंड एआई सिटी बनेगी। इसके लिए प्रक्रिया शुरू हो गई है। भोपाल विकास प्राधिकरण (BDA) ने डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट, डिजाइन समेत इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कामों के लिए एजेंसियों से प्रस्ताव बुलाए हैं। एक्सपर्ट का मानना है कि नॉलेज एंड एआई सिटी के लिए यह मास्टर प्लान है।
इस संबंध में बीडीए ने टेंडर भी जारी किए हैं। ताकि, जल्द ही डीपीआर समेत अन्य कार्य हो सके और फिर नॉलेज एंड एआई सिटी के निर्माण की शुरुआत की जा सके। एक्सपर्ट मनोज मीक ने बताया कि भोपाल में प्रस्तावित नॉलेज एंड एआई सिटी की प्रक्रिया अब अगले प्रशासनिक चरण में प्रवेश कर गई है।
‘कमाल का भोपाल’ अभियान के तहत लंबे समय से इस विजन को उठा रहे हैं। सरकार ने 13 नवंबर 2025 को औपचारिक गति दी थी। इसके तहत नॉलेज एंड एआई सिटी विकसित करने की घोषणा की गई थी। सिटी के लिए जो ईओआई जारी किया गया है, उनमें शहरी नियोजन, डिजाइन, इंफ्रास्ट्रक्चर, अकादमिक संस्थान और कंसोर्टियम्स से भागीदारी आमंत्रित की गई।
मास्टर प्लान के निर्माण में ठोस चरण
कॉन्फेडरेशन ऑफ रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (क्रेडाई) के अध्यक्ष मीक ने बताया, टेंडर इस बात का संकेत है कि यह एआई सिटी के मास्टर प्लान निर्माण के ठोस चरण में पहुंच चुका है।
भौंरी स्थित नॉलेज एंड एआई सिटी के लिए मास्टर प्लान तैयार करने के लिए सलाहकार चयन के लिए आरएफपी आमंत्रित किया गया है। इससे यह साफ है कि अब प्रोजेक्ट को विजन से आगे बढ़ाकर योजना, सर्वे, व्यवहार्यता, डीपीआर और क्रियान्वयन संरचना की दिशा में ले जाया जा रहा है।
देश के कई राज्यों में एआई सिटी
एक्सपर्ट मीक का कहना है कि भोपाल में नॉलेज एंड एआई सिटी की शुरुआत ऐसे समय में हो रही है, जब देश में समान प्रकृति की टेक-आधारित शहरी परियोजनाओं की दौड़ तेज है। कर्नाटक ने बिदादी में एआई-आधारित नई आईटी इंटीग्रेटेड सिटी की दिशा में कदम बढ़ाए हैं, जबकि विशाखापट्टनम में गूगल एआई हब की घोषणा के साथ एआई इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा सेंटर क्षमता, ऊर्जा और फाइबर नेटवर्क को एकीकृत मॉडल में आगे बढ़ाया जा रहा है।
आंध्रप्रदेश की राजधानी अमरावती अब क्वांटम इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित कर रही है। इसी बीच इंडिया एआई मिशन के तहत 38 हजार से अधिक जीपीयू कॉमन कम्प्यूट सुविधा के लिए ऑनबोर्ड किए जा चुके हैं। इसका सीधा अर्थ है कि अब प्रतिस्पर्धा कम्प्यूट, कनेक्टिविटी, ऊर्जा, टैलेंट और संस्थागत तैयारी की है।
इस प्रोजेक्ट को शिक्षा, शोध, स्टार्टअप, एआई, क्वांटम इंफ्रा, जीसीसी, डेटा और गवर्नेंस-टेक के इंटीग्रेटेड मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट मॉडल के रूप में देखना चाहिए। अब अगला फोकस समयबद्ध सलाहकार चयन, ट्रंक इंफ्रास्ट्रक्चर पहले, एंकर संस्थानों की पहचान, हरित ऊर्जा, जल सुरक्षा, फाइबर नेटवर्क और मासिक समीक्षा तंत्र पर होना चाहिए।
आधुनिक हाईटेक और साइबर सिटी
जानकारी के अनुसार, यह सिटी आधुनिक हाईटेक और साइबर सिटी की तर्ज पर विकसित की जाएगी। इसमें विश्वस्तरीय शैक्षणिक संस्थान, अनुसंधान केंद्र और स्टार्टअप्स एक ही जगह स्थापित होंगे। यह सिटी राजाभोज एयरपोर्ट और भौंरी के पास प्रस्तावित है, जहां पहले से आइसर का रिसर्च सेंटर मौजूद है।
नॉलेज एंड एआई सिटी क्या है, क्यों जरूरी है? नॉलेज एंड एआई सिटी एक आधुनिक स्मार्ट सिटी है, जिसे शिक्षा, अनुसंधान और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित नवाचार के लिए विकसित किया जाता है। इसमें विश्वस्तरीय संस्थान, स्टार्टअप्स और रिसर्च सेंटर एक साथ काम करते हैं। इसका उद्देश्य तकनीक, ज्ञान और उद्योग को जोड़कर नई संभावनाएं तलाशना है, ताकि नवाचार को बढ़ावा मिले।
