भोपाल क्षेत्रीय परिवहन विभाग भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया है
भोपाल क्षेत्रीय परिवहन विभाग भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया है ऐसा सूत्रों का मानना है वरिष्ठ अधिकारी ऑफिस में बहुत कमाते आम जनता से मिलते ही नहीं
मध्य प्रदेश क्षेत्रीय परिवहन में नियम कानून को ताई में रख दिया गया है कितने पुराने कर्मचारी अधिकारी यहां पर जन्मे जड़े हैं वह तबीयत से भ्रष्टाचारी कर रहे हैं
नोट कम कर ऊपर तक भेज रहे हैं ऐसा बताया जाता है हकीकत क्या है जांच का गंभीर विषय है सीसीटीवी कैमरे में बहुत सारी चीज देखने को मिल सकती है
जिससे जांच आसानी से किया जा सकता है
आरटीओ ऑफिस में अधिकारी कर्मचारी इसलिए लेट आते हैं कि मुंह मांगा अवैध रुपया काम करवाने के नाम पर अच्छे से ठीक से जल्दी से मिल जाता है इसलिए कर्मचारी अधिकारी लेट आते हैं और कुछ लोग तो आते ही नहीं है हफ्ते में मात्र एक या दो बार
भोपाल क्षेत्रीय परिवहन विभाग कार्यालय में कर्मचारी एक तो लेट आते हैं दूसरे कुछ वरिष्ठ अधिकारी आते ही नहीं है
20 में 2024 समय लगभग 3:00 बजे सोमवार वरिष्ठ अधिकारी कर्मचारी के तलाश में लाइसेंस बनाने वाले इंतजार करते-करते चले जाते हैं
उनकी ईमानदारी से जांच होना चाहिए सीसीटीवी कैमरे में कितने कर्मचारी कितने बजे आए और मनमानी कौन कर रहा है
हर कोई मनमानी नहीं करता है इस बात का भी विशेष ध्यान रखा जाए*
लोग जनता अपने इंटरनेशनल लाइसेंस के लिए ऑफिस पहुंचते हैं
इंतजार करते-करते चले जाते हैं जिसके वजह से भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है
मनमानी अत्याचारी के चलते भारतीय जनता पार्टी एवं सरकार और मोदी जी की जबरदस्त बुराइयां हो रही है छवि खराब कर रहे हैं हमारे सीनियर कर्मचारी आरटीओ विभाग में पहले से जमे जमाए हैं
क्षइनका कोई बाल भी बांका नहीं बिगाड़ सकता मनमानी करने वाले लोग भोपाल राजधानी क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय आरटीओ ऑफिस में हमने जड़े हैं जिनकी वजह से मनमाना खुलेआम भ्रष्टाचार चल रहा है
मध्य प्रदेश सरकार को अपनी छवि बचाना है तो भ्रष्टाचारियों कर्मचारियों को तत्काल सबसे पहले सीसीटीवी कैमरे के माध्यम से जांच करवाई जाए कौन कितने बजे आ रहा है कौन नहीं आ रहा है जनता कितनी परेशान हो रही है
इस भ्रष्टाचारी के पीछे किसका हाथ है कौन सा योग कर रहा है और क्यों नहीं यहां के कर्मचारियों का ट्रांसफर होता है
यहां कानून के दीजिए उड़ाई जा रही है ऐसा लगता है आरटीओ ऑफिस भोपाल में नियम कानून का कोई रोल कॉल ही नहीं है
ऐसा भोपाल में देखने को मिल रहा है खाली कुछ लोगों के लिए नियम कानून बने हैं बाकी भ्रष्टाचारियों के लिए कोई नियम कानून नहीं है क्या यह जांच का विषय नहीं है इस पर आवेदन उच्च स्तर पर जांच किया जाए सुप्रीम कोर्ट के जजों की टीम बनाकर पारदर्शिता के साथ कार्रवाई हो किसी भी कर्मचारी के साथ अन्याय ना हो पहले जांच हो ईमानदारी से फिर उन पर कार्रवाई हो जो दोषी पाए जाए तो विनोद सूर्यवंशी द्वारा
