कलेक्‍टर ने सेंट अलॉयसिस और स्‍टेमफील्‍ड स्‍कूल की शिकायतों की खुली सुनवाई की

0
Spread the love

मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले के कलेक्टर श्री दीपक सक्सेना ने लगातार 3 घंटे तक मैराथन बैठक लेकर के सेंट अलॉयसिस और स्‍टेमफील्‍ड स्‍कूल की सभी शाखाओं से प्राप्‍त शिकायतों की खुली सुनवाई की गई। जिसमें स्‍कूल संचालक और पेरेन्‍टस उपस्थित थे। सुनवाई में स्‍कूल फीस तथा शैक्षणिक सामग्री जैसे किताबें, यूनिफार्म व स्‍टेशनरी आदि के संबंध में प्राप्‍त शिकायतों के निराकरण के संबंध में आवश्‍यक चर्चा की गई। इस दौरान स्‍कूल संचालक व पैरेन्‍टस ने अपने-अपने विचार व्‍यक्‍त किये तथा बेहतर व्‍यवस्‍था के लिये सुझाव दिये। कलेक्‍टर ने कहा कि स्‍कूल संचालक अक्‍टूबर में ही अगले सत्र में लगने वाले फीस व शैक्षणिक सामग्री के बारे में पैरेन्‍टस को बता दें। जिससे पैरेन्‍टस परेशान न हो और शैक्षणिक सामग्री विक्रेताओं की मोनोपोली न चले। उन्‍होंने जोर देकर कहा कि पेरेन्‍टस स्‍कूलों में सजगता बनाये रखें और जहां सही न हो उसका विरोध करें। बच्‍चों को इसमें कोई परेशानी न हो। आज की खुली सुनवाई में स्‍कूल संचालक व पेरेन्‍टस के बीच संवाद कक्षा तक नहीं पहुंचनी चाहिये। किसी भी विद्यार्थी को इस सुनवाई का विपरीत प्रभाव नहीं पड़ना चाहिये। उन्‍होंने कहा कि फीस को लेकर जो सर्कुलर है, उसका पालन हो। जो पालन नहीं किये है उन पर जिला शिक्षा समिति यथोचित निर्णय लेगी। शैक्षणिक सामग्रियों के विक्रेताओं के मोनोपोली रोकने के लिये उन्‍होंने कहा कि मार्च में इसके लिये मेला लगाने का प्‍लान करें। उन्‍होंने कहा कि फीस को लेकर पेरेन्‍टस को एक मौका दिया जायेगा, जिसमें वह एनआईसी की वेबसाइट पर अपलोड फीस की सूची से स्‍कूलों को दिये फीस का मिलान करें। इसमें जहां कहीं भी विसंगति आती है तो उसकी शिकायत करें। इस दौरान फीस, किताब व अन्‍य शैक्षणिक सामग्री से जुड़ी शिकायतों पर गहन चर्चा कर आवश्‍यक निर्देश दिये।

जबलपुर कलेक्टर दीपक सक्सेना ने किया खुलासा

इस बैठक में खुलासा हुआ कि सेंट अलॉयसिस स्कूल के द्वारा जो बुके चिन्हित की गई थी उनमें से कई पब्लिशर फर्जी किताबें प्रकाशित की है और उन किताबों को सेंट अलॉयसिस स्कूल जबलपुर ने अपने सिलेबस में लेकर के अपने स्कूल के बच्चों से यह किताबें खरीदवा भी ली जबलपुर कलेक्टर दीपक सक्सेना ने बताया कि यह बुक आई एस बी एन में दर्ज नहीं है ISBN या इंटरनैशनल स्टैंडर्ड बुक नंबर, किसी ISBN रजिस्ट्रेशन एजेंसी की ओर से प्रकाशित की गई किताब का यूनीक आइडेंटिफ़ायर होता है. अगर आपने किसी किताब का ISBN दिया है, तो उसे किताब के कैटलॉग या आपकी किताब के मेटाडेटा टैब में देखा जा सकता है. यह जो स्कूलों द्वारा बुक्स खरीद ली गई है खरीदवा दी गई है वह फर्जी है, जब यह बात सामने आई है सेंट अलॉयसिस स्कूल के संचालक से जब चर्चा हुई तो उन्होंने बताया कि जब किताबें फर्जी खरीद ली गई है तो यह जांच का विषय है इसमें जांच की जाना चाहिए परंतु यह किताबें पेरेंट्स के द्वारा स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के लिए 2024 सत्र के लिए खरीद ली गई है अब इनका क्या होगा यह देखना होगा। बैठक में अपर कलेक्‍टर श्रीमती मिशा सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी श्री घनश्‍याम सोनी तथा जिला कोषालय अधिकारी सुश्री विनायका लाकरा के साथ स्कूलों के संचालक एवं सैकड़ों की संख्या में शिकायतकर्ता और पेरेंट्स मौजूद थे।

इस 3 घंटे चली बैठक में हम भी शामिल रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *


Notice: ob_end_flush(): failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home2/lokvarta/public_html/wp-includes/functions.php on line 5481