कालीचरण बोले-भारत में भी हो सकती है बांग्लादेश जैसी स्थिति

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तीन साल पहले छत्तीसगढ़ के रायपुर की धर्म संसद में महात्मा गांधी के खिलाफ विवादित टिप्पणी कर चर्चा में आए कालीचरण महाराज मंगलवार को भोपाल पहुंचे। वे आज शाम नीब करौरी बाबा भक्तमंडल के कार्यक्रम में शामिल होंगे। इससे पहले उन्होंने दैनिक भास्कर से चर्चा की। कालीचरण महाराज ने बांग्लादेश में हिन्दुओं पर अत्याचार को लेकर कहा कि, भारत में भी बांग्लादेश जैसी स्थिति हो सकती है।

पढ़िए कालीचरण महाराज ने दैनिक भास्कर से हुई बातचीत में क्या कहा….

सवाल- बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार हो रहा है आप क्या कहेंगे? कालीचरण- हिंदुओं को जागृत होना अत्यंत आवश्यक है। हिंदू जातिवाद, वर्ण वाद, जातिवाद, भाषावाद तोड़ते हुए जितना एकीभूत होगा, उतना सुरक्षित होगा। हिंदुओं को वोट बैंक बनना अत्यंत आवश्यक है। हिंदुओं के सामने सुरक्षित रहने का कोई पर्याय नहीं है।

सवाल- कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि भारत में प्रदर्शन करने से बांग्लादेश सरकार पर कोई असर नहीं होगा? कालीचरण – बांग्लादेश जैसी स्थिति भारत में होने की पूरी-पूरी संभावना है। उसका डिटेल मैं आपको बाद में बताउंगा। किस प्रकार की कैसी संभावनाएं हैं। किस लिए यहां प्रदर्शन की आवश्यकता है।

कालीचरण महाराज ने कहा- राजा अगर चाहे तो अखंड भारत बन सकता है।
कालीचरण महाराज ने कहा- राजा अगर चाहे तो अखंड भारत बन सकता है।

सवाल- हिंदू राष्ट्र बनाने की मांग कब तक और कैसे पूरी होगी? कालीचरण- जितनी शीघ्रता से हिंदू एकीभूत होकर वोट बैंक बनेगा उतनी शीघ्रता से यह मांग पूरी होगी।

सवाल- भारत में रहने वाले मुसलमान कहते हैं हमने भी भारत को आजाद करने की लड़ाई लड़ी थी? कालीचरण- उन्होंने भारत को तोड़ने के लिए लड़ाई लड़ी। पाकिस्तान किसने बनाया मुसलमानों ने, बांग्लादेश किसने बनाया मुसलमानों ने, यह राष्ट्रद्रोही लोग हैं। देशद्रोही लोग हैं। जिन्होंने देश के टुकड़े मुसलमान के भले के लिए किए। देश के टुकड़े देश के भले के लिए नहीं किए। पाकिस्तान क्यों तोड़ा, बांग्लादेश क्यों तोड़ा, मुसलमान के लिए तोड़ा। देश के लिए नहीं।

सवाल – क्या अखंड भारत बन सकता है ? कालीचरण- निसंदेह बन सकता है। क्यों नहीं बन सकता, राजा अगर चाहे तो….. राजा यानी विधायक, सांसद ये सब राजा हैं, 4150 विधायक, 250 राज्यसभा सांसद, 545 लोकसभा सदस्य, कुल मिलाकर यह 4945 लोग कायदे कानून बनाते हैं। सभी प्रकार की न्याय व्यवस्था को निर्धारित करते हैं। पॉलिसी निर्धारित करते हैं। अगर उनकी पॉलिसी है हिंदू राष्ट्र बनाना, तो निसंदेह बनाएंगे।

राजा लोग चाहें तो कर सकते हैं। फ्रांस ने क्या किया? चीन ने क्या किया? जापान ने क्या किया? इस प्रकार से दुनिया के देश कर रहे हैं हमें भी करना चाहिए।

कालीचरण महाराज ने हिंदुओं से जाति और वर्ण को पूछना और बताना बंद करने का आवाहन किया है।
कालीचरण महाराज ने हिंदुओं से जाति और वर्ण को पूछना और बताना बंद करने का आवाहन किया है।

सवाल- संसद, विधानसभाओं में संतों की भागीदारी बढ़ रही है, क्या संतों के लिए भी आरक्षण होना चाहिए? कालीचरण- मैं किसी भी प्रकार के आरक्षण का सख्त विरोधी हूं सिर्फ आर्थिक स्थिति पर ही आरक्षण होना चाहिए। अन्य किसी भी स्थिति पर आरक्षण का में सख्त विरोधी हूं।

सवाल- गाय को राष्ट्र माता का दर्जा देने की मांग हो रही है, सिर्फ महाराष्ट्र सरकार ने भी एक कानून पारित किया है अन्य राज्यों को लेकर आप क्या करेंगे? कालीचरण- जब तक हिंदू वोट बैंक बनकर कट्टर हिंदू राजाओं को राजनीति में नहीं बिठाता तब तक यह सब जगह संभव होना नहीं है। एकमात्र हिंदुओं को हिन्दुओं के लिए मतदान करना। यही एकमात्र उपाय है। अगर हिंदू ये बात समझ लेते हैं तो हम शीघ्रतापूर्वक संपूर्ण गोवंश हत्या वंदीकरण कानून संपूर्ण देश में पारित करा लेंगे।

सवाल- 6443 जातियों में बंटे समाज को कैसे एग्जिट करेंगे? कालीचरण- ये काम सिर्फ साधु कर सकता है। साधु जातिवाद तोड़ने के लिए जितना जल्दी लगेगा, उतने जल्दी हिंदू एकीभूत होगा। साधुओं को ऐसी घोषणा करना चाहिए कि किसी की जाति पूछना और जाति बताना धार्मिक अपराध है।

मैं भी संन्यासी होने के नाते से यह धर्मादेश पूर्वक हिंदुओं से यह आवाहन करता हूं कि जाति पूछना और जाति बताना, वर्ण पूछना, बताना बंद कर दीजिए। और गर्व से कहिए हम हिंदू हैं

सवाल- फिर शादी-विवाह कैसे होंगे? कालीचरण- भगवत गीता के अनुसार चारों वर्णों की रचना ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र यह कर्म से हैं जन्म से नहीं है। वर्ण शंकर तब होगा जब दो अलग-अलग गुण कर्मों के लोग आपस में मिलेंगे तो वर्ण शंकर होगा। यह भगवान के आदेश के साथ में है भगवत गीता और शास्त्रों के विरोध में हैं। यह बात समाज में साधुओं को बताना चाहिए कि वर्णशंकर तब होगा।

समान गुण कर्मों के लोग एक दूसरे से विवाह करें। और जाति व्यवस्था पूरी तरह से खत्म कर देना चाहिए। जाति न मानकर सिर्फ हिंदू रखना चाहिए। समान गुण कर्म के लोग शादी कर लेवें यह भगवान की इच्छा के हित में है।

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