बीजेपी की मोहन सरकार: रोजगार देने की बजाय बेरोजगार करने तुली(श्याम चौरसिया )

रेवड़ियों,खेरातो के बूते चुनावी वैतरणी पार करने वाली बीजेपी प्रशिक्षत,होनहार,प्रतिभाशाली,योग्य, अनुभवी युवाओं को रोजगार देने की बजाय उनकी रोजी रोटी छींन्न उन्हें बेरोजगार करने पर तूल चुकी है। ये आरोप 04 से 10 साल से अधिक सेवाएं दे चुके अतिथि शिक्षकों ओर उनके संघ/संगठनों ने जड़ा है। तथ्य गवाह है। पिछले 45 दिनों में प्रदेश भर में बीच शिक्षा सत्र में लगभग 19 हजार से अधिक अथितियों की सेवाएं खत्म कर दी। विभाग की दोषपूर्ण ओर ढेर विडंबनाओं, विसंगतियों से लबरेज नीतियों की गाज इन पर गिरी।
क्रमोन्नति पाए शिक्षको ने सेवारत विषय पारंगत अथितियों की शालाओं का ऑन लाइन चयन कर लिया। क्रमोन्नति पाए शिक्षको के ज्वाइनिंग देते ही अथितियों को हटाने में प्राचार्य ने देर नही की। यदि शासन की नीति और तत्कालीन cm चौहान के वायदे के अनुसार पोर्टल पर सेवारत विषय पारंगत अथितियों को शो किया जाना चाहिए था। ऐसा न करके पोर्टल पर रिक्त स्थान दिखा अथितियों की अकाल बेदख़ली का रास्ता साफ कर दिया।
इनमें 75% से अधिक महिलाएं है। बेदख़ली के शिकार अधिकांश नोकरी की निर्धारित आयु सीमा को छू रहे है।हजारो ने व्यापम की शिक्षक पात्रता परीक्षा भी पास कर रखी है। मगर विभाग की लालफीता शाही ने उनका भविष्य तबाह कर दिया।
दिलचस्प। मानवीय संवेदनाएं रखने वाले जिला शिक्षा अधिकारी और जनप्रतिनिधि इस अन्याय को न्याय में बदलने के प्रयास तो करते है। मगर विभाग के बेतुके,अव्यवहारिक नियम रोड़ा साबित हो रहे है।
अथितियों कीमांग है कि पोर्टल को दुरुस्त करके पूर्व से सेवारत अथितियों को पुनः बहाल किया जाए। ताकि महंगाई के युग मे रोजी रोटी चला सके।वायदे के मुताबिक अथितियों को नियमित किया जाए। अथितियों ने हाल में cm सहित अनेक मंत्रियो के अभिनंदन समारोह में अपनी इस लंबित मांग को पूरी करने की याद दिलाई।
