लेबनान में हिजबुल्लाह के गढ़ में पहुंचा दैनिक भास्कर
‘तारीख 2 अक्टूबर है। मेरी फ्लाइट लेबनान की राजधानी बेरूत से कुछ ही दूर है। फ्लाइट लगभग खाली है। अचानक पायलट की आवाज आई- वी आर रेडी फॉर द लैंडिंग। प्लेन की खिड़की से बाहर देखा तो आसमान में काला धुआं दिखा। जमीन पर टूटी इमारतें दिखाई देने लगीं। इजराइल बेरूत पर करीब 10 दिन से बमबारी कर रहा है। काला धुआं और जमीदोंज इमारतें उसी का नतीजा हैं।’
‘इजराइल के हमले में 700 से ज्यादा मौतें हुई हैं। मरने वालों में हिजबुल्लाह चीफ हसन नसरल्लाह के अलावा 50 बच्चे और 94 महिलाएं भी हैं। 1,800 से ज्यादा लोग घायल हैं। शाम के वक्त मैंने बेरूत में लैंड किया। भारत से लेबनान के लिए सीधी फ्लाइट्स बंद हैं। इसलिए मैं पहले दिल्ली से तुर्किये के इस्तांबुल पहुंचा और फिर इस्तांबुल से बेरूत।’
‘मैं जिस दिन बेरूत पहुंचा, उसी दिन इजराइल की सेना ने साउथ लेबनान में जमीनी हमला किया था। इसमें 8 इजराइली सैनिकों की मौत हुई थी। दूसरी तरफ बेरूत में इजराइल हिजबुल्लाह के ठिकानों पर एयर स्ट्राइक कर रहा है।’
‘दैनिक भास्कर अगले कुछ दिनों तक लेबनान से आपको यहां के वास्तविक हालात दिखाएगा। यहां कैसा माहौल है। हिजबुल्लाह चीफ की मौत के बाद क्या बदला है। जंग का लेबनान के आम लोगों पर क्या असर हुआ है। यहां रहने वाले भारतीय किस हाल में हैं। साथ ही लेबनान के अहम लीडर्स के इंटरव्यू भी होंगे। तो पढ़ते और देखते रहिए दैनिक भास्कर।’
– लेबनान से वैभव पलनीटकर

अब पढ़िए पहले दिन हमने लेबनान में क्या देखा… 3 अक्टूबर की सुबह पता चला कि वेस्ट बेरूत के हेरत हैरिक और दाहिया एरिया में रात 3 बजे इजराइल ने हमला किया है। दाहिया में ही एयर स्ट्राइक करके इजराइल ने हिजबुल्लाह चीफ नसरल्लाह को मार गिराया था। बेरूत के पोर्ट इलाके से करीब 15 मिनट ड्राइव करने के बाद हम उस लोकेशन पर पहुंचे।

1. हेरत हैरिक: वेस्ट बेरूत में हिजबुल्लाह का गढ़ हेरत हैरिक सेंट्रल लेबनान में है। ये घनी आबादी वाला इलाका है। यहां एंट्री करते ही एक धमाका सुनाई दिया। हम उस तरफ बढ़े, जहां से धमाके की आवाज आई थी। दूर से ही धुएं और धूल का गुबार दिखाई दिया। स्थानीय लोग बताते हैं कि ये जगह हिजबुल्लाह का गढ़ है। यहां रहने वाले खासतौर पर शिया मुस्लिम, हिजबुल्लाह के समर्थक हैं।
आसमान में उठ रहे धुएं से लोकेशन का अंदाजा लगाते हुए हम सही जगह पहुंच गए। यहां 16 मंजिला इमारत पर एयर स्ट्राइक हुई थी। इमारत की जगह अब मलबे का ढेर था। उससे आग की लपटें निकल रही थीं। आसपास की बिल्डिंग और दुकानों को भी नुकसान पहुंचा था।

हम मलबा देख ही रहे थे कि एक व्यक्ति हमारे पास आया। चेहरे पर उदासी के साथ गुस्सा था। चिल्लाकर बोला- ‘लुक व्हाट इजराइल इज डूइंग।’ हमने उस व्यक्ति से नाम पूछा, लेकिन उसने बताने से इनकार कर दिया। उसने बताया…
यहीं पास में मेरी कॉफी शॉप थी। इजराइल ने बिल्डिंग पर बम गिराया तो उसका मलबा मेरी कॉफी शॉप पर भी गिरा। कॉफी शॉप और मेरी कार बर्बाद हो गई।

तभी पुलिस की गाड़ियां आ गईं। पुलिसवालों के साथ काले कपड़े पहने कुछ लोग थे। उन लोगों ने हमें जाने के लिए कहा। वे शूट करने से रोकने लगे। हमें लगा कि यहां रुकना ठीक नहीं है, इसलिए हम वहां से निकल गए। हमारे लेबनानी ड्राइवर ने बताया कि ये लोग हिजबुल्लाह के मेंबर थे।

2. दाहिया: हिजबुल्लाह का कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, जो तबाह हो गया हेरत के बाद हम करीब दो किमी दूर दाहिया पहुंचे। हिजबुल्लाह के बड़े कमांडर्स की मौजूदगी की वजह से दाहिया खासतौर से इजराइल के टारगेट पर है। इजराइल ने इस इलाके में हमले की चेतावनी भी दी थी। हमले वाली जगह पहुंचने के लिए हम जिस रास्ते से जा रहे थे, वहां हिजबुल्लाह के चीफ रहे नसरल्लाह की फोटोज लगी हुई थीं। यही एक बैनर भी लगा है, जिस पर लिखा है- परचम बुलंद रहे।

27 सितंबर को इजराइल को नसरल्लाह के इस इलाके में मौजूद होने का इनपुट मिला था। उसने उसी वक्त हमला करके नसरल्लाह को मार गिराया। मलबे की साइट पर भी नसरल्लाह की फोटो और हिजबुल्लाह का झंडा लगा दिखा। जिस इमारत पर हमला हुआ, उसे हिजबुल्लाह का कमांड एंड कंट्रोल सेंट्रल बताया गया। इजराइल को यहां हिजबुल्लाह के कमांडर के छिपे होने का शक था। इसके बाद उसने एयर स्ट्राइक की।
स्ट्राइक वाली जगह के आसपास कोई मौजूद नहीं था। कुछ लोग आते-जाते दिखे। हमने उनसे बात करने की कोशिश की, लेकिन वे बचकर निकल गए। हम कुछ देर मलबे की फोटो लेते रहे। तभी स्कूटी से आए कुछ लोगों ने हमें रोक दिया। पूछने लगे कि यहां फोटो लेने की परमिशन किसने दी। काले कपड़े पहने हुए ये लोग अरबी में बोले- ‘यहां शूटिंग मत करो, चले जाओ यहां से।’

3. बशूरा: पार्लियामेंट के पास एयर स्ट्राइक, 9 की मौत बशूरा लेबनान की पार्लियामेंट, प्राइम मिनिस्टर ऑफिस और UN हेडक्वार्टर से कुछ ही किमी दूर है। 2 अक्टूबर की रात इजराइल ने यहां एयर स्ट्राइक की थी। टारगेट पर 10 मंजिला इमारत की दूसरी मंजिल थी।लेबनान हेल्थ डिपार्टमेंट के मुताबिक, इस स्ट्राइक में 9 लोगों की मौत हो गई और 14 घायल हैं। हम लोकेशन पर पहुंचे, तब मलबा हटाया जा रहा था।

बेरूत के आसमान में इजराइली ड्रोन, हर मूवमेंट पर नजर बेरूत में घूमते हुए लगातार ड्रोन उड़ने की आवाज गूंज रही है। मोटर चलने जैसी ये आवाज इजराइली ड्रोन की है। ये ड्रोन लगातार बेरूत की हर एक्टिविटी पर नजर रख रहे हैं। ये नजर नहीं आते, लेकिन आवाज से इनके होने का पता चल जाता है।
अब पढ़िए लेबनान में क्या हो रहा है
हिजबुल्लाह चीफ के बाद उसके दामाद की भी मौत इजराइल ने हिजबुल्लाह चीफ हसन नसरल्लाह के दामाद हसन जाफर अल-कासिर के मारे जाने का दावा किया है। न्यूज एजेंसी AFP ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि इजराइली सेना ने 2 अक्टूबर को सीरिया की राजधानी दमिश्क में हवाई हमला किया था। इसी में हसन की मौत हुई है। उसके साथ 2 और लोग मारे गए हैं।

हिजबुल्लाह का दावा- इजराइल को साउथ लेबनान के रास्ते घुसने से रोका हिजबुल्लाह ने दावा किया है कि इजराइली सैनिक साउथ लेबनान के रास्ते देश में घुसने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन हमारे लड़ाकों ने उन्हें नाकाम कर दिया। संगठन ने बताया कि इजराइल ‘फातिमा गेट’ के जरिए लेबनान में घुस रहा था। फातिमा गेट इजराइल और लेबनान की सीमा पर मौजूद मेतुला गांव की एक लोकेशन है। इजराइली सेना की तरफ से अब तक इस पर बयान नहीं आया है।
इजराइल ने लेबनान में 25 गांव खाली करने को कहा इजराइल ने गुरुवार को साउथ लेबनान के 25 गांव खाली करने के लिए कहा है। इजराइल की सेना IDF ने यहां के लोगों से कहा है कि वे उत्तरी लेबनान की तरफ चले जाएं। इस लिस्ट में नबातियेह भी शामिल है, जो साउथ लेबनान का सबसे बड़ा शहर है।
नबातियेह शहर यूनाइटेड नेशंस के 2006 में बनाए बफर जोन के करीब है। ये इलाके खाली कराने से संकेत मिल रहा है कि इजराइली सेना यहां ग्राउंड ऑपरेशन तेज कर सकती है। इजराइल ने 1 अक्टूबर को साउथ लेबनान में जमीनी हमला शुरू किया था। इजराइल लेबनान के उन इलाकों पर भी लगातार बमबारी कर रहा है, जहां हिजबुल्लाह की मजबूत मौजूदगी है।

WHO ने कहा- लेबनान में 24 घंटे में 28 हेल्थ वर्कर्स की मौत वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन के मुताबिक, लेबनान में इजराइल के हमलों में बीते 24 घंटों में 28 हेल्थ वर्कर्स मारे गए हैं। अलजजीरा के मुताबिक, WHO के चीफ डॉ. टेड्रोस गेब्रेयेसस ने बताया कि कई वर्कर हमलों की वजह से ड्यूटी पर नहीं आ रहे हैं। इससे घायलों को इलाज में मुश्किल आ रही है। उड़ानों पर लगी रोक से लेबनान को दवाओं की खेप पहुंचाने में दिक्कत हो रही है।

लेबनान से अपने नागरिकों को निकाल रहे रूस और स्पेन, विमान भेजे लेबनान में फंसे अपने नागरिकों को निकालने के लिए रूस और स्पेन ने बेरूत फ्लाइट भेजी हैं। रूस के मंत्री अलेक्जेंडर कुरेनकोव के मुताबिक, रूसी डिप्लोमैट और उनके परिवार के सदस्यों को लेकर एक स्पेशल फ्लाइट बेरूत से रवाना हो गई है। इसमें करीब 60 लोग सवार हैं। रूस ने ईरान में रह रहे अपने नागरिकों को तुरंत देश छोड़ने के लिए कहा है।
वहीं, स्पेन ने दो विमान बेरूत भेजे हैं। स्पेन की डिफेंस मिनिस्टर मार्गरीटा रोबल्स ने कहा कि लेबनान में स्पेन के करीब एक हजार लोग हैं। इनमें से 400 से 500 लोगों को निकाला जा रहा है। सरकार ने स्पेन के सभी नागरिकों से देश छोड़ने के लिए कहा है। स्पेन के 676 सैनिक भी UN शांति मिशन के तहत लेबनान में तैनात हैं।
एमिरेट्स ने ईरान जाने वाली उड़ानें रद्द कीं एमिरेट्स एयरलाइन ने इराक के बसरा-बगदाद, ईरान के तेहरान और जॉर्डन के अम्मान जाने वाली फ्लाइट तीन दिन के लिए रद्द कर दी हैं। इससे पहले एयरलाइन कंपनी ने दुबई और बेरूत के बीच उड़ानें 8 अक्टूबर तक के लिए रद्द कर दी थीं।

