शहरी क्षेत्र में सार्वजनिक परिवहन की सुविधा प्रतिबंधित करना एक साजिश है
*शहरी क्षेत्र में सार्वजनिक परिवहन की सुविधा प्रतिबंधित करना एक साजिश है *
*श्याम सुन्दर शर्मा*
सार्वजनिक परिवहन क्षेत्र की शहरी क्षेत्र में परिवहन की सुविधाओं को प्रतिबंधित / हड़ताल किए जाने का कारनामा का समना भोपाल शहर वासियों द्वारा पहली बार स्वतंत्रता के बाद देखा होगा इसके पूछे का मूल कारण सार्वजनिक परिवहन क्षेत्र में पूर्णता निजीकरण का होना है
*यदि प्रदेश में मध्य प्रदेश सड़क परिवहन निगम के अस्तित्व को खत्म नहीं किया जाता शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में यदि सड़क परिवहन निगम के माध्यम से सार्वजनिक परिवहन सेवा उपलब्ध कराई जाती रहती तो शायद यह सब नहीं होता*
*और न ही इससे पहले ऐसा हुआ है *
*नगर निगम प्रशासन /नगर सरकार के माध्यम से अनुबंध कर निजी मोटर मालिकों द्वारा सार्वजनिक परिवहन क्षेत्र की बसों का संचालन कर भारी भरकम आर्थिक लाभ सब्सिडी/ विज्ञापन/ एवं अन्य माध्यमों से प्राप्त किया जाता है/ किया जा रहा है/ किया जाता रहेगा / शासन प्रशासन एवं जिम्मेदार एजेंसियों के लिए यह बहुत ही विचारणीय प्रश्न है*
इस पर विचार होना चाहिए
वर्तमान के जो कर्मचारी जिन कंपनियों के संचालकों के यहां सेवा दे रहे हैं) कार्य कर रहे हैं! उनके वेतन भुगतान से भविष्य निधि फंड की काटी गई राशि को भविष्य निधि फंड कार्यालय में जमा नहीं करना आर्थिक अनियमित/ आर्थिक अपराध/ अमानत में खयानत /420 जैसे दंड की श्रेणी में आता है
उक्त दंडों से दंडित करने के लिए क्षेत्रीय भविष्य निधि फंड कमिश्नर को संबंधित एजेंसी कंपनी के प्रबंधन को दंडित किये जाने के अधिकार हैं!
सार्वजनिक शहरी क्षेत्र की नगर सरकार से परिवहन से जुड़ी हुई कंपनियां के बस संचालक प्रबंधन कि यह हड़ताल एक सोची समझी साजिश के तहत आपसी ताल में गढ़ -जोड़ के माध्यम से आर्थिक लाभ प्राप्त करने के लिए की गई है /की जा रही है और अगे भी जारी रहेगी *शासन प्रशासन एवं अन्य जिम्मेदार एजेंसियों के जिम्मेदार यदि चाहे तो सिर्फ एक घंटे में इस समस्या का निदान संभव है! और सब जिम्मेदारों को पता है सब कोई जानते है किसी को बताने की आवश्यकता नहीं लेकिन यह सब जानबूझकर किया जा रहा है ।
सार्वजनिक परिवहन क्षेत्र के माध्यम से निम्न एवं मध्यम वर्गी आम यात्रियों को प्राप्त सुविधाओं से वंचित कर अप्रत्यक्ष रूप से सार्वजनिक परिवहन क्षेत्र के जुड़े हुए उच्च स्तर के निजी मोटर मालिकों को लाभ प्राप्त करना इस हड़ताल का मुख्य उद्देश्य है ।
इस वर्तमान समस्या का सबसे बेहतर निदान शहरी क्षेत्र ग्रामीण क्षेत्र तथा प्रदेश में मध्य प्रदेश सड़क परिवहन निगम की वाहनों का संचालन किया जाने का निर्णय सरकार को लेना चाहिए।
*मध्य प्रदेश सड़क परिवहन निगम को 2 जनवरी 2005 को बंद /परिसपन करने का निर्णय/ घोषणा तत्कालीन सरकार द्वारा की गई।
इसके बाद 30 जून 2010 में मध्य प्रदेश से सार्वजनिक क्षेत्र की संचालित वाहनों को जो सड़क परिवहन निगम के माध्यम से संचालित थी उक्त बसों को पूर्णता बंद कर दिया गया तब से लेकर आज तक सार्वजनिक परिवहन क्षेत्र की सुविधा निजी मोटर मालिकों के माध्यम प्रदेश में एवं प्रदेश के बाहरी क्षेत्र पड़ोसी राज्यों में दी जा रही है 2005 से लेकर अभी तक का सर्वजनिक क्षेत्र की परिवहन सुविधाओ का इतिहास देखा जाए तो दुर्घटनाएं आर्थिक एवं अन्य प्रकार की जो अनियमिताएं जो हो रही है वह सड़क परिवहन निगम के अस्तित्व के रहते कभी भी नहीं हुई यह भी एक विचारणीय प्रश्न है* ।
श्याम सुन्दर शर्मा 8989542896
