विवाद के बाद पहली बार भास्कर से बोले विधायक लोधी
शिवपुरी जिले की पिछोर सीट से बीजेपी विधायक प्रीतम सिंह लोधी करैरा एसडीओपी को धमकी देने के बाद पार्टी के निशाने पर हैं। केन्द्रीय नेतृत्व तक मामला पहुंचने के बाद बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने बुधवार को उन्हें नोटिस जारी कर 3 दिन में जवाब मांगा है।
इस नोटिस के बाद दैनिक भास्कर ने प्रीतम सिंह लोधी से उनके भोपाल में सरकारी आवास पर चर्चा की।

भास्कर: आपको पार्टी का नोटिस मिल गया, अब आपका जवाब क्या है?
प्रीतम लोधी: नहीं मिला, मैं अभी नोटिस लेने जाऊंगा।
भास्कर: सोशल मीडिया पर तो आपने नोटिस देख लिया होगा?
प्रीतम लोधी: सोशल मीडिया के माध्यम से मैंने देखा है।
भास्कर: आपने जो देखा है उसका जवाब क्या है?
प्रीतम लोधी: अभी मैं जाऊंगा, नोटिस हाथ में तो ले लूं फिर जवाब दूंगा।
भास्कर: 3 दिन में जवाब मांगा है इस मामले में आपका जवाब क्या है?
प्रीतम लोधी: अभी मुझे अध्यक्ष जी ने बुलाया है। उनसे नोटिस ले लूं, फिर परिवार में अपना जवाब दूंगा। फिर परिवार क्या निर्णय लेता है। मुझे क्या आदेश देता है उसके बाद मैं आगे काम करूंगा।
भास्कर: आपको ऐसा क्यों कहना पड़ा कि दस हजार लोग ले जाकर एसडीओपी के घर में गोबर भर दूंगा?
प्रीतम लोधी: अभी मुझे आगे चलने दो, मैं अभी जिस काम से आया हूं। मुझे अपना जवाब देने दो, उसके बाद हमारे पदाधिकारी बताएंगे कि मैंने क्या कहा है।
भास्कर: क्या पार्टी ने आपसे कहा है कि अब आगे कुछ मत बोलिए?
प्रीतम लोधी: परिवार बुलाएगा कुछ कहेगा तो परिवार का आदेश हम मानेंगे नहीं क्या? परिवार का आदेश मानना चाहिए।
भास्कर: क्या अब ये माना जाए कि इस तरह की आपकी ओर से कोई बयानबाजी नहीं होगी?
प्रीतम लोधी: पहले मुझे यह देख तो लेने दो कि परिवार मुझसे क्या मांगता, पूछता है?
विधायक लोधी से जुड़ा ये है पूरा विवाद
- एक्सीडेंट की घटना (16 अप्रैल, 2026)
गुरुवार सुबह करीब 7:30 बजे, शिवपुरी के करैरा में विधायक प्रीतम लोधी के बेटे दिनेश लोधी की तेज रफ्तार ‘थार’ (जिस पर ‘MLA’ लिखा था) ने बाइक सवार तीन लोगों और दो पैदल महिलाओं को टक्कर मार दी।
एक्सीडेंट के बाद दिनेश लोधी का एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें वह घायलों को ही फटकारते हुए कह रहे थे, “मैं हॉर्न और सायरन बजा रहा था, तुम लोग हट क्यों नहीं रहे थे?” पुलिस ने दिनेश लोधी के खिलाफ मामला दर्ज किया। विधायक प्रीतम लोधी ने शुरुआत में कहा कि कानून अपना काम करेगा और उन्होंने खुद पुलिस से केस दर्ज करने को कहा।
- पुलिस पूछताछ से विवाद की शुरुआत
करैरा के SDOP आयुष जाखड़ (IPS अधिकारी) ने दिनेश लोधी को पूछताछ के लिए बुलाया। पुलिस ने गाड़ी से अवैध सायरन और काली फिल्म हटवाई और ड्राइविंग लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की।
- MLA का बयान (19 अप्रैल)
रविवार को प्रीतम लोधी का एक वीडियो सामने आया जिसमें उन्होंने SDOP पर आरोप लगाया कि उन्होंने उनके बेटे को “करैरा में दोबारा न दिखने” और “राजनीति न करने” की चेतावनी दी है। लोधी ने खुलेआम SDOP को धमकी देते हुए कहा, “क्या करैरा तेरे बाप का है? मेरा बेटा फिर आएगा और चुनाव लड़ेगा, दम हो तो रोक लेना।”
- मामला बढ़ने पर दोबारा फिर दी धमकी (21 अप्रैल, 2026)
मंगलवार को प्रीतम लोधी ने एक और कड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि अगर SDOP ने 15 दिन में माफी नहीं मांगी या स्पष्टीकरण नहीं दिया, तो वह 10,000 लोगों को लेकर SDOP के बंगले का घेराव करेंगे और उसे गोबर से भर देंगे।
लोधी के बयान के बाद सोशल मीडिया और प्रशासनिक गलियारों में तीखी प्रतिक्रिया हुई। IPS एसोसिएशन ने भी इस व्यवहार पर आपत्ति जताई।
- बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष का नोटिस (22 अप्रैल, 2026 – बुधवार)
विधायक के लगातार आपत्तिजनक बयानों और एक लोक सेवक (IPS अधिकारी) को खुलेआम धमकाने को पार्टी ने “अनुशासनहीनता” माना। बुधवार को बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के निर्देश पर प्रीतम लोधी को कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice) जारी किया गया। उनसे 3 दिन के भीतर जवाब मांगा गया है कि उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों न की जाए।
पढ़िए विधायक ने SDOP को क्या कहा था ?
भाजपा विधायक प्रीतम लोधी ने एसडीओपी आयुष जाखड़ को धमकी दी। वीडियो में वे कह रहे हैं कि करैरा के एसडीओपी के बंगले को 10 हजार लोगों को ले जाकर गोबर से भरवा देंगे। मेरा मुक्का पहले ढाई किलो का था, अब यह ढाई सौ किलो का हो गया है। उन्होंने आगे कहा कि वे उन्हें बेचैन कर देंगे।
विधायक ने कहा कि वे एसपी से पूछना चाहते हैं कि उन्हें दिल्ली से निर्देश कौन भेज रहा है। क्या मोदी भेज रहे हैं, अमित शाह भेज रहे हैं या महाराज सिंधिया भेज रहे हैं? ऐसे निर्देश केवल उन्हें ही क्यों भेजे जा रहे हैं, जबकि भोपाल में पार्टी का नेतृत्व मौजूद है।
करैरा तेरे डैडी का नहीं है SDOP
इसके अलावा विधायक ने कहा था- ‘करैरा तेरे डैडी का नहीं है एसडीओपी’। करैरा आएगा और चुनाव भी लड़ेगा। अगर तेरे डैडी में दम हो तो रोक लेना। अधिकारी अपनी औकात में रहें और कानून के दायरे में काम करें। कानून हमें भी आता है।

