मिडिल ईस्ट में टेंशन, 18 को हज की पहली फ्लाइट

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दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक समागमों में शुमार हज यात्रा इस साल 18 अप्रैल से शुरू हो रही है, लेकिन इस बार माहौल कुछ अलग है। मध्य पूर्व में जारी तनाव, मिसाइल हमलों और अनिश्चित हालातों के बीच भी हज पर जाने वाले जायरीन के हौसले और आस्था में कोई कमी नहीं दिख रही। भोपाल से हज पर जाने की तैयारी कर रहे लोगों से बातचीत में एक बात साफ नजर आई डर से ज्यादा भरोसा है, और हालात से ज्यादा अहम है “बुलावा”। मध्य प्रदेश से इस साल हज कमेटी द्वारा 7116 लोग हज के लिए जा रहे हैं। वहीं प्राइवेट लोगों की संख्या को भी गिन लिया जाए तो प्रदेश भर से यह संख्या करीब 8 हजार के करीब होती है।

अगर वहां मौत लिखी है तो वो भी कबूल

तीसरी बार सऊदी अरब जा रहे कलीमुद्दीन सिद्दीकी इस बार पहली बार हज अदा करने जा रहे हैं। इससे पहले वे दो बार उमरा का सफर कर चुके हैं, लेकिन इस बार का सफर उनके लिए सिर्फ एक यात्रा नहीं, बल्कि जिंदगी का सबसे बड़ा मुकाम है। मौजूदा हालात, मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और लगातार आ रही मिसाइल हमलों की खबरों के बावजूद उनके इरादों में कोई डगमगाहट नहीं है। वे पूरे यकीन के साथ कहते हैं, “डर जैसी कोई चीज हमारे दिल में है ही नहीं। मौत तो एक सच्चाई है, जिसे कोई टाल नहीं सकता। अगर अल्लाह ने हमारी मौत वहां लिखी है, उस मुकद्दस जमीन पर, तो इससे बड़ी खुशनसीबी क्या हो सकती है। हम तो इसे भी अपनी किस्मत की नेमत मानेंगे। जिसने हमें इस सफर के लिए चुना है, वही हमारी हिफाजत भी करेगा। इंसान को अपने डर से नहीं, अपने ईमान से चलना चाहिए… और हमारा ईमान हमें रोकने नहीं, आगे बढ़ने का हौसला देता है।

भोपाल में हज हाउस।
भोपाल में हज हाउस।

हालात देख रहे हैं, लेकिन जज्बा कम नहीं हुआ

डॉ. शोएब अंसारी कहते हैं, “हमने हज की ट्रेनिंग ली है, अलग-अलग सेशन अटेंड किए हैं। पहले जब ट्रेनिंग ली थी, तब ऐसे हालात नहीं थे, लेकिन अब हमें यही बताया जा रहा है कि आप दुआ करें, अपने लिए भी और पूरी दुनिया में अमन के लिए भी। फ्लाइट्स के शेड्यूल बदलने की बातें सुनने में आ रही हैं, लेकिन अभी तक कोई ऑफिशियल अपडेट नहीं है। हम अपनी पूरी तैयारी में लगे हुए हैं।

वे आगे कहते हैं, देखिए, हम सब देख रहे हैं कि आसपास क्या हो रहा है, मिसाइलें, तनाव सब खबरें मिल रही हैं। लेकिन सच ये है कि डर का माहौल हमारे अंदर बिल्कुल नहीं है। ईमान हमें यही सिखाता है कि जो लिखा है वही होगा। अगर हमारा जाना लिखा है, तो हम जरूर जाएंगे। और अगर नहीं लिखा, तो कोई ताकत हमें वहां नहीं ले जा सकती।

डॉ. अंसारी अपने जज्बे को और साफ शब्दों में यूं बयान करते हैं, “अगर अल्लाह ने वहां मौत लिखी है हमारी, तो बहुत बेहतर है कि वो एक मुबारक जगह पर हो। उसने हमें इस सफर के लिए चुना है, तो वही हमारी हिफाजत भी करेगा। और अगर वहां मौत लिखी है, तो बेशक वो भी कबूल है। लेकिन सच कहूं तो दिल में डर बिल्कुल नहीं है।

नाज और कलीमुद्दीन सिद्दीकी जो कि 17 तारीख को प्राइवेट सिस्टम से हज के लिए रवाना हो रहे हैं।
नाज और कलीमुद्दीन सिद्दीकी जो कि 17 तारीख को प्राइवेट सिस्टम से हज के लिए रवाना हो रहे हैं।

बुलावा मिला है, डर की गुंजाइश नहीं

नाज, जो 17 मई को हज के लिए रवाना होंगी, लगातार टीवी और मोबाइल पर मिडिल ईस्ट के हालात देख रही हैं। चारों तरफ जंग, हमले और तनाव की खबरें हैं, लेकिन इन सबके बावजूद उनके दिल में कोई घबराहट नहीं है। बल्कि उनके अंदर एक अलग ही सुकून और यकीन नजर आता है। वे कहती हैं, “लोग तरह-तरह की बातें कर रहे हैं, डर जता रहे हैं, लेकिन सच तो ये है कि हर किसी को ये मुकद्दस बुलावा नहीं मिलता। हम सालों तक इंतजार करते हैं इस मौके के लिए, दुआ करते हैं कि एक बार बुलावा आ जाए। अब जब अल्लाह ने खुद हमें अपने घर बुलाया है, तो डरने का सवाल ही नहीं उठता। वहां जाना ही हमारी सबसे बड़ी खुशी है। आगे क्या होगा, ये इंसान नहीं तय करते, ये सब अल्लाह की मर्जी है।

अफवाहों से दूर रहकर करें तैयारी, ट्रेनिंग लगातार जारी

फैय्याज अहमद, जो मस्जिद बैतुल मुकर्रम सब्जी मंडी में इमाम-खतीब हैं और राज्य स्तर पर हज ट्रेनिंग से जुड़े हैं, उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि हाजियों को किसी भी तरह की अफवाहों या भ्रामक खबरों पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है। उनके मुताबिक हज यात्रा 18 अप्रैल से तय कार्यक्रम के अनुसार ही शुरू होगी और व्यवस्थाएं पूरी तरह सामान्य हैं। उन्होंने बताया कि भोपाल समेत आसपास के जिलों में लगातार ट्रेनिंग सत्र आयोजित किए जा रहे हैं, जहां हाजियों को न सिर्फ हज के अरकान और वाजिबात की जानकारी दी जा रही है, बल्कि सफर के दौरान जरूरी सावधानियों के बारे में भी समझाया जा रहा है। जामिया अबू तल्हा, मुकद्दस नगर, निजामुद्दीन कॉलोनी के साथ ही सीहोर और राजगढ़ में भी प्रशिक्षण दिया जा चुका है।

डॉ. शोएब अंसारी ।
डॉ. शोएब अंसारी ।

सेहत और सुरक्षा पर फोकस, हालात को लेकर न घबराएं

उन्होंने हाजियों को सेहत को लेकर भी सतर्क रहने की सलाह दी है। बताया गया है कि सऊदी अरब में गर्मी और लंबी पैदल दूरी को देखते हुए यात्रियों को अभी से रोजाना कम से कम 10 किलोमीटर चलने की आदत डालनी चाहिए। पर्याप्त पानी पीना, ऊर्जा देने वाले पेय लेना और धूप से बचाव के लिए छाता व सनग्लास रखना जरूरी है। मिडिल ईस्ट के मौजूदा हालात को लेकर उठ रही चिंताओं पर उन्होंने कहा कि हज यात्रा की व्यवस्थाएं अलग और सुरक्षित होती हैं, इसलिए घबराने की कोई जरूरत नहीं है। अगर आगे किसी तरह की स्थिति बनती है तो हज कमेटी की ओर से आधिकारिक दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे, फिलहाल सभी हाजियों को पूरी तैयारी और सुकून के साथ अपने इस मुकद्दस सफर की तैयारी में जुटे रहना चाहिए।

हज 2026: अब 48 घंटे नहीं, उड़ान से 24 घंटे पहले ही रिपोर्टिंग अनिवार्य

एमपी स्टेट हज कमेटी की सीईओ एवं सेक्रेटरी फरजाना गजाल।
एमपी स्टेट हज कमेटी की सीईओ एवं सेक्रेटरी फरजाना गजाल।

हज 2026 पर जाने वाले यात्रियों के लिए हज कमेटी ऑफ इंडिया ने बड़ा बदलाव करते हुए रिपोर्टिंग समय को लेकर नया सर्कुलर जारी किया है। अब मुंबई एंबार्केशन पॉइंट से यात्रा करने वाले हाजियों को अपनी उड़ान से 48 घंटे पहले नहीं, बल्कि सिर्फ 24 घंटे पहले हाज हाउस, मुंबई में रिपोर्ट करना होगा। जारी इस आदेश से यात्रियों को काफी राहत मिलेगी, क्योंकि पहले दो दिन पहले पहुंचने की बाध्यता के चलते उन्हें अतिरिक्त समय और खर्च उठाना पड़ता था। हज कमेटी ने सभी यात्रियों को सलाह दी है कि वे अपने घरेलू यात्रा कार्यक्रम इसी नए निर्देश के अनुसार तय करें, ताकि किसी तरह की असुविधा से बचा जा सके।

सुरक्षा और सुविधाओं के व्यापक इंतजाम

एमपी स्टेट हज कमेटी की सीईओ एवं सेक्रेटरी फरजाना गजाल ने बताया कि पवित्र हज यात्रा का संपूर्ण प्रबंधन भारत सरकार और सऊदी अरब सरकार के बीच हुए द्विपक्षीय अनुबंध के तहत किया जा रहा है। हज 2026 में मध्य प्रदेश राज्य हज कमेटी की ओर से 7101 यात्री देश के विभिन्न विमानतलों से रवाना होंगे, जबकि भारत के हाजियों की पहली उड़ान 18 अप्रैल 2026 से शुरू होगी। मध्य प्रदेश के हाजियों की रवानगी भी इसी दिन मुंबई विमानतल से प्रारंभ होगी। मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालात को देखते हुए दोनों देशों की सरकारों ने यात्रियों की सुरक्षा के लिए विशेष और व्यापक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं। इसके साथ ही हज हाउस भोपाल में 24 घंटे संचालित कॉल सेंटर (07552530139) 18 अप्रैल से शुरू किया जा रहा है, जहां हाजियों के परिजन कॉल कर जरूरी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।

जंग से मिडिल ईस्ट को ₹18 लाख करोड़ का नुकसान

यूनाइटेड नेशन डेवलपमेंट प्रोग्राम (UNDP) ने कहा है कि मध्य पूर्व में चल रहा युद्ध पूरे इलाके की अर्थव्यवस्था को बहुत बड़ा नुकसान पहुंचा सकता है। उनकी रिपोर्ट के मुताबिक यह संघर्ष अब सिर्फ कुछ देशों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए बड़ा संकट बन गया है।

  • रीजन की GDP 3.7% से 6% तक घट सकती है।
  • करीब ₹18 लाख करोड़ का नुकसान हो सकता है।
  • होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही 70% से ज्यादा घट गई।
  • तेल की कीमत करीब 120 डॉलर प्रति बैरल हो गई है।
  • 16 लाख से लेकर 36 लाख नौकरियों पर संकट।

भोपाल में 7 अप्रैल को हज ट्रेनिंग कैम्प हज यात्रा 2026 की तैयारियों के तहत भोपाल में 7 अप्रैल को रेतघाट स्थित वीआईपी रोड की मस्जिद माजी साहिबा में एक दिवसीय हज प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जाएगा। यह शिविर सुबह 9 बजे से शुरू होकर ईशा तक चलेगा। इसमें हज के अरकान, यात्रा की प्रक्रिया, स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां और जरूरी दिशा-निर्देश विस्तार से बताए जाएंगे, ताकि आज़मीन सही तरीके से हज अदा कर सकें। आयोजकों के अनुसार महिलाओं के लिए पर्दे के साथ अलग व्यवस्था भी की गई है।

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