अफसर के पैर पकड़े, नेताजी बोले-आप बजरंग बली के अवतार

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ये कैसी सफाई? उधर कचरा फेंका, इधर निकाला वैसे तो इंदौर को देश की सबसे स्वच्छ सिटी का तमगा हासिल है। कई सालों से साफ-सफाई में अव्वल है। लेकिन इसी साफ-सफाई के दौरान एक गजब का कारनामा सामने आया है।

दरअसल, एक वीडियो सामने आया है, जिसमें जेसीबी मशीनों की मदद से शहर की कान्ह नदी में सफाई की जा रही है। नदी में जमे कीचड़ और कचरे को बाहर निकाला जा रहा है। वहीं दूसरी ओर घाट पर सफाई कर रहे कर्मचारी नदी में ही कचरा फेंकते नजर आ रहे हैं।

अब लोग तंज कस रहे हैं। कह रहे हैं कि हमारा इंदौर यूं ही नहीं स्वच्छता का सरताज है। इसके लिए बहुत मेहनत करनी पड़ती है। कभी-कभी इधर से कचरा निकालना पड़ता है और दूसरी तरफ से कचरा डालना पड़ता है। नंबर वन का तमगा ऐसे ही नहीं मिला है। इसके लिए इस तरह से भी मेहनत करनी पड़ती है।

इंदौर में एक ओर कान्ह नदी में सफाई हो रही थी, दूसरी ओर कर्मचारी कचरा डाल रहे थे।
इंदौर में एक ओर कान्ह नदी में सफाई हो रही थी, दूसरी ओर कर्मचारी कचरा डाल रहे थे।

कुत्तों को ‘कुत्ता’ कहने पर भाजपा पार्षद को आपत्ति भोपाल में कुत्तों का आतंक खत्म नहीं हो रहा है। नगर निगम के बजट सत्र में कांग्रेस पार्षद ने जब इस गंभीर समस्या को उठाया, तो इसके समाधान के बजाय इस पर कॉमेडी होती नजर आई।

हुआ यूं कि जैसे ही कांग्रेस पार्षद ने अपनी बात रखी, उन्होंने कहा कि कुत्ते रातभर भौंकते हैं। गली-मोहल्लों और चौराहों पर बैठे रहते हैं। इससे लोग दहशत में हैं। कुत्तों से लोगों को निजात मिले, इसकी कार्रवाई कीजिए।

इस पर भाजपा के एक पार्षद खड़े हो गए। उन्होंने कुत्तों को ‘कुत्ता’ कहने पर ऐतराज जताया। भाजपा पार्षद ने कांग्रेस पार्षद से कहा कि आप ‘स्वान’ कहिए, ‘डॉग’ कहिए, ‘कुत्ता’ न कहिए। इस पर कांग्रेस पार्षद ने कहा- सॉरी, गलती हो गई। पार्षद की इस बात पर जमकर ठहाके लगे।

वैसे भोपाल में कुत्तों के आतंक का मुद्दा विधानसभा में भी उठ चुका है। वहां भी ऐसा ही वाकया हुआ था, जब कुछ सदस्यों ने कुत्तों को ‘कुत्ता’ कहने पर आपत्ति जताई थी।

भोपाल नगर निगम में भाजपा पार्षद ने कुत्तों को ‘कुत्ता’ कहने पर ऐतराज जताया।
भोपाल नगर निगम में भाजपा पार्षद ने कुत्तों को ‘कुत्ता’ कहने पर ऐतराज जताया।

नेता जी ने सिटी मजिस्ट्रेट को बना दिया ‘बजरंग बली’ खंडवा नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष दीपक मुल्लू राठौर ने सबके सामने सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर के पैर पकड़ लिए। उन्हें बजरंग बली का अवतार बता दिया। इस वाकये को देखकर हर कोई हैरान रह गया।

हुआ यूं कि शहर के एक क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई चल रही थी। स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया और बड़ी संख्या में कलेक्ट्रेट पहुंच गए। फिर क्या था, नेता प्रतिपक्ष को भी अपनी राजनीति चमकाने का मौका मिल गया। वे भी लोगों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंच गए।

स्थानीय लोगों के साथ मिलकर उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट के सामने लोगों की समस्याएं रखीं और कार्रवाई रोकने की मांग की। इस दौरान उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट के पैर पकड़ लिए। उन्होंने कहा- आप तो हमारे रक्षक हो, आप बजरंग बली के अवतार हो, आप बचा लो।

इस बात पर अधिकारी भी हंस दिए। उन्होंने उन्हें उठाया और कहा, चिंता मत करो। पब्लिक के गुस्से के बीच मिली ‘बजरंग बली’ वाली तारीफ के बाद अधिकारी ने फिलहाल कार्रवाई रोक दी है। वैसे आपको बता दें कि सिटी मजिस्ट्रेट का नाम भी बजरंग बहादुर है।

खंडवा में नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष ने सिटी मजिस्ट्रेट के पैर पकड़ लिए।
खंडवा में नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष ने सिटी मजिस्ट्रेट के पैर पकड़ लिए।

समर्थकों ने अजय सिंह को ‘सीएम की रेस’ में खींचा कांग्रेस की राजनीति में अचानक से एक्टिव हुए पूर्व नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस विधायक अजय सिंह चर्चा में आ गए हैं। उन्होंने हाल ही में ग्वालियर-चंबल से लेकर बुंदेलखंड तक का दौरा किया है। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से चर्चा की।

इस बीच हाल ही में वे सतना पहुंचे, तो उनके समर्थकों ने उनके लिए नारे लगाए। समर्थकों ने ‘राहुल भैया संघर्ष करो, हम तुम्हारे साथ हैं’ और ‘प्रदेश का मुख्यमंत्री कैसा हो, राहुल भैया जैसा हो’ नारे लगाए। इस दौरान अजय सिंह असहज नजर आए। उन्होंने अपना सिर पकड़ लिया। वे कार्यकर्ताओं को इस तरह के नारे लगाने से मना करते दिखे।

बता दें कि हाल ही में अजय सिंह ने इशारों-इशारों में अपना दुख भी जताया था। उन्होंने कहा कि मैं फुर्सत में हूं। मेरे पास कोई काम-धाम नहीं है, इसलिए दौरे कर रहा हूं।

हालांकि, उनके इस तरह दौरे करने पर जब उनसे सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा- अगर मैं पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए दौरा करूं, तो इसमें किसी को आपत्ति है क्या? हमारी पार्टी को तो आपत्ति नहीं है, आप क्यों पूछ रहे हो?

वहीं, उन्होंने यह भी साफ किया कि मेरी कोई दावेदारी नहीं है, न राज्यसभा के लिए, न किसी पद के लिए। बता दें कि अजय सिंह ने संकल्प भी लिया है कि जब तक एमपी में कांग्रेस की सरकार नहीं बन जाती, वे न साफा पहनेंगे और न ही माला पहनेंगे।

अजय सिंह के सामने लगे ‘प्रदेश का मुख्यमंत्री कैसा हो, राहुल भैया जैसा हो’ के नारे।
अजय सिंह के सामने लगे ‘प्रदेश का मुख्यमंत्री कैसा हो, राहुल भैया जैसा हो’ के नारे।

इनपुट सहयोग – ईश्वर सिंह परमार (भोपाल), कपिल राठौर (इंदौर), सावन राजपूत (खंडवा), प्रशांत द्विवेदी (सतना), राजेश चौरसिया (छतरपुर)

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