एमपी में ‘वर्किंग एज’ में हो रही मौत
मध्यप्रदेश में 60 साल से कम उम्र के मजदूरों की मौत के आंकड़ों ने सरकार की नींद उड़ा दी है। श्रम विभाग की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदेश में हर साल औसतन 60,000 से ज्यादा पंजीकृत श्रमिकों की मौत हो रही है । चौंकाने वाली बात यह है कि प्रदेश में औसत आयु करीब 67 वर्ष है, लेकिन बड़ी संख्या में मजदूर अपनी कार्यशील आयु (18 से 60 वर्ष) के दौरान ही दम तोड़ रहे हैं।
इस गंभीर स्थिति को देखते हुए श्रम विभाग के सचिव ने प्रदेश के सभी कलेक्टरों को पत्र लिखकर ‘निवारक स्वास्थ्य उपायों’ और जागरूकता के लिए 5 सूत्रीय कड़े निर्देश जारी किए हैं । 2024-25 के आंकड़े बताते हैं कि संबल योजना के तहत बड़ी संख्या में श्रमिकों की मौतों के बाद परिवारों को आर्थिक सहायता दी गई है।

संबल योजना: पारदर्शिता के लिए नया कदम
विभाग ने निर्देश दिया है कि अनुग्रह सहायता योजना (मृत्यु लाभ) के तहत स्वीकृत किए गए मामलों की जानकारी अब अनिवार्य रूप से ग्राम और वार्ड सभा की विषय सूची में शामिल की जाएगी । इससे योजना में पारदर्शिता बनी रहेगी और स्थानीय स्तर पर लोगों को जागरूक किया जा सकेगा।

