सनातन पर स्टालिन के बयान से भड़के भाजपा विधायक पाठक

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भाजपा विधायक संजय सत्येंद्र पाठक ने तमिलनाडु में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन के सनातन धर्म पर दिए बयान को लेकर कड़ी आपत्ति जताई है। कटनी जिले की विजयराघवगढ़ विधानसभा से भाजपा विधायक संजय पाठक ने एसपी को पत्र लिखकर उदयनिधि स्टालिन के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

13 मई 2026 को लिखे गए पत्र में संजय पाठक ने कहा कि उदयनिधि स्टालिन के बयान से करोड़ों हिंदुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। इससे समाज में रोष व असंतोष की स्थिति बनी है। इस तरह के बयान देश की सामाजिक शांति, एकता और अखंडता के लिए नुकसानदायक हैं। दरअसल उदयनिधि ने विधानसभा में सनातन धर्म को खत्म करने की बात कही थी।

बीएनएस की धाराओं में कार्रवाई की मांग

भाजपा विधायक संजय पाठक ने अपने पत्र में मांग की है कि उदयनिधि स्टालिन के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जाए। उन्होंने पुलिस से उनके सार्वजनिक भाषण, वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट की जांच कर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की अपील की है।

साथ ही भविष्य में किसी भी धर्म, संप्रदाय या समुदाय के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने वालों पर सख्त कार्रवाई की मांग भी उठाई है।

विधायक संजय पाठक ने उदयनिधि पर बीएनएस की धाराओं में केस दर्ज करने की मांग की है।
विधायक संजय पाठक ने उदयनिधि पर बीएनएस की धाराओं में केस दर्ज करने की मांग की है।

स्टालिन ने तमिलनाडु विधानसभा में दिया था बयान

उदयनिधि स्टालिन ने 12 मई 2026 को तमिलनाडु विधानसभा में बोलते हुए कहा था कि “सनातन धर्म, जो लोगों को बांटता है, उसे निश्चित रूप से समाप्त किया जाना चाहिए।” यह बयान विधानसभा के पहले सत्र के दौरान सामने आया, जिसके बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गया।

पहले भी दे चुके हैं विवादित बयान

इससे पहले सितंबर 2023 में चेन्नई में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उदयनिधि स्टालिन ने सनातन धर्म की तुलना डेंगू, मलेरिया और कोरोना जैसी बीमारियों से की थी। उन्होंने कहा था कि सनातन धर्म का सिर्फ विरोध नहीं, बल्कि उसे समाप्त किया जाना चाहिए। उस बयान पर देशभर में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई थीं।

उदयनिधि तमिलनाडु की राजनीति का बड़ा चेहरा, अब विपक्ष के नेता बने

कई बार अपने बयानों को लेकर विवादों में रहे उदयनिधि स्टालिन तमिलनाडु की राजनीति का बड़ा चेहरा माने जाते हैं। खासतौर पर सनातन धर्म को लेकर दिए गए उनके बयानों पर देशभर में राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं सामने आती रही हैं।

उदयनिधि स्टालिन एक बड़े राजनीतिक परिवार से आते हैं। उनके पिता एम.के. स्टालिन DMK के अध्यक्ष और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री हैं, जबकि उनके दादा एम. करुणानिधि तमिलनाडु की राजनीति के दिग्गज नेताओं में गिने जाते थे और कई बार मुख्यमंत्री रहे।

राजनीति में आने से पहले उदयनिधि स्टालिन तमिल फिल्म इंडस्ट्री में अभिनेता और फिल्म निर्माता के तौर पर सक्रिय रहे। वर्ष 2019 के बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखा। वे DMK युवा विंग के सचिव भी रह चुके हैं।

उनका जन्म 27 नवंबर 1977 को हुआ था। वे द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (DMK) पार्टी से जुड़े हैं और वर्तमान में तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष के नेता हैं। वे चेपॉक-थिरुवल्लिकेनी विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। इससे पहले वे 28 सितंबर 2024 से 10 मई 2026 तक तमिलनाडु के डिप्टी सीएम भी रह चुके हैं।

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