आधा MP हीट वेव की चपेट में
एमपी में रिकॉर्ड गर्मी का दौर शुरू हो गया है। बुधवार को मालवा-निमाड़ यानी, इंदौर और उज्जैन संभाग के शहरों में भीषण गर्मी पड़ी। छतरपुर के खजुराहो में पारा 45.4 डिग्री सेल्सियस रहा IMD (मौसम केंद्र) भोपाल की माने तो अगले 4 दिन तक प्रदेश का आधा हिस्सा लू की चपेट में रहेगा।
गुरुवार को इंदौर, उज्जैन, धार और रतलाम में तीव्र लू का ऑरेंज अलर्ट है। वहीं, इंदौर, उज्जैन-धार की रात में भी तापमान बढ़ा हुआ रहेगा। यहां वॉर्म नाइट की चेतावनी है। इस दौरान गर्म हवाएं चलेंगी। झाबुआ, आलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, नर्मदापुरम, देवास, सीहोर, शाजापुर, आगर-मालवा और राजगढ़ में भी लू चलेगी।
इन जिलों में तेज गर्मी रहेगी
गुरुवार को भोपाल, जबलपुर-ग्वालियर समेत बाकी हिस्से में भी तेज गर्मी पड़ेगी। इनमें शाजापुर, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर, निवाड़ी, भिंड, मुरैना, दतिया, श्योपुर, टीकमगढ़, छतरपुर में पारा 44 डिग्री के पार पहुंच सकता है।
12 शहरों में पारा 44 डिग्री के पार
प्रदेश में बुधवार को भीषण गर्मी के साथ आंधी-बारिश का दौर भी रहा। 12 शहरों में पारा 44 डिग्री के पार रहा। खजुराहो सबसे गर्म रहा। यहां अधिकतम तापमान 45.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शाम तक जबलपुर-सिवनी में बारिश हुई। वहीं, पांढुर्णा में ओले गिरे। कई जिलों में आंधी का दौर भी जारी रहा।
मौसम विभाग के अनुसार, खजुराहो के बाद रतलाम-धार सबसे गर्म रहे। रतलाम में तापमान 45.2 डिग्री और धार में 45 डिग्री सेल्सियस रहा। शाजापुर में 44.7 डिग्री, गुना में 44.6 डिग्री, श्योपुर-सागर में 44.4 डिग्री, खरगोर-रायसेन में 44.2 डिग्री, खंडवा में 44.1 डिग्री और दमोह में 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
प्रदेश के 5 बड़े शहरों में उज्जैन सबसे गर्म रहा। यहां तापमान 44.7 डिग्री रहा। भोपाल में 43.2 डिग्री, इंदौर में 43.6 डिग्री, ग्वालियर में 42 डिग्री और जबलपुर में तापमान 42.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
अगले चार दिन तक ज्यादा तपेगा एमपी
मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि अगले 4 दिन तक प्रदेश में तेज गर्मी पड़ेगी। जानकारी के अनुसार, इंदौर और उज्जैन संभाग के जिलों में गर्मी का असर ज्यादा रहेगा। इसलिए यहां ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर में भी लू की चेतावनी जारी की गई है। 17 मई तक आधे प्रदेश में अलर्ट है।


देखिए बुधवार को प्रदेश के मौसम की तस्वीरें…




मई के 13 दिन- 11 दिन गिरा पानी
प्रदेश में 30 अप्रैल से आंधी-बारिश का दौर शुरू हो गया था। लगातार 11 दिन यानी, 10 मई तक प्रदेश में बारिश हुई। कभी वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) का असर देखने को मिला तो कभी चक्रवात और ट्रफ का। इस वजह से मई के पहले सप्ताह में बारिश हुई।
11 मई को आंधी-बारिश का दौर थमा, लेकिन 12-13 मई को फिर से मौसम का मिजाज बदल गया। इस तरह मई के 13 में से 11 दिन आंधी, बारिश या ओलावृष्टि का असर रहा। गुरुवार को कहीं भी बारिश का अलर्ट नहीं है।
4 दिन ऐसा रहेगा मौसम…




दिनभर पर्याप्त पानी पीएं, ज्यादा देर धूप में न रहें
गर्मी बढ़ने पर मौसम विभाग ने बचाव की एडवाइजरी जारी की है। लोगों से दिनभर पर्याप्त पानी पीने और शरीर को हाइड्रेट रखने की अपील की गई है। कहा गया है कि दोपहर में ज्यादा देर धूप में न रहें। हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें। बच्चे और बुजुर्ग खासतौर पर ध्यान रखें।


मई में MP के 5 बड़े शहरों में ऐसा ट्रेंड
भोपाल में गर्मी के साथ बारिश होती है
भोपाल में मई में तेज गर्मी के साथ बारिश का ट्रेंड भी रहा है। 2016 में तापमान रिकॉर्ड 46.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। 2014 से 2023 तक हर साल मई में बारिश दर्ज की गई। 2021 और 2023 में 2 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। इस बार भी मई में बारिश का अलर्ट है।

इंदौर में 2023 में गिरा था 3 इंच पानी
इंदौर में मई में तापमान 46 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। मौसम विभाग के अनुसार, 31 मई 1994 को यहां रिकॉर्ड 46.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था। मई में मौसम बदलने के साथ बादल और बौछारें भी होती हैं। पिछले साल करीब 3 इंच बारिश हुई थी। 2014 से 2023 के बीच 9 बार मई में बारिश हुई।

ग्वालियर में 48 डिग्री के पार पहुंच चुका पारा
ग्वालियर में प्रदेश के अन्य बड़े शहरों की तुलना में ज्यादा गर्मी पड़ती है। 10 वर्षों में यहां तापमान एक बार 47 डिग्री और तीन बार 46 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। 30 मई 1947 को यहां रिकॉर्ड 48.3 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था।
मौसम में बदलाव के कारण मई में यहां बारिश भी होती है। 17 मई 1953 को 24 घंटे में सर्वाधिक 41.9 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई थी। 2023 में भी यहां ढाई इंच पानी गिरा था।

जबलपुर में 3 बार 45 डिग्री पार कर चुका तापमान
जबलपुर में 25 मई 1954 को तापमान रिकॉर्ड 46.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। 10 वर्षों में तीन बार पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार गया है। मई में यहां बारिश का ट्रेंड भी रहा है। 2014 से 2023 तक हर साल इस महीने बारिश हुई। 2021 में मई के दौरान 3 इंच से ज्यादा बारिश हुई थी, जबकि पिछले साल करीब 2 इंच पानी गिरा था।

उज्जैन में भी गर्मी, बारिश का ट्रेंड
उज्जैन में मई में गर्मी और बारिश दोनों का ट्रेंड रहता है। 22 मई 2010 को यहां तापमान रिकॉर्ड 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था। 2014 से 2023 के बीच एक बार पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार गया। हालांकि, पिछले साल तापमान 42.4 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा नहीं पहुंचा। मई में यहां बारिश भी होती है। पिछले साल करीब पौन इंच पानी गिरा था।

