डॉ. मोहन यादव बोले- पेड़-पौधे लगाने के लिए जमीन भी उपलब्ध कराऊंगा
पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के रोज पौधारोपण करने के संकल्प को मंगलवार को तीन साल पूरे हो गए। इस मौके पर उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से कहा कि गांवों में ट्री बैंक होनी चाहिए। जहां जाकर लोग पेड़-पौधे खरीद सके। वहीं, हर शहर में पर्यावरण मंच बनना चाहिए, जो सरकार के साथ काम करे।
इस पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ट्री बैंक के विचार पर काम शुरू कर इसे नीचे स्तर तक ले जाऊंगा। पेड़-पौधे लगाने के लिए भी जमीन उपलब्ध कराऊंगा। सिंगल यूज प्लास्टिक कम करने के विचार से भी मैं सहमत हूं और सोलर प्लांट से भी प्रभावित हूं।
मंगलवार को भोपाल के रवींद्र भवन में पर्यावरण सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन के पहले पूर्व सीएम ने नागरिकों के साथ स्मार्ट सिटी पार्क में 108 पौधे रोपे। शिवराज सिंह चौहान के साथ भास्कर समूह के एमडी सुधीर अग्रवाल ने भी स्मार्ट पार्क में पौधरोपण किया।

सम्मेलन में सभी एक-दूसरे के आग्रह पर आए
सम्मेलन में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आज अद्भुत दृश्य है। पर्यावरण सम्मेलन के लिए कोई निमंत्रण पत्र नहीं छपे। केवल एक-दूसरे से आग्रह किया गया। यहां जितने लोग अंदर हैं, उतने ही बाहर भी बैठे हैं। पर्यावरण विषय के लिए यह जागरूकता अभिनंदन है। ग्लोबल वार्मिंग क्लाइमेट चेंज की वजह से मौसम बदल रहा है। मौसम बदल रहा है कार्बन गैस के उत्सर्जन के कारण तापमान लगातार बढ़ रहा है। 2050 तक ग्लेशियर पिघल जाएंगे और जलस्तर बढ़ जाएगा। बाढ़ आएगी। इसीलिए क्लाइमेट चेंज से दुनिया भर में कई संकल्प हुए।
मैं जब मुख्यमंत्री था, मैं भाषण देता था पेड़ लगाओ पर्यावरण बचाओ। तभी मेरे मन में विचार आया कि केवल भाषण देते रहो तो काम नहीं चलेगा। खुद पेड़ लगाना पड़ेगा। इसलिए 19 फरवरी नर्मदा जयंती के दिन मैंने यह संकल्प लिया कि मैं रोज एक पेड़ लगाऊंगा। आज मैं मुख्यमंत्री को आवेदन करूंगा कि पेड़ लगाने के लिए जमीन उपलब्ध कराएं।
तीन संकल्प की कही बात
शिवराज सिंह ने अपने भाषण में तीन संकल्प की बात कही। पहला पेड़ लगाना-धरती बचाना, दूसरा ऊर्जा संरक्षण, तीसरा ग्रीन एनर्जी । कहा- पर्यावरण सम्मेलन पर संकल्प करें कि साल में एक पेड़ लगाए। दूसरी बात हम हमारे घर को सोलर की बिजली से रोशन करें। यह बहुत कठिन काम नहीं है, सरकार ने इसकी व्यवस्था भी की है। भोपाल यह निश्चित कर सकता है कि धीरे-धीरे सोलर एनर्जी पर चलेगा। वहीं, सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग ना हो इसका प्रयास करेंगे। अगर छोटे-छोटे कदम उठाएंगे तो धरती बचाने का काम आसान होगा और जनता को सरकार के साथ इस काम में आगे बढ़ाना होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा- जब तक जंगल, तब तक जीवन
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हम संस्कृति के पुजारी हैं। बिना वन के भगवान भी प्रसन्न नहीं होते। बिना वन का कैसा जीवन। उपवन ही जीवन हैं। कोई भी त्यौहार में आम के पत्तों के बिना काम नहीं होता। सनातन धर्म में यह रचना बनी है कि न्यूनतम संसाधन के साथ हमारे जीवन की शैली विकसित करें। हमारे इतिहास की चीज भी भोजपत्र पर लिखी होती है। जब तक जंगल, तब तक जीवन है। मैं शिवराज जी के फाॅर्मेट्री बैंक पर भी सकारात्मक विचार रखते हुए नर्सरी से यह काम शुरू कराऊंगा। इसे नीचे स्तर तक ले जाऊंगा, और पेड़ पौधे लगाने के लिए जमीन उपलब्ध कराऊंगा। सिंगल यूज प्लास्टिक कम करने के विचार से भी मैं सहमत हूं और सौलर प्लांट से भी प्रभावित हूं।
डिप्टी सीएम बोले- एक दिन-एक पेड़ से बचेगी धरती
डिप्टी मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने कहा- एक दिन-एक पेड़ से धरती बच जाएगी। समाज के लोग जब पेड़ लगाना शुरू करेंगे तो जनसंख्या के हिसाब से 1 दिन में कितने पेड़ लगेंगे इसका हिसाब भी नहीं लग पाएगा। प्रतिदिन 8 करोड़ पेड़ तो मध्य प्रदेश में ही लग जाएंगे। इसे जन आंदोलन बनाने की जरूरत है। शिवराज ने कहा कि रिन्यूएबल एनर्जी की तरफ जाना होगा। सोलर प्लांट और विंड पावर लगाना चाहिए। मैं प्रभावित हूं, सबसे पहले यह कदम मध्य प्रदेश में उठाया गया। रीवा में इसका आयोजन हुआ। लगातार पूरे देश में सोलर प्लांट लग रहे हैं। उसके लिए शिवराज सिंह चौहान, जो आधार दिया वह काफी महत्वपूर्ण था। हमारे लिए विकास जरूरी है लेकिन पर्यावरण बचाना भी उतना ही जरूरी है क्योंकि पर्यावरण नहीं बचेगा तो विकास नहीं बचेगा।

कमलेश दाजी पटेल: पेड़ से कंधा लगाकर ध्यान कीजिए निगेटिविटी खत्म होगी
स्पिरिचुअल लीडर कमलेश दाजी पटेल ने कहा- शिवराज सिंह चौहान और मैंने सिंहगढ़ की 3 महीना के अंदर सूरत बदल दी। वहां पर हमने पहले काम पानी बचाने का किया। जिसका फायदा आज अगल-बगल के कई गांवों को हुआ। जंगल बचाने का पहला काम मध्य प्रदेश में हुआ। यहां की पॉलिटिक्स और जनता का काफी सपोर्ट रहा है। जन अभियान द्वारा 52000 में से 42 हजार गांव में हमने काम किया। पेड़ से कंधा लगाकर ध्यान कीजिए सारी निगेटिविटी खत्म होगी।
पृथ्वी और प्रकृति हमारा साथ छोड़ रही: अनिल जोशी
पर्यावरण विद अनिल प्रकाश जोशी ने कहा- आज लोग आने वाली पीढ़ी के लिए फिक्स डिपाजिट कर रहे हैं। मकान बना रहे हैं। लेकिन, पर्यावरण नहीं बचा रहे हैं। मैं एक चीज का अनुरोध करता हूं, पृथ्वी और प्रकृति हमारा साथ छोड़ रही है तो उसे बचाएं। उन्होंने कहा कि मैं शिवराज सिंह को पूर्व मुख्यमंत्री नहीं कहूंगा क्योंकि पूर्व तो पूर्ण होता है। वे आज मुख्यमंत्री के पद से भी बड़े हैं।

19 फरवरी 2021 को शिवराज ने लिया था संकल्प
नर्मदा जयंती के दिन 3 साल पहले 19 फरवरी 2021 को शिवराज सिंह चौहान ने पौधारोपण का संकल्प लिया था। पूर्व सीएम ने 1195 दिन में 3238 पौधे लगाए। अंकुर अभियान के तहत लाखों लोगों ने पौधारोपण किया।
16 से अधिक राज्यों में लगाए हैं 50 से अधिक पौधे
मध्यप्रदेश के अलावा, उत्तराखंड, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, गुजरात, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, त्रिपुरा, कर्नाटक, पुडूचेरी, उड़ीसा, गोवा, गुजरात, केरल में भी पौधारोपण किया। देश की प्रमुख हस्तियों के साथ भी पौधारोपण किया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सहित कई राष्ट्रों के राष्ट्रपतियों के साथ में पौधे लगाए हैं। प्रवासी भारतीय सम्मेलन और इंवेस्टर्स मीट के दौरान अन्य देशों के प्रतिनिधियों ने भी पौधे लगाए थे।

