नए वर्ष पर नई कविता
नए वर्ष पर नई कविता
आप वर्ष भर खिले फूल से मुस्कुराएं
नव वर्ष की आपको हार्दिक शुभकामनाएं
नव वर्ष तुम दिखाओ कोई कमाल,
सस्ती हो जाए शकर और तुवर दाल
इस वर्ष सद्भावना के ऐसे फूल खिलें
आलू प्याज टमाटर सही दामों में मिलें
अब किचन में ना घुस पाये
महंगाई
जैसे गरीब के यहां गरीबी घर जवांई
नया साल हमें भ्रष्टाचारियों से बचाए
बिजली का बिल बिजली खर्च करने पर ही आए
नए वर्ष में दबे छुपे घोटाले खुल जाएं
जिन कपड़ों में दाग हैं वह धुल
जाएं
नए वर्ष में पुलिस भी ना बढ़ाए अपना वेट
कभी-कभी सीट बेल्ट तो कभी हेलमेट
आप वर्ष भर खुश रहें हंसे
किसी भी समस्या में न फंसे
आपको मिले यश प्रसिद्धि
सुख सफलता समृद्धि
नूतन वर्ष अभिनंदन तुम्हारा
यह साल गुजरे अच्छा हमारा
भूपेंद्र निगम ज्योतिषाचार्य
