उत्पादन लक्ष्य पूरा करने में भेल भोपाल यूनिट सभी यूनिटों में अव्वल : एसएम रामनाथन

भोपाल। भेल भोपाल के कार्यपालक निदेशक एसएम रामनाथन जी से जनसंवेदना संस्था के अध्यक्ष राधेश्याम अग्रवाल जी ने भेंटकर अपनी संस्था द्वारा चलाई जा रही
विभिन्न गतिविधियों के बारे में उन्हें जानकारी दी।
भोपाल। भेल भोपाल के कार्यपालक निदेशक एसएम रामनाथन ने बरखेड़ा स्थित नर्मदा अतिथि गृह में गत दिवस एक पत्रकारवार्ता को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कोरोना के समय हम थोड़ा लड़खड़ाए थे, लेकिन अब भेल लाभ के पथ पर बढ़ चुका है। अभी निजीकरण की कोई बात ही नहीं है। आर्डर की कोई कमी नहीं है। ट्रांसफार्मर, टरबाइन, ट्रैक्शन मोटर, हाइड्रो सहित अन्य उपकरण बड़े स्तर पर बनाए जा रहे हैं। इसी का नतीजा है कि वित्तीय वर्ष-2023-24 में 3,403 करोड़ रुपये का उत्पादन लक्ष्य पूरा करके भेल भोपाल कुल 17 यूनिटों में
नंबर एक पर आया है। इससे पहले ज्यादातर भेल की त्रिची यूनिट ही अव्वल आती थी। इस बार भोपाल यूनिट अव्वल रही है। यह बात भेल के कार्यपालक निदेशक एसएम रामनाथन ने भेल बरखेड़ा स्थित नर्मदा अतिथि गृह में पत्रकारवार्ता में कही। उन्होंने वित्तीय वर्ष-2024-25 के लिए अधिकारिक रूप से 4,275 करोड़ रुपये का उत्पादन लक्ष्य का एलान भी किया। इस दौरान उन्होंने कहा अभी निजीकरण की कोई बात नहीं है। रही बात टाउनशिप की तो अधिकतर कर्मचारियों ने अपने स्वयं के मकान खरीद लिए हैं, इसलिए भेल आवासों में कम ही कर्मचारी बचे हैं। फिलहाल नए आवास बनाने की कार्ययोजना नहीं है। उन्होंने कहा अब भेल में आर्डर की कमी नहीं है। 77,907 करोड़ रुपये के आर्डर मिल चुके हैं। इस बार भेल भोपाल यूनिट ने उत्पादन लक्ष्य पूरा करके 98 करोड़ रुपये का लाभ कमाया है। कोरोना के समय 2020-21 में घाटा हुआ था, लेकिन अब निरंतर लाभ हो रहा है। ल में स्थायी भर्तियां मुख्यालय स्तर पर निकलती हैं। कुछ दिनों पहले इंजीनियर व सुपरवाइजरों को अलग-अलग यूनिटों में खाली जगह के हिसाब से रखा गया है। भेल भोपाल में भी इंजीनियरों को पदस्थ किया गया है। ऐसा कुछ नहीं कि ठेका प्रथा को अधिक बढ़ावा दिया गया हो । भेल टाउनशिप में शुरुआत में 22 हजार कर्मचारी अपने परिवार के साथ रहते हैं। अब कर्मचारी व अधिकारी करीब पांच हजार होंगे।
