भोपाल की गंभीर तस्वीर
मंगलवारा इलाके की शराब दुकान अब इलाके की शांति के लिए खतरा बन चुकी है। रोज़ाना दुकान के बाहर भीड़ लगती है, लोग खुलेआम शराब पीते हैं और फिर झगड़े-हंगामे की स्थिति खड़ी हो जाती है। कई बार मौके पर जाकर सख़्ती करनी पड़ती है, लेकिन उसके बाद भी समस्या जस की तस बनी रहती है।
कानून बिल्कुल साफ़ है—दुकान से बाहर शराब पीना और भीड़ लगाना पूरी तरह से प्रतिबंधित है। अगर इसके बावजूद रोज़ाना यह नज़ारा सामने आ रहा है तो यह सीधे-सीधे नियमों की अनदेखी है। यह केवल एक स्थानीय समस्या नहीं, बल्कि सार्वजनिक व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला है।
अब ज़रूरी है कि जो अधिकारी इस व्यवस्था की निगरानी और नियंत्रण के लिए जिम्मेदार हैं, वे तत्काल संज्ञान लें और कठोर कदम उठाएँ। नियम किताबों में लिखे रहने से कोई फर्क नहीं पड़ता, असली फर्क तभी पड़ेगा जब उन्हें ज़मीन पर लागू किया जाए।
जनता की एक ही मांग है—ऐसी दुकानों के बाहर हो रही अव्यवस्था पर तुरंत रोक लगे और क्षेत्र में शांति बहाल हो।pathan
