गर्भवती को चारपाई पर लेकर 3 किमी चले

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रीवा में 9 माह की गर्भवती महिला को पानी भरे नाले में से खाट पर लिटाकर अस्पताल ले जाना पड़ा। गर्भवती रास्ते भर दर्द से कराहते हुए जोर से जोर से चीखती रही। लोगों ने बताया गया कि ऐसा रास्ता न होने की वजह से हुआ।

हालांकि गुढ़ के दूबी गांव के सरपंच का कहना है कि रास्ते के लिए 23 लाख 50 हजार रुपए स्वीकृत भी हो गए हैं। सड़क का काम जल्दी हो जाए इसके लिए विधायक को बुलाकर कार्यक्रम में 40 हजार खर्च करना पड़ा।

दरअसल 9 माह की गर्भवती रश्मि दहिया की तबीयत बुधवार दोपहर अचानक बिगड़ गई। आनन-फानन में प्रसव के लिए अस्पताल ले जाना था लेकिन एम्बुलेंस सड़क न होने की वजह से नहीं पहुंच सकी। हालत बिगड़ते देख परिजनों ने चारपाई में लिटाकर तीन किलोमीटर तक का सफर नाले और कीचड़ भरे रास्ते को पार करते हुए तय किया।

गर्भवती महिला काे खटिया पर लेटाकर ले जाया गया।
गर्भवती महिला काे खटिया पर लेटाकर ले जाया गया।

परिजन बोले- विधायक के कार्यक्रम में 40 हजार बर्बाद वहीं अब गर्भवती महिला के परिजनों और ग्रामीणों का कहना है कि जो 40 हजार रुपए सड़क के लिए विधायक के कार्यक्रम में खर्च कर पैसे की बर्बादी की गई। वही पैसे अगर सड़क में खर्च किए गए होते तो सड़क की स्थिति आज कुछ और होती।

बहरहाल जिस तरह से गर्भवती महिला को उफनाते नाले से पार कराने का वीडियो सामने आया है। वो बेहद ही खतरनाक है। ग्रामीणों का आरोप है कि जान बूझकर सड़क के निर्माण में देरी की जा रही है। जिससे उन्हें असुविधाओं का सामना करना पड़ता है।

महिला को ले जाते हुए लोगों को परेशान होना पड़ा।
महिला को ले जाते हुए लोगों को परेशान होना पड़ा।

महिला का सरपंच से सवाल पूछते हुए ऑडियो पूरे मामले में हमारे हाथ एक ऑडियो भी सामने आया, जिसमें एक गर्भवती महिला गांव के सरपंच से यह प्रश्न पूछ रही थी कि अब तक हमारी सड़क क्यों नहीं बनी। जिस पर सरपंच कहता है कि आपकी सड़क जल्दी बन जाए इसलिए 40 हजार रुपए खर्च कर विधायक तक को बुलाया था। लेकिन अब देरी हो रही है तो क्या करूं। गांव के सरपंच ने यह पुष्टि की कि एक कार्यक्रम में 40 हजार खर्च किए।

सरपंच बोले- वास्तव में सड़क खराब जब हमने सरपंच से जानना चाहा कि आपने गर्भवती महिला से विधायक के कार्यक्रम में 40 हजार खर्च होने की बात कही, क्या यह सही बात है। तो जवाब में सरपंच संजय सोधिया ने बताया कि

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हां विधायक जी को नहर किनारे कार्यक्रम कर केवल इसीलिए बुलाया था ताकि वो सड़क की स्थिति देख सके। पैसे तो नाश्ते पानी में ही खत्म हो गए।

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सरपंच का कहना है कि वास्तव में सड़क के खराब होने से लोग बहुत परेशान हैं। बरसात के मौसम में बड़ा गड्ढा हो गया है। अभी मिट्टी डलवाई थी तो वो भी बह गई। ग्रामीणों का निकलना भी मुश्किल है। लेकिन अब फाइल कलेक्टर कार्यालय में रुकी हुई है, पता नहीं किस कारण से रुकी हुई है। साढ़े 23 लाख रुपए स्वीकृत भी हो चुके हैं।

महिला बोली- जान जाने का रहता है खतरा स्थानीय महिला मानवती वर्मा ने बताया कि जिस तरीके से गर्भवती महिलाएं खराब सड़क की वजह से अस्पताल नहीं पहुंच पा रही हैं, वो बेहद ही दुर्भाग्यपूर्ण है। अस्पताल पहुंचने से पहले नाले में डूबकर ही जान न चली जाए। यह भी खतरा बना रहता है। अब भला क्या करें।

सरपंच ने उलाहना दी कि 40 हजार रुपए सड़क बनवाने के लिए आवभगत में लगा दिए। पर हम ग्रामीण पूछना चाहते हैं कि जो 40 हजार रुपए आपने विधायक के कार्यक्रम में आवभगत में लगवाए वो अगर सड़क में लगवाए होते तो आज स्थिति कुछ और होती।

पूरे मामले में कलेक्टर प्रतिभा पाल ने जांच के निर्देश दिए हैं। इसके साथ 24 घंटे के भीतर सड़क से संबंधित जांच रिपोर्ट मांगी है।

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