इंजीनियरिंग छात्र से नौकरी के नाम पर 3 लाख ठगे

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जबलपुर में इंजीनियरिंग के छात्र को रेलवे में नौकरी का झांसा देकर शातिर ठग ने सवा तीन लाख रुपए की ठगी कर ली। आरोपी ने पहले फर्जी इंटरव्यू और मेडिकल करवाया, फिर छात्र को पहनने के लिए वर्दी और फर्जी आईकार्ड भी दे दिया।

मामले का खुलासा तब हुआ जब छात्र रेलवे ऑफिस पहुंचा, जहां अधिकारियों ने बताया कि न तो कोई वैकेंसी है और न ही कोई नियुक्ति हुई है। पीड़ित आदर्श पटेल की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया।

पुलिस ने सोमवार देर रात करीब एक बजे घमापुर स्थित आरोपी राकेश सराठे के घर दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस को उसके घर से भर्ती प्रकोष्ठ से जुड़े कुछ दस्तावेज और WCRMS का आईकार्ड मिला है, जिसकी मदद से वह खुद को रेलकर्मी बताता था।

मंगलवार को पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने आरोपी को जेल भेज दिया है।

पुलिस ने आरोपी राकेश सराठे को घर से गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस ने आरोपी राकेश सराठे को घर से गिरफ्तार कर लिया है।

रिश्ते में छात्र का मामा लगता है आरोपी धनवंतरी नगर पुलिस चौकी क्षेत्र के भूकंप कॉलोनी में रहने वाले आदर्श पटेल की मां पीको-फॉल का काम करती हैं। आरोपी राकेश अक्सर सिलाई का काम देने के बहाने उनके घर आता-जाता था।

मार्च में वह आदर्श की मां से मिला और कहा कि जबलपुर मंडल के देवरी रेलवे स्टेशन में कॉमर्शियल विभाग में क्लर्क का पद खाली है, जहां वह आदर्श की नौकरी लगवा सकता है। इसके एवज में उसने 5 लाख रुपए की मांग की, यह कहकर कि पैसे अधिकारियों को देने होंगे।

रिश्ते में मामा लगने के कारण आदर्श और उसकी मां को कोई शक नहीं हुआ। उन्होंने तीन से चार किश्तों में सवा तीन लाख रुपए आरोपी को दे दिए। राकेश छात्र को मेडिकल टेस्ट के लिए रेलवे अस्पताल भी ले गया, जहां एक महिला से उसकी बात करवाई गई।

आरोपी ने छात्र को रेलवे का फर्जी आईडी कार्ड और वर्दी भी दी थी।
आरोपी ने छात्र को रेलवे का फर्जी आईडी कार्ड और वर्दी भी दी थी।

रेलवे गेस्ट हाउस में विजिट, मेडिकल कराया मार्च में दस्तावेज जमा करने के बाद से आरोपी राकेश सराठे छात्र को कभी रेलवे भर्ती प्रकोष्ठ, कभी रेलवे अस्पताल और कभी रेलवे गेस्ट हाउस ले जाता रहा, ताकि पूरी प्रक्रिया को असली जैसा दिखाया जा सके। उसने आदर्श को नीलांबरी गेस्ट रूम भी दिखाया और ट्रेनिंग के लिए एक फर्जी आईकार्ड और वर्दी दी, जिस पर “कंप्यूटर प्रकोष्ठ, पमरे, सिविल लाइंस” लिखा था।

इसके बाद आरोपी ने रेलवे अस्पताल बुलाकर आदर्श का मेडिकल करवाया। बाद में एक निजी अस्पताल में एक्स-रे भी कराया गया।

महिला को रेलवे अफसर बनने दिए 5 हजार रुपए आरोपी ने रेखा वर्मा नाम की महिला को रेलवे बोर्ड की अधिकारी बताकर छात्र से मिलवाया था।​​​​ पीड़ित की शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। सबसे पहले विजय नगर घड़ी चौक निवासी रेखा वर्मा को हिरासत में लिया गया।

उसने बताया कि वह राकेश के कहने पर खुद को रेलवे अधिकारी बताकर आदर्श से मिली थी। इसके बदले में उसे 5 हजार रुपए मिले थे। इसके बाद पुलिस ने आरोपी राकेश सराठे को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पर 2021 में इसी तरह ठगी करने का मामला दर्ज है।

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