भोपाल में शिक्षा विभाग कार्यालय में उस समय जमकर हंगामा देखने को मिला, जब बड़ी संख्या में पहुंचे अभिभावकों ने बाल भवन स्कूल और शिक्षा विभाग पर गंभीर आरोप लगाए
भोपाल में शिक्षा विभाग कार्यालय में उस समय जमकर हंगामा देखने को मिला, जब बड़ी संख्या में पहुंचे अभिभावकों ने बाल भवन स्कूल और शिक्षा विभाग पर गंभीर आरोप लगाए
अभिभावकों का कहना है कि बाल भवन स्कूल हर साल री-एडमिशन के नाम पर मोटी रकम वसूलता है और लगातार फीस बढ़ोतरी कर माता-पिता पर आर्थिक बोझ डाल रहा है। इतना ही नहीं, स्कूल द्वारा कोर्स और किताबें भी एक तय दुकान से खरीदने का दबाव बनाया जाता है
माता-पिता ने आरोप लगाया कि आरटीई के तहत बच्चों को मिलने वाली सुविधाएं भी स्कूल में नहीं दी जा रही हैं। उनका कहना है कि जब इस बारे में स्कूल प्रबंधन से सवाल किया गया तो जवाब मिला कि “हमारे यहां आरटीई लागू नहीं होता
अभिभावकों ने सीबीएसई नियमों के उल्लंघन का भी गंभीर आरोप लगाया। उनका कहना है कि सीबीएसई के फॉर्म-16 में स्पष्ट उल्लेख है कि यदि किसी बच्चे की सप्लीमेंट्री आती है तो उसे एक महीने के भीतर दो पेपर देने की अनुमति होती है, ताकि छात्र मानसिक और शारीरिक रूप से परीक्षा की तैयारी कर सके। लेकिन बाल भवन स्कूल ने कथित रूप से नियमों को दरकिनार करते हुए बच्चे के दो पेपर केवल दो दिन में ही करवा दिए
परिजनों का आरोप है कि लगातार दो दिन परीक्षा होने से बच्चा ना तो मानसिक रूप से तैयार हो पाया और ना ही शारीरिक रूप से, जिससे उसके भविष्य पर बुरा असर पड़ा
प्रदर्शन कर रहे अभिभावकों ने शिक्षा विभाग पर भी स्कूल प्रबंधन से मिलीभगत का आरोप लगाया और कहा कि शिकायतों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। अभिभावकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा
