नर्मदा में बेखौफ रेत माफिया

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नर्मदा नदी में अवैध रेत खनन एक बार फिर सुर्खियों में है। खनिज विभाग की लापरवाही और कथित संरक्षण के चलते खनन माफिया बेखौफ होकर नदी से लगातार रेत निकाल रहे हैं।

शनिवार सुबह का बताया जा रहा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें बड़ी-बड़ी नावों के जरिए खुलेआम रेत खनन होता दिखाई दे रहा है। वीडियो में दर्जनों नावें नदी के बीच सक्रिय नजर आ रही हैं, जबकि प्रशासन अवैध खनन रोकने के दावे कर रहा है।

जानकारी के मुताबिक खनिज विभाग ने नर्मदा नदी और हिरन नदी के कई घाटों की नीलामी की थी, लेकिन किसी भी ठेकेदार ने रुचि नहीं दिखाई। ऐसे में घाट खाली पड़े हैं और इसी का फायदा उठाकर रेत माफियाओं ने अवैध कब्जा जमा लिया है। जिन घाटों से शासन को राजस्व मिलना चाहिए, वहां अब अवैध तरीके से खनन किया जा रहा है।

21 सेकेंड के वीडियो में दिखीं दर्जनों नावें

सोशल मीडिया पर वायरल हुए 21 सेकेंड के वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि बड़ी नावों के जरिए नदी से रेत निकाली जा रही है। वीडियो में एक-दो नहीं बल्कि कई नावें एक साथ सक्रिय दिखाई दे रही हैं। दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो ग्राम घाना और ललपुर क्षेत्र का है।

मामले में जिला खनिज अधिकारी एके राय का कहना है कि विभाग द्वारा समय-समय पर कार्रवाई की जाती है। कई बार नाव, किश्ती और बोट भी जब्त की गई हैं। वायरल वीडियो सामने आने के बाद तत्काल टीम को मौके पर भेजा गया है।

नर्मदा बनी रेत माफियाओं की सबसे बड़ी कमाई का जरिया

जबलपुर के आसपास की नदियां, खासकर नर्मदा नदी, बालू रेत का सबसे बड़ा स्रोत मानी जाती हैं। इसके अलावा हिरन नदी और गौर जैसी छोटी नदियों से भी बड़े पैमाने पर रेत निकाली जाती है।

रेत का कारोबार लगातार मुनाफे वाला होता जा रहा है। पहले जहां मजदूर नदी के कम पानी वाले हिस्सों से हाथों से रेत निकालते थे, वहीं अब माफिया हाईटेक मशीनों और बड़ी नावों का इस्तेमाल कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि तिलवारा, बरेला, शहपुरा, चरगंवा और बरगी क्षेत्र में रेत माफियाओं ने बड़े स्तर पर नेटवर्क खड़ा कर लिया है।

कार्रवाई के दावे, लेकिन नहीं थम रहा अवैध खनन

जिले में अवैध खनन रोकने की जिम्मेदारी खनिज विभाग, माइनिंग कॉर्पोरेशन, राजस्व विभाग और पुलिस की है। इसके बावजूद अवैध खनन थमने का नाम नहीं ले रहा। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कार्रवाई केवल औपचारिकता बनकर रह गई है और रेत माफिया लगातार नदी का दोहन कर रहे हैं।

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