हर महीने 2 से 3 बार मंदाकिनी शिर्डी पुरम गार्डन के आसपास झाड़ू लगाने कभी कभार दो-तीन कर्मचारी वह अपने ही हिसाब से झाड़ू लगा कर जाते हैं

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??????? नगर निगम भोपाल का धन्यवाद
हर महीने 2 से 3 बार मंदाकिनी शिर्डी पुरम गार्डन के आसपास झाड़ू लगाने कभी कभार दो-तीन कर्मचारी वह अपने ही हिसाब से झाड़ू लगा कर जाते हैं
जिससे उनको भी पता है कि भोपाल नंबर वन कभी जीवन में नहीं बना है जहां मोहल्ले में दो से तीन बार या चार बार झाड़ू लगाती हो वह भला कैसे नंबर वन बन सकता है हमारे भोपाल में अनेक मार्केट तो है सुबह शाम सफाई मित्र बहुत ईमानदारी से सफाई करते हैं
संपूर्ण भोपाल में ऐसा कुछ भी नहीं है
इस वजह से भोपाल नंबर वन हमारे भोपाल नगर निगम के दिल दिमाग मन में कुछ भी चीज नहीं है इसलिए हमें चिंता रहती है क्यों नहीं भोपाल नंबर वन बन सकता है
जनता चाहती है कि भोपाल नंबर वन बने हमेशा जागरूक रहती है
भोपाल राजधानी की जनता भरपूर तरीके से सहयोग करती है तन से धन से मन से और कर्मचारियों की वेतन तक जनता की सफाई व्यवस्था एवं हाउस टैक्स के नाम पर लिया जाता है और जनता बराबर ईमानदारी से देना चाहती है और दे रही है
कचरा कलेक्शन गाड़ी प्रतिदिन आती है मुश्किल से महीने में 5 या 10 दिन नहीं आती होगी जिसे हर मोहल्ले में सीसीटीवी कैमरे के माध्यम से बराबर देखा जा सकता है
90% कर्मचारी बहुत ईमानदारी से कार्य करते हैं उनका बार-बार धन्यवाद देने का मन करता है उनकी ईमानदारी सीसीटीवी कैमरे में देखा जा सकता है जो हर गली मोहल्ले में लगे हुए हैं
कचरा गाड़ी के साथ चलने वाले हर पर आजकल जनता के साथ एक ही बात कहते हैं कि कमिश्नर साहब से मेरी शिकायत कर दो
समय पर कभी भी नहीं आते हैं कभी सुबह 10:00 बजे तो कभी 11:00 बजे तो कभी 12:00 बजे हां यह भी आप देख सकते हैं सीसीटीवी कैमरे में कई बार तो आते ही नहीं है
नगर निगम के अधिकारी कर्मचारी 90% अच्छे होने के बावजूद भी
शिर्डी पुरम गार्डन के आसपास कचरा उठाने वाली गाड़ी में जो हेल्पर चलता है 50% लोगों के यहां से कचरा लेता है
50% को मना कर देता है गले सूखे कचरे के नाम पर अपनी तानाशाही और अच्छे अधिकारी कर्मचारी की छवि खराब करने वाला शिर्डी पुरम गार्डन की कचरा कलेक्शन गाड़ी में चलता है
डंडा हाथ में लेकर और दिखावे के लिए खाना पूर्ति कर रहा है इसको तत्काल यहां से उठाया जाए इससे किसी भ्रष्ट अधिकारी ने इसको यहां रखा है ताकि जनता हमेशा शिकायत करते रहे नगर निगम की ऐसे अधिकारियों को भी हटाया जाए और ऐसे कर्मचारियों को भी कचरा उठाने के नाम पर जिला सूखा कचरा की आड़ बोल कर बात कर जनता से यह कहना चाहता है कि आपके घर से मुझे कचरा नहीं लेना है
जो की लोग बात प्लास्टिक की पॉलिथीन में अपना कचरा बांधकर उन्हें देते हैं तो उनका कहने का मतलब है की भाजी का कचरा अलग दो और सुख का कचरा अलग दो इस प्रकार की आड़ करके लोगों को परेशान कर रहा है
इसे तत्काल हटाया जाए इसकी जांच की जाए सबसे पहले 50% घरों के कचरा कलेक्शन करता है 50% आप सीसीटीवी कैमरे में देखा जा सकता है तत्काल इसकी उच्च स्तर पर जांच करें अन्यथा नगर निगम के मक्कार निकम्मी कर्मचारियों की शिकायत हमको उच्च स्तर पर करना पड़ेगा हमारा प्रदेश के मुख्यमंत्री महादेव जी एवं चीफ सेक्रेटरी महोदय और नगर निगम कमिश्नर महोदय और सांसद महोदय विधायक महोदय पार्षद महोदय महापौर महोदय हम आप सब से विनती करते हैं की निकम्मी मक्का कर्मचारी ने भोपाल कोलार रोड सर्वधर्म कॉलोनी मंदाकिनी शिरडीपुरम में जो कर्मचारी कचरा कलेक्शन के साथ चलता है वह हमारे बुजुर्ग महिला और घर वाले के साथ ठीक बर्ताव नहीं करता है
उसे तब तत्काल हटाया जाए जांच कर और उनके पीछे जो भ्रष्ट अधिकारी है उसे भी आविलम जांच कर कड़ी से कड़ी कार्रवाई कर इस वार्ड नंबर 82 से हटवाया जाए ताकि ऐसे कछुए के चला जैसे कार्य करने वाले व्यक्ति की आवश्यकता नहीं है भोपाल नगर निगम में जो भोपाल नगर निगम की छवि खराब कर कचरा कलेक्शन लेने में आना-कानी करता है जो इन्हें कचरा पॉलिथीन में बांधकर देते हैं
उसे लेने में नाटक कर रहे हैं ऐसे लोगों को तत्काल हटाया जाए नगर निगम को हम अपने घर के सामने बुलाने तक का टैक्स देते हैं ताकि सफाई होते रहें और मक्कार कर्मचारी कचरा लेने में भी आना-कानी कर रहे हैं 50% लोगों के घरों से कचरा लेते हैं 50% बाकी लोग भी टैक्स दे रहे हैं
उन पर ध्यान दिया जाए मक्कार कर्मचारियों को तत्काल हटाया जाए अन्यथा ऐसे मक्कार लोगों को तनख्वाह देकर जनता के साथ धोखा होगा जनता की घड़ी कमाई का पैसा नगर निगम को सफाई कचरा कलेक्शन के देती है जनता मक्कारी कर रहे हैं
ऐसे कर्मचारियों को हमारे क्षेत्र से तत्काल हटाया जाए 2 म‌ई 2024 11:30 गाड़ी आती है गाड़ी के साथ चलने वाला व्यक्ति कचरा लेने के वक्त कहता है कि गीला कचरा अलग सुखा कचरा अलग चाहिए ऐसा मैं नहीं लूंगा मेरी शिकायत आप कविता साहब को कर दो ऐसा क्यों कहा जहाज का विषय कचरा एक पॉलिथीन में बंधा हुआ था फिर उन्होंने क्यों कहा उसके दिमाग में क्या बात जांच का विषय आप मेरी शिकायत कमिश्नर से कर दो इसका मतलब कचरा नहीं लेना चाहता है और गुग्रह कर रहा है नगर निगम के अधिकारियों को जिससे अपनी साख बनाए रखें और जनता की शायद सुना नहीं चाहता है इसलिए सीसीटीवी कैमरे में देखें कितने बजे आते हैं और कौन-कौन इसे कचरा देते हैं और कहां-कहां से यह खुद लेता है
हम सब लोग उन्हें कचरा देने के लिए अपने काम धंधा छोड़ इनका इंतजार करते रहते हैं और कई बार यह गोल मार देते हैं कई बार समय पर नहीं आते हैं उनकी लापरवाही की वजह से नगर निगम की छवि खराब हो रही है लापरवाह कर्मचारियों बिल्कुल नहीं चाहिए

EKTA

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