मध्य प्रदेश शासन के नाम #खुला_पत्र
माननीय मुख्यमंत्री महोदय मध्य प्रदेश शासन के नाम #खुला_पत्र।
श्री मोहन यादव जी
माननीय मुख्यमंत्री, मध्यप्रदेश शासन
मुख्यमंत्री कार्यालय, वल्लभ भवन, भोपाल
विषय: भ्रष्टाचार में दोषसिद्ध अपराधी राकेश खजूरिया को तहसीलदार एवं राजस्व न्यायाधीश जैसे संवेदनशील पद पर पदस्थ किए जाने पर गहरी आपत्ति एवं तत्काल कार्रवाई हेतु खुला पत्र।
महोदय,
शासन द्वारा प्रदेश में “भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस” की नीति घोषित की गई है, जो एक सराहनीय व जनता की आकांक्षाओं के अनुरूप कदम है। किंतु इस नीति की साख उस समय प्रश्नचिह्नों में घिर जाती है, जब एक दोषसिद्ध भ्रष्ट अधिकारी को न्याय से जुड़े पद पर पुनर्नियुक्त कर दिया जाता है।
मैं, प्रशांत मिश्रा, पत्रकार, इस पत्र के माध्यम से आपका ध्यान एक अत्यंत गंभीर प्रकरण की ओर आकर्षित कराना चाहता हूं — भ्रष्ट तहसीलदार राकेश खजूरिया के मामले में।
प्रकरण का संक्षिप्त विवरण:
1. राकेश खजूरिया को वर्ष 2012 में लोकायुक्त पुलिस ने एक प्रकरण में रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था।
2. इसके पश्चात विशेष न्यायालय ने वर्ष 2016 में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम एवं भारतीय दंड संहिता की धाराओं में दोषी मानते हुए प्रत्येक धारा में तीन-तीन वर्ष का कठोर कारावास एवं अर्थदंड की सजा सुनाई।
3. उक्त सजा को माननीय उच्च न्यायालय ग्वालियर खंडपीठ ने फिलहाल स्थगित कर रखा है, किंतु यह स्थगन आदेश सजा की समाप्ति नहीं है — आरोपी अब भी दोषसिद्ध अपराधी बना हुआ है।
4. आश्चर्यजनक रूप से, ऐसा व्यक्ति पुनः न केवल तहसीलदार जैसे प्रशासनिक पद पर नियुक्त किया गया है, बल्कि वह वर्तमान में शुजालपुर में राजस्व न्यायाधीश के रूप में कार्य कर रहा है।
एक अपराधी, न्याय का वितरण कैसे कर सकता है?
यह न केवल राजस्व न्यायिक प्रक्रिया की गरिमा को ठेस पहुंचाता है, बल्कि प्रदेश शासन की भ्रष्टाचार विरोधी नीति को भी मज़ाक बना देता है।
ऐसा प्रतीत होता है मानो शासन स्वयं अपराधियों को संरक्षण दे रहा हो।
आप प्रदेश के लोकप्रिय एवं दृढ़ इच्छाशक्ति वाले मुख्यमंत्री माने जाते हैं। जनता को आपसे अपेक्षा है कि आप अपने ही द्वारा घोषित “Zero Tolerance” की नीति को निष्पक्ष रूप से लागू करेंगे।
अतः आपसे आग्रह है कि—
1. राकेश खजूरिया को तहसीलदार एवं राजस्व न्यायाधीश जैसे किसी भी न्यायिक/प्रशासनिक पद से तत्काल हटाया जाए।
2. उन्हें वरिष्ठ राजस्व कार्यालय या गैर-न्यायिक पदस्थापना पर अटैच किया जाए, जब तक कि वे स्वयं को न्यायालय में पूर्णतः निर्दोष सिद्ध न कर दें।
3. इस प्रकार की नियुक्तियों की जांच एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष निर्देश राज्य कार्मिक विभाग को प्रदान किए जाएं।
#मध्यप्रदेश की जनता ईमानदारी, पारदर्शिता और न्याय की आकांक्षी है। राकेश खजूरिया जैसे अपराधी व भ्रष्ट अधिकारी की वर्तमान पदस्थापना पूरे न्याय तंत्र के मुंह पर तमाचा है। कृपया तत्काल संज्ञान लेकर प्रदेश में प्रशासनिक शुचिता की पुनः स्थापना करें।
आपकी त्वरित कार्रवाई की प्रतीक्षा में,
भवदीय
प्रशांत मिश्रा
पत्रकार एवं संपादक – समता संदेश
#शुजालपुर, जिला #शाजापुर (म.प्र.)
मो: 9039300484
CM Madhya Pradesh
Dr Mohan Yadav
