T.I.T कॉलेज कांड में लापरवाही—थाना प्रभारी हेमंत श्रीवास्तव हटाए गए
T.I.T कॉलेज कांड में लापरवाही—थाना प्रभारी हेमंत श्रीवास्तव हटाए गए
भोपाल के बहुचर्चित T.I.T कॉलेज दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग प्रकरण में पुलिस की ढिलाई एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। मामले की गंभीरता के बावजूद कार्रवाई में शिथिलता बरतने पर अशोका गार्डन थाना प्रभारी हेमंत श्रीवास्तव को उनके पद से हटा दिया गया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, श्रीवास्तव की प्राथमिक रुचि केवल संपत्ति से जुड़े विवादों में थी और उन्होंने अपने थाने के कुछ कर्मियों को भी इसी दिशा में तैनात कर रखा था। बताया जा रहा है कि थाना क्षेत्र की एक महिला, आशिया बी, के साथ भी इसी प्रकार का अन्याय हुआ, जब बिना वैध दस्तावेज़ों के नाजिम नामक व्यक्ति को उनके मकान में जबरन प्रवेश दिलवाया गया।
संपत्ति विवाद के नाम पर न्याय की अनदेखी
जब पीड़िता आशिया बी ने उच्च अधिकारियों से शिकायत की, तो पुलिस ने कार्रवाई करने के बजाय उनके और उनके पुत्र के खिलाफ दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 107/116 के तहत मामला दर्ज कर दिया। पीड़िता का आरोप है कि उनके पास संपत्ति से जुड़े सभी वैध दस्तावेज़ मौजूद हैं, फिर भी पुलिस ने उनका पक्ष न सुनते हुए नाजिम को संरक्षण दिया। पूछताछ करने पर थाना पुलिस ने यह कहकर अपना पल्ला झाड़ लिया कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है, जबकि हकीकत में नाजिम ने केवल दावा किया था कि उस मकान में उसका हिस्सा है—कोई पुख्ता दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया। यह पूरा मामला पुलिस की कार्यप्रणाली और निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। CM हेल्पलाइन का भी अशोका गार्डन थाना पुलिस ने दुरुपयोग किया है आशिया बी की शिकायत को जिसे पुलिस ने यह कहकर कटवाने पर मजबूर कर दिया कि उनका उनका अधिकार मिलेगा जांच की जा रही है जल्द ही नाजिम पर मकान में जबरन कब्जा करने पर मामला दर्ज किया जाएगा लेकिन ना तो अभी तक आशिया बी को मकान मिला और ना थाना अशोका गार्डन से न्याय पुलिस उपायुक्त जोन 1 को भी शिकायत आशिया बी द्वारा की गई है लेकिन कई महीने बीत जाने के बाद भी अभी तक उस आवेदन पर अशोका गार्डन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की ना तो शिकायतकर्ता के बयान लिए और ना आरोपियों पर ठोस कार्रवाई हुई इससे यह संदेह होता है कि कब्जाधारी को संरक्षण दिया जा रहा है
