28 अप्रैल 2025 को नूतन 4 कृतियों के लोकार्पण समारोह आयोजित किया गया
28 अप्रैल 2025 को मेरी नूतन 4 कृतियों के लोकार्पण समारोह आयोजित किया गया। जिसमें डॉ. उमाशंकर पचौरी, राज्य सूचना आयुक्त अध्यक्ष के रूप में, डॉ. रामवल्लभ आचार्य वरिष्ठ गीतकार मुख्य अतिथि, डॉ. मोहन तिवारी आनंद सारस्वत अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। समारोह की अध्यक्षता कर रहे राज्य सूचना आयुक्त डॉ. उमा शंकर पचौरी ने कहा कि साहित्यकार अपने समय का युगद्रष्टा होता है। जो साहित्य की विभिन्न विधाओं के माध्यम से समाज और राष्ट्र के लिए मार्गदर्शक का कार्य करता है। डॉ. कमल किशोर दुबे ने भी साहित्य की विभिन्न विधाओं द्वारा समाज के प्रत्येक वर्ग को संदेश देने का महती कार्य किया है। विभिन्न विषयों पर उनके गीत, दोहे बहुत ही सकारात्मक संदेश देते हैं, तो व्यंग्य आलेख द्वारा उन्होंने सामाजिक, आर्थिक, राजनैतिक, प्रशासनिक एवं कानून व्यवस्था, मानवीय प्रवृत्तियों, पारिवारिक सरोकारों से सम्बंधित अनेक विषयों पर कलम चलायी है। “शालीनता का अपहरण” व्यंग्य द्वारा उन्होंने समाज में विलुप्त हो रहे विनम्रता एवं शिष्टाचार जैसे विषय पर तीखे प्रहार किए हैं। वहीं देवभूमि उत्तराखंड चारधाम यात्रा वृतांत पुस्तक यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ एवं बद्रीनाथ के बारे में बहुत ही रोचक एवं महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करती है। उन्होंने डॉ. कमल दुबे को भविष्य में अपने रचनाकर्म द्वारा हिन्दी साहित्य को समृद्ध करने एवं सामाजिक उत्थान के लिए कार्य करने हेतु अनुरोध एवं प्रोत्साहित किया।
समारोह के मुख्य अतिथि मध्यप्रदेश लेखक संघ के संरक्षक डॉ. रामवल्लभ आचार्य ने डॉ. कमल दुबे के रचना कर्म, उनमें प्रयुक्त भाषाशैली, कलापक्ष, विचार एवं भावपक्ष की सराहना करते हुए इन्हें समाज एवं राष्ट्रोपयोगी निरूपित किया। सारस्वत अतिथि एवं तुलसी साहित्य अकादमी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मोहन तिवारी “आनंद” ने डॉ. कमल किशोर दुबे के दोहों, गीतों, व्यंग्य आलेखों को उत्कृष्ट बताते हुए इन्हें जनोपयोगी बताया।
श्री ऋषि श्रृंगारी, वरिष्ठ गीतकार ने “मन के दर्पण में -गीत संग्रह” की समीक्षा, श्री अशोक चन्द्र दुबे “अशोक” ने “मानव पुष्प समान है-दोहा सप्तशती” की समीक्षा, श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव, वरिष्ठ व्यंग्यकार ने “शालीनता का अपहरण-व्यंग्य संग्रह” की समीक्षा एवं श्री विनोद कुमार जैन, वरिष्ठ साहित्यकार, अध्यात्मवेत्ता एवं चिंतक ने “असीम अलौकिक आनंदानुभूति – देवभूमि उत्तराखंड चारधाम यात्रा वृतांत”की समीक्षा प्रस्तुत की। इससे पूर्व मंचासीन अतिथियों एवं डॉ. कमल किशोर दुबे के सहपाठी मित्रों द्वारा उनका शॉल, श्रीफल एवं पुष्पहार से सम्मान किया गया। समारोह के प्रारंभ में मंचस्थ अतिथियों द्वारा माँ वीणापाणि की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर किया गया। स्वागत उद्बोधन बाल साहित्य एवं शोध संस्थान के अध्यक्ष श्री महेश सक्सेना जी द्वारा एवं आभार प्रदर्शन श्री सुनील चतुर्वेदी द्वारा प्रकट किया गया। समारोह में राजधानी की अनेक साहित्यिक संस्थाओं जिनमें मध्यप्रदेश लेखक संघ, तुलसी साहित्य अकादमी, अखिल भारतीय साहित्य परिषद भोपाल जिला इकाई की अध्यक्ष एवं उर्दू साहित्य अकादमी की निदेशक डॉ. नुसरत मेंहदी, साहित्य परिषद कब्पूर्व अध्यक्ष श्री राजेन्द्र क्षरम “अक्षर”, रामायण केंद्र के निदेशक डॉ. राजेश श्रीवास्तव, मध्य प्रदेश लेखिका संघ की अध्यक्ष श्रीमती कुमकुम गुप्ता, मेरे सहपाठी मित्र सर्वश्री श्रीराम शर्मा, सतीश व्यास, हरिप्रसाद थापक, दीपक सहारिया, मेरे सहकर्मी मित्रों में श्री मुकेश अवस्थी, सदस्य क्षेत्रीय रेल उपभोक्ता सलाहकार समिति, पश्चिम मध्य रेल, श्री सूबेदार सेवानिवृत्त जन सम्पर्क अधिकारी, मेरे स्वजन श्री दीपक उपाध्याय, घनिष्ठ मित्र श्री मधुकर पवार, विभिन्न साहित्यिक संस्थाओं से जुड़े हुए साहित्यकारों के साथ-साथ पत्रकारिता जगत के मित्रगण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
जिन साहित्यकार मित्रों, मेरे सहकर्मी एवं सहपाठी मित्रों, स्वजनों ने इस अवसर पर उपस्थित होकर मेरे कृतित्व को मान देकर, मेरा गौरव बढ़ाया, उन सभी के प्रति मैं हार्दिक आभार प्रकट करता हूँ।
