एमपी के शिवपुरी में लू, खजुराहो में पारा 41.4 डिग्री
मध्यप्रदेश में इस सीजन में पहली बार शिवपुरी में लू का असर देखा गया। गुरुवार को यहां दिन का पारा 40.2 डिग्री रहा, जो सामान्य से ज्यादा था। इस वजह से हीट वेव चली। वहीं, भोपाल, नर्मदापुरम, जबलपुर और शहडोल में सामान्य तापमान 2.5 डिग्री से अधिक रहा।
छतरपुर के खजुराहो में सीजन में पहली बार गुरुवार को पारा 41.4 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं, ग्वालियर और जबलपुर में 40 डिग्री के आसपास रहा। दमोह, गुना, शिवपुरी, सतना और सागर ऐसे शहर रहे, जहां 40 डिग्री या इससे अधिक दर्ज किया गया। हालांकि, अगले 2 से 3 दिन तक पारे में मामूली गिरावट हो सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिम और दक्षिण-पश्चिम से आ रही गर्म हवाओं की वजह से पिछले 3 दिन से तापमान में खासी बढ़ोतरी हुई है। निवाड़ी का पृथ्वीपुर और छतरपुर का खजुराहो सबसे गर्म है। शुक्रवार से कुछ शहरों में पारे में मामूली गिरावट देखने को मिल सकती है। हालांकि, सुबह से सूरज के तेवर तीखे देखने को मिल रहे हैं। भोपाल में सुबह से ही गर्मी का असर है।
इसलिए तेज गर्मी से थोड़ी राहत सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, गर्म हवा चलने की वजह से गर्मी का असर बढ़ा है। ग्वालियर, उज्जैन और भोपाल संभाग में दिन का तापमान बढ़ा रहा। अभी एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक्टिव है। हालांकि, यह प्रदेश से दूर है, लेकिन इससे हवा की रफ्तार बढ़ जाएगी और आने वाले दिनों में तापमान में मामूली गिरावट रहेगी।

इन शहरों में गर्मी का असर ज्यादा मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को कई शहरों में गर्मी का असर देखा गया। खजुराहो (छतरपुर) में 41.4 डिग्री, दमोह में 40.5 डिग्री, गुना, सतना-शिवपुरी में 40.2 डिग्री और सागर में पारा 40 डिग्री दर्ज किया गया। इसी तरह मंडला-टीकमगढ़ में 39.8 डिग्री, नर्मदापुरम में 39.6 डिग्री, रीवा में 39.4 डिग्री, शाजापुर में 39.3 डिग्री, सिवनी में 38.8 डिग्री, उमरिया में 38.7 डिग्री, मलाजखंड में 38.5 डिग्री, सीधी, धार-खरगोन में 38.4 डिग्री, बैतूल-रतलाम में 38.2 डिग्री, खंडवा में 38.1 डिग्री, नरसिंहपुर-नौगांव में 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 38.7 डिग्री, इंदौर में 37.6 डिग्री, ग्वालियर में 39.5 डिग्री, उज्जैन में 38 डिग्री और जबलपुर में पारा 39.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
सामान्य से ज्यादा पारा पिछले 3 दिन से प्रदेश में गर्मी का असर बढ़ा है। दिन में तीखी धूप खिल रही है। इस कारण लोग बचने के तरीके ढूंढते हैं। दूसरी ओर, कई शहरों में पारा सामान्य से 1 डिग्री से 4.5 डिग्री तक अधिक है।

अप्रैल में चलेगी लू पहले मार्च के आखिरी में प्रदेश में लू का असर रहने की संभावना थी, लेकिन वेस्टर्न डिस्टरबेंस के एक्टिव होने से अब अप्रैल में ही लू का असर रह सकता है। मालवा-निमाड़ यानी, इंदौर और उज्जैन संभाग के जिलों में लू का असर रहने की संभावना ज्यादा है। जिनमें रतलाम, उज्जैन, खरगोन, खंडवा, धार आदि शामिल हैं। मौसम विभाग के अनुसार, सामान्यतः दिन का तापमान 40 डिग्री से अधिक या सामान्य से 4.6 डिग्री तक अधिक हो तो हीट वेव यानी लू की स्थिति मानी जाती है।
अगले 2 दिन ऐसा रहेगा मौसम
- 28 मार्च: दिन-रात के तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट हो सकती है।
- 29 मार्च: इस दिन भी पारे में गिरावट रहेगी। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर में पारा 38 डिग्री के आसपास रह सकता है।
अप्रैल-मई में हीट वेव का असर ज्यादा बता दें कि मार्च से गर्मी के सीजन की शुरुआत हो जाती है। अगले 4 महीने तेज गर्मी पड़ेगी। मौसम विभाग ने मार्च से मई तक 15 से 20 दिन हीट वेव चलने का अनुमान जताया है। अप्रैल-मई में हीट वेव का असर ज्यादा हो सकता है। इस कारण 30 से 35 दिन तक गर्म हवा चल सकती है।
MP के 5 बड़े शहरों में मार्च में मौसम का ऐसा ट्रेंड…
भोपाल में दिन में तेज गर्मी के साथ बारिश भोपाल में मार्च महीने में दिन में तेज गर्मी पड़ने के साथ बारिश का ट्रेंड भी है। मौसम विभाग के अनुसार, मार्च महीने में गर्मी के सीजन की शुरुआत हो जाती है। इसके चलते दिन-रात के तापमान में बढ़ोतरी होने लगती है। आंकड़ों पर नजर डालें तो 30 मार्च 2021 को अधिकतम तापमान रिकॉर्ड 41 डिग्री पहुंच चुका है।
वहीं, 45 साल पहले 9 मार्च 1979 की रात में पारा 6.1 डिग्री दर्ज किया गया था। वर्ष 2014 से 2023 के बीच दो बार ही अधिकतम तापमान 36 डिग्री के आसपास रहा। बाकी सालों में पारा 38 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा है।

इंदौर में 41.1 डिग्री तक पहुंच चुका पारा इंदौर में मार्च से गर्मी का असर तेज होने लगता है। यहां दिन का पारा 41.1 डिग्री तक पहुंच चुका है, जो 28 मार्च 1892 को दर्ज किया गया था। 4 मार्च 1898 को रात में पारा 5 डिग्री सेल्सियस तक रहा था। 24 घंटे में करीब एक इंच बारिश होने का रिकॉर्ड है, जबकि पूरे महीने में दो इंच पानी गिर चुका है। मौसम विभाग के अनुसार, मार्च में 2 से 3 दिन बारिश होती है। कभी-कभी धूल भरी हवा की रफ्तार भी तेज होती है।

ग्वालियर में गर्मी, ठंड-बारिश का ट्रेंड मार्च महीने में ग्वालियर में गर्मी, ठंड और बारिश तीनों का ही ट्रेंड है। 31 मार्च 2022 को दिन का पारा रिकॉर्ड 41.8 डिग्री पहुंच गया जबकि 1 मार्च 1972 की रात में न्यूनतम तापमान 5.4 डिग्री रिकॉर्ड हो चुका है। साल 2015 में पूरे महीने 5 इंच से ज्यादा पानी गिरा। वहीं, वर्ष 12 मार्च 1915 को 24 घंटे में करीब 2 इंच बारिश हुई थी।

जबलपुर में मार्च की रातें रहती हैं ठंडी जबलपुर में मार्च में भी रातें ठंडी रहती हैं। पारा औसत 15 डिग्री के आसपास ही रहता है। वहीं, दिन में 36 से 40 डिग्री के बीच तापमान दर्ज किया जाता है। 31 मार्च 2017 को दिन का पारा 41.2 डिग्री सेल्सियस पहुंच चुका है जबकि 4 मार्च 1898 में रात का तापमान 3.3 डिग्री दर्ज किया गया था। यहां मार्च में मावठा भी गिरता है। पिछले 10 में से 9 साल बारिश हो चुकी है।

उज्जैन में दिन रहते हैं गर्म, 6 दिन बारिश का ट्रेंड भी उज्जैन में दिन गर्म रहते हैं। 22 मार्च 2010 को पारा रिकॉर्ड 42.5 डिग्री सेल्सियस पहुंच चुका है। वहीं, 1 मार्च 1971 की रात में न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री रहा था। पिछले साल दिन में तापमान 36 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा है।
उज्जैन में 2017 सबसे गर्म साल रहा था। मौसम विभाग के अनुसार, इस महीने बारिश भी होती है। एक दिन में पौने 2 इंच बारिश का रिकॉर्ड 17 मार्च 2013 का है।

